हिमाचल प्रदेश में परिवर्तन रैली के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह द्वारा दिया गया पूरा भाषण (16/02/14)

शिमला। 16 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष श्री सतपाल जी शक्तिऔर मेरे बहनों-भाइयों जिसे आप और सारा देश 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहता है, ऐसे आदरणीय नरेंद्र भाई मोदी, यहां के पूर्व मुख्यमंत्री श्री प्रेम कुमार धूमल जी, पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय शांता कुमार जी, राष्ट्रीय महासचिव श्री जगत प्रकाश नड्ढा जी, यहां के प्रभारी श्री बलवीरपुंज जी, यहां के सांसद और युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिय अनुराग ठाकुर, श्रीमति विमला कश्यप और ले.जन. यश.एस. कंवर। यहां उपस्थित मेरे सभी सम्मानित बहनों एवं भाइयों।

बहनों-भाइयों, मुझे यह कल्पना नहीं थी कि हिमाचल प्रदेश में किसी इतनी बड़ी सार्वजनिक सभा को मुझे संबोधित करने का अवसर प्राप्त होगा। जब कभी भी हिमाचल प्रदेश में किसी सार्वजनिक सभा को हमलोगों ने संबोधित किया है, 25 हजार, 50 हजार, 60 हजार, इससे अधिक की सार्वजनिक सभा को कभी भी संबोधित नहीं किया है। लेकिन आज जैसा जनसमूह को देखकर कह सकता हूं कि हिमाचल के पर्वत पर जनसागर अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं।

बहनों-भाइयों, यह हमारा हिमाचल प्रदेश कई ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ा हुआ प्रदेश है। आप जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला, ब्रिटिश इंडिया की हुकूमत के दौरान उनकी भी राजधानी हुआ करती थी। चाहे राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई ऐतिहासिक समझौते हुए हों, वह इसी हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए हैं। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि तिब्बत को स्वायत्ता देने का प्रश्न जब खड़ा हुआ था और यह हुआ कि किस स्थान की तलाश की जाए, जहां पर भारत, चीन व तिब्बत के प्रतिनिधि बैठकर समझौता कर सकें, तो इस समय इसी हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का चयन किया गया था। इसलिए मैं कह रहा हूं कि कई ऐतिहासिक समझौते का साक्षी है ये हिमाचल प्रदेश।

इतना ही नहीं, जब 1971 में हमारे भारत के सेना के जवानों ने पाकिस्तान के सेना के जवानों पर विजय प्राप्त की थी और 90,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बनाने में कामयाबी हासिल की थी तो उसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी और उस समय के पाकिस्तान के नेता जुल्फीकार अली भुट्टो के बीच वार्ता भी इसी शिमला में हुई थी। बहनों-भाइयों, कई ऐसे समझौते हो चुके हैं। लेकिन सचमुच मैं अगर 1971 की बात करूं जिसमें 90,000 से अधिक पाकिस्तान के सैनिकों को भारत ने छोड़ देने का काम किया था तो शायद उसी समय अगर इंदिरा जी ने पाकिस्तान को दो टूक शब्दों में यह कह दिया होता कि कश्मीर का वो हिस्सा जो पाकिस्तान में है, जिसे हम पाक अधिकृत कश्मीर कहते हैं, जब तक उसे पाक भारत को वापस नहीं करेगा, तब तक बंदी बनाए गए पाकिस्तान के 90,000 सैनिकों को रिहा नहीं किया जाएगा, तो शायद उसी दिन पाक अधिकृत कश्मीर के बारे में अंतिम फैसला हो गया होता। लेकिन मुसीबत यथावत बनी हुई है। पाकिस्तान के साथ बार-बार समझौते होते हैं, फिर भी पाकिस्तान बार-बार समझौतों को तोड़ता है। आज से कुछ महीनों पहले की घटना जिसकी जानकारी आपको समाचार पत्रों के माध्यम से, टीवी चैनलों के माध्यम से हुई होगी- पाकिस्तान के सेना कई बार सीज-फायर का वॉयलेशन ही नहीं करते हैं, बल्कि उनके सेना के जवान भारत के अंदर प्रवेश कर आते हैं और हमारे सेना के जवानों की हत्या कर देते हैं और पाकिस्तान के सेना के जवानों ने एक बार तो ऐसा दुस्साहस किया कि हमारी सीमा में घुसकर हमारे ही दो सैनिकों की हत्या कर दी। एक हमारे सेना के जवान की हत्या कर उसका शरीर कुचल डाला और दूसरे सेना के जवान का सिर धड़ से अलग कर उसका सिर पाकिस्तान साथ लेकर चले गए। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए थे। पाकिस्तान के खिलाफ एक लब्ज बोलने की जहमत प्रधानमंत्री ने नहीं उठाई। कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमति सोनिधा गांधी भी कुछ नहीं बोलीं। बार-बार भारत के मान-सम्मान-स्वाभिमान पर पाकिस्तान ने चोट पहुंचाई है, चीन ने चोट पहुंचाई है, लेकिन कांग्रेस की हुकूमत चुप्पी साधे बैठी रहती है। शायद उसे इस बात की जानकारी नहीं है कि जब-जब भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हुआ है, हमारे भारत के जवानों ने पाकिस्तान पर विजय हासिल की है और भारत की विजय पताका को फहराने का काम किया है। यदि हमारे सेना के जवानों का यह सरकार हाथ न बांधती, हमारे सेना के जवानों को खुली आजादी दे देती तो मैं दावे के साथ कहता हूं कि दुनिया के किसी देश की हिम्मत नहीं थी कि वो भारत की तरफ आंख उठाकर भी देखने की जुर्रत कर सके। एक बार हमारे सेना के जवानों को खुला हाथ देकर तो देखो। क्या हो गया है इस हुकूमत में ?

