भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजनाथ सिंह द्वारा कोलकाता में ‘जन चेतना सभा’ के दौरान दिया गया पूरा भाषण (05/02/14)

भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष श्री राहुल सिन्हा और जिन्हें हम-आप सभी 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, ऐसे आदरणीय नरेंद्र मोदी जी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी श्री वरुण गांधी। सह प्रभारी श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा। राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री शाहनबाज हुसैन और संगीत की दुनिया के जाने-माने शख्सियत श्री बप्पी लहरी जी और हिन्दुस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के जाने-माने जादूगर श्री पीसी सरकार जी। यहां उपस्थित मेरे सभी सम्मानित बहनों एवं भाइयों।

बहनों-भाइयों, आज जैसी भीड़ मैं अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं तो मैं कह सकता हूं कि पश्चिम बंगाल में गंगा सागर के बगल में जन-सागर इस मैदान पर देखने को हमें मिल रहा है। इतनी बड़ी संख्या में इस पश्चिम बंगाल में लोग उपस्थित होंगे, इसकी हमें कल्पना नहीं थी। मैं पश्चिम बंगाल के इतिहास को अच्छी तरह से जानता हूं। यह बंग-भूमि है, जिसने भारत में एक नहीं बल्कि लाखों की संख्या में महापुरुषों व क्रांतिकारियों को जन्म देने का काम किया है। जो राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को हम गाते हैं, उसे बनाने वाला यदि कोई रहा है तो इसी पश्चिम बंगाल की मां की कोख से पैदा हुए ही महापुरुषों ने राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत बनाने का काम किया है। कौन भूल सकता है कि चैतन्य महाप्रभु को, स्वामी रामकृष्ण परमहंस को और स्वामी विवेकानंद को, जिन्होंने पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सांस्कृतिक पताका को फहराने का काम किया था। सचमुच यदि हमसे कोई पूछे कि भारत का पहला ग्लोबल यूथ कौन है तो मैं कहूंगा कि भारत का पहला ग्लोबल यूथ अगर कोई हुआ है तो उस ग्लोबल यूथ का नाम है- स्वामी विवेकानंद, जो पश्चिम बंगाल की मां की कोख से पैदा हुए थे। महर्षि अरविंद, रविन्द्रनाथ टैगोर, बंकीम चंद्र चटर्जी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, इन्हें कौन भूला सकता है। वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिन्होंने हिन्दुस्तान के नौजवानों का आह्वान करते हुए कहा था कि तुम मुझे खून दो, हम तुम्हें आजादी देंगे। बहनों-भाइयों, ऐसा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी अगर कोई पैदा हुआ तो पश्चिम बंगाल की मां की कोख से पैदा हुआ है। इसलिए ऐसी महान बंग-भूमि के संबंध में बस इतना ही कहना चाहूंगा कि बंगला एई पवित्र माटी को आमी प्रणाम जानाई।

बहनों-भाइयों, भारतीय जनता पार्टी का इस पश्चिम बंगाल के साथ एक अटूट रिश्ता रहा है। जिस विचारधारा को लेकर हम इस हिन्दुस्तान में भारतीय जनता पार्टी की राजनीति कर रहे हैं, इस विचारधारा का बीजारोपण करने वाला अगर इस हिन्दुस्तान में कोई है तो यह आप भी जानते हैं और सारा हिन्दुस्तान जानता है, वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हैं, जो इसी पश्चिम बंगाल की मां की कोख से पैदा हुए थे। स्वतंत्र भारत में पहली बार कांग्रेस का मुखर विरोध करने वाला यदि कोई नेता पैदा हुए तो इसी पश्चिम बंगाल की धरती के लाल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे, जिन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की और आज वही भारतीय जन संघ आगे बढ़ते-बढ़ते भारतीय जनता पार्टी का रूप धारण कर लिया है। और सारी हिन्दुस्तान की जनता का आशा और विश्वास है कि सचमुच इस भारत को महान भारत इस हिन्दुस्तान में कोई राजनीतिक पार्टी बना सकती है तो वह केवल और केवल भारतीय जनता पार्टी है। इसका श्रेय अगर किसी को जाता है तो इस धरती के सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जाता है। बहनों-भाइयों, आज पश्चिम बंगाल का व्यक्ति जम्मू-कश्मीर बिना परमिट के लिए जाता है, नॉर्थ इस्ट का कोई भी व्यक्ति बिना परमिट के जम्मू-कश्मीर जाता है तो उस परमिट की व्यवस्था को समाप्त करने के लिए उसका भी श्रेय यदि किसी को दिया जाना चाहिए तो वह भी इसी पश्चिम बंगाल के लाल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को जाता है। देश की अखंडता व एकता के लिए बलिदान देने का काम स्वतंत्र भारत में यदि किसी पहले राजनेता ने किया है तो इसी पश्चिम बंगाल के सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने किया है।

