भारत बने खेल की महाशक्ति – श्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली में आयोजित खेल संसद को सम्बोधित करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा सरकार बनने पर बनायेंगे नई राष्ट्रीय खेल नीति

 

अभी दिल्ली में संसद का सत्र चलते हुए आप लोग देख रहे हैं। भिन्न-भिन्न लोकसभा क्षेत्रों से चुनकर लोग आते हैं और उन्हीं को मिलाकर संसद का गठन होता है। लेकिन किसी भी राजनीतिक पार्टी को खेल का संसद, खिलाड़ियों का संसद आयोजित करते आप लोगों ने शायद पहले कभी नहीं देखा होगा। पहली बार इस काम को यदि कोई राजनैतिक पार्टी कर रही है तो वह भारतीय जनता पार्टी। आप सभी जानते हैं कि हिन्दुस्तान दुनिया का ऐसा देश है, जहां नौजवानों की आबादी 60-65 फीसदी से भी अधिक है। जिस देश में नौजवानों की संख्या इतनी अधिक हो, वह देश ओलंपिक या कॉमनवेल्थ गेम्स में एक या दो गोल्ड मेडल के लिए तरसता रहे, इससे बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती है?

मुझे याद है कि 2012 में जो ओलंपिक खेल हुए थे उसमें भारत को एक भी गोल्ड मेडल हासिल नहीं हुआ था। केवल छह मेडल हासिल हुए और इतने में ही हम लोगों में यहां खुशी मनाई। मैं मानता हूं कि आजादी के बाद शासन कर रही सरकारों ने अगर खेलों के विकास पर ध्यान दिया होता और खेलों, खिलाड़ियों को भी देश के मान-सम्मान और स्वाभिमान से जोड़ने का प्रयास किया होता तो भारत में नौजवान के अंदर जैसी क्षमता, प्रतिभा और कूव्वत को देखते मैं समझता हूं कि खेल की दुनिया में भारत इस विश्व का महाशक्ति बन सकता था। लेकिन इस ओर हुए अधिकांश सरकारों ने ध्यान नहीं दिया। हम भारत को विश्व की आर्थिक महाशक्ति बनाने की कोशिश तो करते हैं, लेकिन मैं मानता हूं कि आर्थिक महाशक्ति के साथ खेल के नजरिए से भी भारत महाशक्ति बने, यानी इकनोमिक सुपर पावर के साथ-साथ स्पोर्टिंग सुपर पावर भी बन जाए, इसके लिए भी पहल की जानी चाहिए।

आप जानते हैं कि गांवों में जब हम लोग छोटे-छोटे थे तो कहा करते थे कि पढ़ोगे, लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब। यह धारणा बच्चों के मन में पहले रहा करती थी। मैं मानता हूं कि इस खेल-कूद को भी मान-सम्मान के साथ जोड़ दिया जाए, रोजगार के साथ जोड़ दिया जाए तो गांव में यह पुरानी धारणा अपने-आप बदल जाएगी। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी भी इस बार 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए जो अपना विजन-डोक्यूमेंट्स तैयार कर रही हैं, हमारी भाजपा की सरकार आते ही हम खेल-कूद को लेकर क्या-क्या करेंगे, उन सारे बिन्दुओं पर हम अपने विजन डोक्यूमेंट्स में चर्चा करेंगे। हम अपने घोषणा-पत्र में भी यह तय करेंगे कि खिलाड़ियों व खेल-कूद को प्रोत्साहन देने के लिए क्या-क्या कदम हम उठायेंगे।

मैं यह मानता हूं कि खेल-कूद के क्षेत्र में निजी कंपनियों की भी भागीदारी बढानी चाहिए ताकि वह अधिक से अधिक पूंजी निवेश करें। आप जानते हैं कि बड़े कॉरपोरेट्स, उनके लिए सरकार कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी के माध्यम से सामाजिक कार्यों में निवेश करने के लिए प्रेरित करती है। हमारा कहना है कि हमारी भारत सरकार जहां कॉरपोरेट सोशल रेस्पॉन्सिबिलिटी के लिए कॉरपोरेट जगत को प्रेरित करती है वहां खेल-कूद को प्रोत्साहन देने के लिए कॉरपोरेट स्पोटर्स रेस्पॉन्सिबिलिटी के लिए भी कॉरपोरेट जगत को प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि वे अधिक से अधिक से अधिक पूंजी का निवेश करने के लिए प्रेरित हों। यह भी तय किया जाना चाहिए कि जो भी बड़ी कंपनियां या कॉरपोरेट खेल-कूद की दुनिया में निवेश करता है तो उन्हें इन्कम टैक्स में शत-प्रतिशत छूट मिलनी चाहिए, इसकी एक मुकम्मल व्यवस्था हो। स्वाभाविक तौर पर इस क्षेत्र में पूंजी निवेश में वृद्धि होगी।

मैं आप सबसे यही कहना चाहता हूं कि 2014 में लोकसभा का चुनाव है और आप सभी जानते हैं कि सारी राजनीतिक पार्टियां चुनाव के मैदान में उतर चुकी हैं। लेकिन जहां तक भारतीय जनता पार्टी का सवाल है और भारतीय जनता पार्टी ने जिन श्री नरेन्द्र भाई मोदी ने अपना प्राइममिनिस्ट्रियल कैंडिडेट तैयार किया है, वे इस समय चुनावी मैदान पर फ्रंट-फुट पर खेल रहे हैं, लेकिन वहीं पर कांग्रेस पार्टी बैक-फुट पर खेल रही है। बराबर कांग्रेस की तरफ से भारतीय जनता पार्टी पर बाउंसर डालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम कांग्रेस द्वारा फैंके बाउंसर को सीमा रेखा के पार पहुंचा रहे हैं। कांग्रेस अब बौखला गई है और इसी बौखलाहट में कांग्रेस लगातार भारतीय जनता पार्टी पर नो-बॉल फेंकने की कोशिश पर कर रही है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 2014 के चुनाव में किसी भी कीमत पर इस बार कांग्रेस को सफलता हासिल नहीं होगी, क्योंकि देश में जनता ने मन बना लिया है कि स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार अगर इस बार किसी की बननी चाहिए भारतीय जनता पार्टी की बननी चाहिए और श्री नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री बनना चाहिए। मैं आप सब खिलाड़ियों से भी यह निवेदन करूंगा कि खेल-कूद के साथ देश में सत्ता परिवर्तन और व्यवस्था परिवर्तन के लिए एक सक्रिय भूमिका का निर्वाह करें।

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