यही चीन हमारा पड़ोसी देश है। बहनों-भाइयों, पड़ोसी देशों के साथ हम बेहतर रिश्ते चाहते हैं। हम उनके साथ रिश्ते न तोड़ना चाहते हैं, न बिगाड़ना चाहते हैं। पाकिस्तान भी बार-बार सीज फायर का वॉयलेशन करता है। कभी यह मान लेता है कि कश्मीर घाटी का हिस्सा भारत का हिस्सा नहीं है, यह चीन का हिस्सा है और कश्मीर से जाने वाले नागरिकों को नत्थी किया हुआ वीजा जारी करता है। अरुणाचल प्रदेश के बारे में भी कहता है कि यह भारत का हिस्सा नहीं है। अरुणाचल चीन का हिस्सा है, कहकर उसे भी नत्थी किया हुआ वीजा जारी करता है। क्या हो गया है हमारी इस कांग्रेस की सरकार को ? और हमारे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी 23 अक्टूबर 2013 को चीन की राजधानी बीजिंग जाते हैं और बीजिंग के साथ एक बोर्डर डिफेंस कॉपरेशन एग्रीमेंट कर डालते हैं और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि चीन ने भारत के साथ जो समझौता किया है वो कितना शर्मनाक है कि यदि चीन की सेना के जवान भारत में घुस आते हैं तो भारत के सेना के जवान उन्हें पीछे खदेड़ेगा नहीं, बल्कि शांतिपूर्वक बैठा रहेगा। उनसे आरजू-मिन्नत करेगा कि आप वापस चले जाइए। क्या हो गया है कि हमारी इस सरकार को ?

भारत जनसंख्या की दृष्टि से दूसरा सबसे बड़ा देश है। और मैं कह सकता हूं कि हमारी सेना के जवानों के पास जो ताकत है, कूव्वत है, शायद ही दुनिया में किसी और के पास वो ताकत-कूव्वत होगी। लेकिन इस कांग्रेस की सरकार ने हमारी सेना के जवानों का हाथ बांधकर रखने की कोशिश की है। मैं तो यह कहता हूं कि क्यों नहीं अच्छे-अच्छे रक्षा के उपकरण हमारी सेना के जवानों को उपलब्ध करवाए जाते हैं ? बराबर आपने देखा होगा कि आजादी के 67 बरस गुजर जाने के बावजूद 55 वर्षों तक इस देश में अगर किसी ने अखंड हुकूमत किया है तो कांग्रेस ने किया है। लेकिन 55 वर्षों में कांग्रेस की हुकूमत ने यहां पर एक भी ऐसी डिफेंस फैक्ट्री नहीं खोली है जहां पर अच्छे किस्म के रॉकेट लाउंचर, रायफल्स या अन्य अच्छे किस्म के हथियार तैयार किए जा सकें। यह करने की जरूरत कांग्रेस की सरकार ने नहीं समझी ? जबकि हमारे यहां डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन भी है। एक से एक टेक्निक्स (तकनीकियों) का वह अनुसंधान करता है। यदि हम मंगल यान छोड़ सकते हैं तो हम अच्छे-अच्छे हथियार क्यों नहीं बना सकते हैं ? यह बात हमारी समझ में नहीं आती है। लेकिन मुझे पक्का भरोसा है। जैसा मैं अपने प्राइममिनिस्ट्रीयल कैंडिडेट (प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार) भाई नरेंद्र मोदी जी को जानता हूं, इनके कलेजे में जो ताकत है, उमंग है, भारतमाता की लाज बचाने के प्रति जो तड़पन है, उसे जानते हुए कह सकता हूं कि आपके सेना के जवानों के लिए हथियार की जरूरत को पूरा करने के लिए आपको अमेरिका के आगे हाथ नहीं फैलाना होगा, सारे हथियार भारत की फैक्ट्री में और वो भी स्वदेशी तकनीक से तैयार होंगे। यह मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं।