बहनों-भाइयों, पश्चिम बंगाल के इतिहास को आप भी जानते हैं। जब हमलोग छोटे थे तो यहां के बारे में कहा जाता था कि बंगाल जो आज सोचता है वह सारा भारत कल सोचता है। और मैं देख रहा हूं कि 35 वर्षों से लगातार यहां कम्यूनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्यूनिस्टों की हुकूमत थी। यहां की जनता ने 35 वर्षों के मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट के वर्चस्व को समाप्त किया। और पश्चिम बंगाल की जनता ने अगर फैसला कर लिया तो केरल से भी साम्यवादियों का पूरी तरह से सफाया हो गया और पूरे हिन्दुस्तान से साम्यवाद का सफाया होने वाला है। मुझे पूरा विश्वास है, जिस तरह पश्चिम बंगाल की जनता ने कम्यूनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के वर्चस्व को समाप्त किया है, तो 2014 के चुनाव में यह पश्चिम बंगाल की जनता कांग्रेस के वर्चस्व को भी समाप्त करेगी।

सीपीएम ने अपने 35 वर्षों के शासनकाल में पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर डाला है। बहनों-भाइयों, यही पश्चिम बंगाल है जहां के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में केवल एक राज्य़ का कंट्रीब्यूशन 24 परसेंट हुआ करता था, सीपीएम के शासनकाल में वह घटकर केवल चार फीसदी रह गया है। सारे बड़े-बड़े यहां के उद्योग धीरे-धीरे समाप्त हो गए। यहां के जूट उद्योग के बारे में तो हमसे भी ज्यादा आप जानते हैं। यहां के जूट उद्योग की चर्चा हिन्दुस्तान के कोने-कोने में होती है। लेकिन आज जूट उद्योग भी यहां पर समाप्त हो गया। हर इंडस्ट्री समाप्त हो गई। यदि सीपीएम ने किसी इंडस्ट्री की यहां पर शुरुआत की है तो केवल मर्डर-इंडस्ट्री की शुरुआत इस पश्चिम बंगाल में की है। खून-खराबा, लूट-खसोट यही चलता रहा। पश्चिम बंगाल में अगर लोकतंत्र को लूट-तंत्र में बदलने का काम अगर किसी राजनीतिक पार्टी ने किया है तो वह सीपीएम ने किया है।

मैं कोलकाता के बारे में जानता हूं। कोलकाता को ज्वाय ऑफ सिटी (आनंद की नगरी) कही जाती थी। लेकिन आज आए दिन कोलकाता के अंदर लूट-हत्या और बलात्कार की घटनाएं होती रहती हैं और नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो की रिपोर्ट है कि सर्वाधिक हत्या और अपरहण की घटनाएं हिन्दुस्तान के किसी राज्य में होती हैं तो पश्चिम बंगाल में होती हैं। इससे बड़ी चुनौती पश्चिम बंगाल की जनता के लिए और क्या हो सकती है ?