बहनों-भाइयों, भारत के अंदर हर प्रकार की क्षमता है। भारत के नौजवानों में वो योग्यता और प्रतिभा है। और हिमाचल प्रदेश का तो शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जिसके परिवार का कोई व्यक्ति सेना में काम नहीं करता होगा। मुझे याद है कि जब 1971 का भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ था तो उस समय 195 से अधिक नौजवान अगर कहीं से शहीद हुए थे तो केवल और केवल इस हिमाचल से हुए थे। वैसा कारगिल में हुआ था। अगर कहीं से अधिक नौजवान शहीद हुए तो इसी हिमाचल के नौजवान शहीद हुए थे। इस सच्चाई को भी मैं जानता हूं।

जहां तक रही बात हिमाचल प्रदेश की सड़कों के बारे में, अटल बिहारी वाजपेयी जी भारत के प्रधानमंत्री थे, तो उस समय उन्होंने लेह से लेकर मनाली, और वहां से लेकर दिल्ली तक एक ऑल वेदर रोड बनाने का फैसला किया था। उन्होंने यह कहा था कि कभी-कभी ऐसे हालात हो जाते हैं कि लेह की सड़कें छह-सात महीने तक बर्फ से ढंकी रहती हैं, लेकिन मैं आज समझता हूं कि उस सड़क के निर्माण की जो प्रगति होनी चाहिए थी, वो प्रगति नहीं हो पाई है। यह सड़क तो छोड़िए जिसकी सामरिक दृष्टि से प्रयोग की आवश्यकता है, आम सड़कों की बात को लीजिए तो भारत सरकार (यानी कांग्रेस की सरकार) इस सच्चाई को स्वीकार करती है कि 1980 से लेकर 2012 तक जितनी नेशनल हाइवे सड़कें- फोर लेन, सिक्स लेन… जितनी छह वर्षों तक अटल बिहारी वायपेयी जी के शासनकाल में बनी हैं, उसकी शेष केवल, उतनी ही सड़कें कांग्रेस के शासनकाल में बनी हैं। यानी छह वर्षों में हमने जितनी सड़कें बनाई हैं, कांग्रेस ने अपने 26 वर्षों के शासनकाल में उतनी सड़कें बनाई हैं।

यह कैसी हुकूमत चलाने वाली सरकार है। यहां पर भी हिमाचल की सरकार है। क्या आपको याद नहीं है पिछला विधान सभा चुनाव ? उस समय भी कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने आपको आश्वासन दिया था कि सेब पर आयात शुल्क बढ़ा दिया जाएगा, दुनिया के दूसरे देशों से जो सेब आता है, उस पर आयात शुल्क बढ़ा दिया जाएगा। आपको पूछना चाहता हूं कि आयात शुल्क बढ़ाया कि नहीं ? नहीं बढ़ाया। आज आपका सेब गोदामों में सड़ रहा है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से हिमाचल की जनता को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि यहां का किसान फल, फूल, सब्जी जो कुछ भी पैदावार करता है उसकी एक निश्चित आमदनी तय हो सके, यह सुनिश्चित करने के लिए हमलोगों ने एक फॉर्मूला निकाला है, उस फॉर्मूले का नाम है- फार्म इन्कम इन्श्योरेंस स्कीम- यानी फसल पैदा करने से पहले ही भाजपा ने एक ऐसी योजना बनाई है कि हम आपके खेत की आमदनी (मिनिमम इन्कम) पहले ही तय कर देंगे। यदि प्रति एकड़ आपको उतनी आमदनी नहीं होगी तो उसके लिए हमारा ये किसान जिम्मेदार नहीं होगा, बल्कि उसकी भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी, अथवा बीमा कंपनी द्वारा की जाएगी।