एक समय था कि भारत के कुल उत्पादन में पश्चिम बंगाल का कंट्रीब्यूशन 13 परसेंट हुआ करता था, लेकिन आज यह केवल सात परसेंट तक रह गया है। सारे हिन्दुस्तान में जितना विदेशी पूंजी निवेश (फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट) होता है, उसका केवल एक फीसदी विदेशी पूंजी निवेश पश्चिम बंगाल में होता है। कैसा होगा पश्चिम बंगाल का विकास ? इसका आप सहज ही कल्पना कर सकते हैं। लेकिन मैं बधाई देना चाहता हूं पश्चिम बंगाल की जनता को, 35 वर्षों के सीपीएम के सरकार को उसने कुचल दिया। टीएमसी की सरकार बन गई। ममता जी यहां की मुख्यमंत्री बन गई। मैं ममता जी से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल की जनता ने बहुत भरोसे के साथ परिवर्तन किया था, लेकिन सचमुच परिवर्तन का एहसास जितना और जिस तेजी के साथ पश्चिम बंगाल की जनता ने किया था, वह नहीं हो रहा है। मैं जानता हूं कि 2 लाख 26 हजार करोड़ रुपए का कर्ज यह पश्चिम बंगाल की सरकार के ऊपर है। 28 हजार करोड़ रुपए का भुगतान प्रति वर्ष राज्य सरकार को करना पड़ता है। राज्य सरकार की माली हालत को सीपीएम ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। पश्चिम बंगाल को खोखला कर दिया है। ममता जी ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की थी कि कम से कम तीन वर्षों के लिए राज्य सरकार की प्रतिवर्ष अदायगी को स्थगित कर देनी चाहिए, तो मैं तो कांग्रेस नेतृत्व यूपीए सरकार से कहना चाहूंगा कि जो हमारा ये पश्चिम बंगाल बड़े राज्यों में से है, यदि यहां की सरकार तीन महीने के लिए 28 हजार करोड़ की देनदारी स्थगित करने की मांग करती है तो इसे स्थगित कर देना चाहिए, ताकि यहां की गरीबी व बेरोजगारी की समस्या के समाधान के लिए कुछ आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

जब यहां सीपीएम की हुकूमत थी तो यहां गरीबों की संख्या 2 करोड़ के आस-पास थी, आज गरीबों की संख्या थोड़ी कम हुई है लेकिन गरीबों की संख्या जितनी कम होनी चाहिए, उतनी भी कम नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था के बारे में अब लोग कहते हैं कि यहां की अर्थव्यवस्था ऐसी हो गई है जैसी ग्रीस और यूनान की अर्थव्यवस्था हो गई थी। मैं कांग्रेस नेतृत्व यूपीए सरकार को याद दिलाना चाहता हूं कि ग्रीस या यूनान की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई थी तो पूरे यूपोरियन यूनियन ने मिलकर उसे बेलआउट पैकेज देने का काम किया था। इसलिए कांग्रेस नेतृत्व की यूपीए सरकार को यहां की टीएमसी सरकार को देखते हुए नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए यहां की जनता को भी कुछ न कुछ बेलआउट पैकेज देना चाहिए, ताकि यहां की जनता को कुछ राहत मिल सके और यहां की अर्थव्यवस्था में एक रिवायवल हो सके।

जहां कांग्रेस का सवाल है- बहनों-भाइयों, गैर-कांग्रेसी सरकारों के साथ कांग्रेस ने सदैव भेदभाव करने का काम किया है और भारत में अगर रीजनल इम्बैलेंस हुआ है तो इसी कांग्रेस की भेदकारी नीतियों की वजह से हुआ है। लेकिन मैं आप सभी को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जिस दिन नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे, उस दिन चाहे वह नॉर्थ हो या साउथ हो, चाहे ईस्ट हो, वेस्ट हो, चाहे नॉर्थ-ईस्ट हो, शेष नहीं बचेगा, जिसका एक समग्र विकास न हो।

आज आपसे एक ही अपील करने आया हूं बहनों-भाइयों, कांग्रेस ने देश को बर्बाद किया है, महंगाई बढ़ाई है, भ्रष्टाचार बढ़ाया है। सारे भ्रष्टाचारियों की चर्चा नहीं करना चाहता। लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि स्वतंत्र भारत में कांग्रेस ने जितने भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बनाए हैं, वह बेमिसाल है। शायद भविष्य में कोई यह कल्पना भी नहीं कर पाएगा। साढ़े पांच लाख करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार इस सरकार ने किया है और यह सिलसिला निरंतर जारी है। मैं उसके विस्तार में नहीं जाना चाहता।