मैं देख रहा हूं- बड़ी संख्या में अगर कोई यहां मौजूद हैं तो नौजवान हैं। नौजवानों, आपके अंदर योग्यता, प्रतिभा, क्षमता की कमी नहीं है। यह भारत इस मामले में सौभाग्यशाली है कि सर्वाधिक 60 फीसदी से अधिक की आबादी कहीं पर है, तो वह भारत में है, और दुनिया के दूसरे देश में नहीं है। मैं देख रहा हूं कि हमारा नौजवान पढ़ाई-लिखाई करने के बाद, योग्यता, प्रतिभा व क्षमता को हासिल करने के बाद अपने मजबूत हाथों के लिए रोजगार के अवसर की तलाश को लेकर दर-दर की ठोकरें खा रहा है, लेकिन उसके हाथों को रोजगार का अवसर नहीं मिल पा रहा है। नरेंद्र भाई भी इस विषय पर काफी चिंतित हैं। वो कहते हैं कि हमारे देश के नौजवानों के पास जो योग्यता, प्रतिभा और क्षमताएं हैं, उनका सदुपयोग कैसे किया जाए। हमलोग विचार कर रहे थे। हमलोगों ने सोचा कि सभी को सरकारी नौकरी तो नहीं दी जा सकती है, लेकिन हमारा नौजवान यदि अपना उद्योग चलाना चाहता है, सेल्फ इम्प्लॉयमेंट (स्वरोजगार) यदि चलाना चाहता है तो क्यों न सरकार के द्वारा कम से कम ब्याज कर पर तीन-चार वर्षों के लिए कर्ज मुहैय्या करा दिया जाए, ताकि वह स्वतः ही अपना रोजगार खड़ा कर सकें। आज यहां पर हर प्रकार की संभावनाएं हिमाचल में है, बेरोजगारी की समस्या का समाधान निकालने के लिए। टूरिज्म को भी डिवेलप किया जा सकता है। फूड प्रोसेलिंग यूनिट्स लगाई जा सकती हैं। अन्य उद्योग भी हो सकते हैं, जो यहां पर स्थापित किए जा सकते हैं।

आज के अवसर पर ज्यादा न कहते हुए मैं हिमाचल की जनता से यही अपील करने आया हूं कि यह भीड़ जो यहां दिखाई दे रही है, जनसमूह जो अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं, केवल हिमाचल में नहीं देख रहा हूं, आप हिन्दुस्तान के किसी भी कोने में चले जाइए, जितनी भी रैलियां हुई हैं नरेंद्र भाई की देश के कोने-कोने में, सभी प्रदेशों के सभी स्थानों पर हमसे लोगों ने यही कहा कि साहब आजाद भारत के इतिहास में एक स्थान पर तो मैंने कभी ऐसा जनसमूह तो देखा ही नहीं, जैसा कि इस सार्वजनिक सभा में देखने को मिल रहा है। सारे देश की जनता यह परिवर्तन चाहती है। इसलिए मैं आप सबसे यही अपील करने आया हूं कि यह हिमाचल की भूमि देव-भूमि है और आप सभी जानते हैं कि देवता का आसन क्या होता है- कमल होता है। कमल कीचड़ में खिलता है। और सौभाग्य से कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का इतना कीचड़ कर दिया है कि अब उसमें कमल ही खिलना है और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बननी है। इसलिए मैं आपलोगों से एक आश्वासन चाहता हूं। आश्वासन देने को तैयार हैं ? आपकी नजर लोकसभा के प्रत्याशी के ऊपर नहीं होनी चाहिए, कमल के ऊपर होनी चाहिए। भारत के होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी पर होनी चाहिए। तो क्या मुझे हिमाचल की जनता यह भरोसा देगी कि चार के चार लोकसभा क्षेत्रों में वह भाजपा की विजय पताका फहराएगी। बहनों-भाइयों, जो आप लोगों ने भरोसा दिलाया है, उसे मैं अपने जेहन व दिल में संजोकर जा रहा हूं। मैं जानता हूं कि हिमाचल की जनता जो वचन देती है, उसे पूरा करके ही दम लेती है, चाहे उसे कितनी भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपना निवेदन समाप्त करता हूं।

 

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