मैं यहां पर बड़ी संख्या में बेरोजगार नौजवानों को देख रहा हूं। ये बेरोजगार नौजवान पढ़ाई-लिखाई करने के बाद अपनी प्रतिभा, क्षमता और योग्यता को रखते हुए रोजगार की तलाश में दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। लेकिन उसके हाथों को रोजगार का अवसर नहीं मिल रहा है। मैं नौजवान भाइयों, आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपने भारत माता के सपूत अटल बिहारी वाजपेयी की हुकूमत देखी है। उठाकर सरकारी आंकड़े देख लीजिए, नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन का आंकड़ा है कि अटल बिहारी वाजपेयी के छह वर्षों के शासनकाल में इस हिन्दुस्तान में छह करोड़ 70 लाख रोजगार के नए अवसर वृजित हुए थे, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व यूपीए सरकार के शासनकाल में 2004 से लेकर 2010 तक केवल 27 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इसलिए मैं आज सबसे अपील करने आया हूं और अपने किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल में किसानों की सबसे बुरी हालत है। किसानों को धान की, अपने गेहूं की, अपने आलू की, फल-फूल सब्जी की, जो उचित कीमत मिलनी चाहिए, वह कीमत नहीं मिल पा रही है। लेकिन आपको विश्वास दिलाना हूं कि जिस दिन हिन्दुस्तान में नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे, भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी, ऐ मेरे किसान भाइयों, खेत में बुआई के पहले ही आपके खेत की आमदनी तय कर दी जाएगी, ताकि आपको निश्चित रूप से उतनी आमदनी होती रहे। इसकी मुकम्मत व्यवस्था की जाएगी। वह योजना हमलोगों ने बनाई है। भारत सरकार का कृषि मंत्री रहते हुए वह योजना मैंने बनाई थी, वह योजना है- फार्म इन्कम इंश्योरेंस स्कीम। सरकार बनते ही वह योजना हम लागू करेंगे। हिन्दुस्तान के दूसरे राज्यों में किसानों को खेती-बाड़ी के कामकाज के लिए, जिन राज्यों में भी हमारी सरकारें हैं, हम एक फीसदी, दो फीसदी, शून्य फीसदी ब्याज दर पर कर्ज मुहैय्या कराने का काम कर रहे हैं। यह काम केवल भारतीय जनता पार्टी कर सकती है।

बेरोजगार नौजवानों को भी रोजगार के लिए कम इंटरेस्ट रेट पर कर्ज मिल सके, इसकी मुकम्मल व्यवस्था भी करने की भारतीय जनता पार्टी ने सोची है। आज तो मैं यही अपील करने आया हूं और आपसे अपील करने से पहले ममता जी से अपील करना चाहता हूं कि नंदीग्राम में किसानों का आंदोलन हुआ था, उस समय भी मैं भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष था, उस आंदोलन में मैं भी शिरकत करने आया था। हमारी भी गिरफ्तारी हुई थी। ममता जी चाहे जो कुछ भी हो, जिन किसानों की जमीन है, उनकी जमीन नंदीग्राम में वापस की जानी चाहिए, यह मैं आपसे मांग करने आया हूं। किसानों के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।

केवल एक अंतिम निवेदन करना चाहता हूं। पश्चिम बंगाल में कुछ विभाजनकारी ताकतें काम कर रही हैं। यहां पर समाज में विघटन और भेदभाव पैदा करके केवल सरकार बनाना चाहती हैं, लेकिन भाजपा राजनीति केवल सरकार बनाने के लिए नहीं करती, बल्कि समाज और देश बनाने के लिए भी राजनीति करती है।

जाकर कोई गुजरात को तो देखे। जिस गुजरात को लेकर, नरेंद्र भाई को लेकर कांग्रेस पार्टी शोर-शराबा मचाती है और यह कहती है कि गुजरात में अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय हुआ है। बहनों-भाइयों, नरेंद्र भाई के 12 वर्षों में एक बार केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई, दंगा हो गया। लेकिन 12 वर्षों में दोबारा कोई दंगा नहीं हुआ, उसका श्रेय भी अगर किसी को जाता है तो नरेंद्र भाई को जाता है। वहां के अल्पसंख्यकों के साथ भी नरेंद्र भाई ने कभी भेदभाव नहीं किया है। आज जाकर कोई पता लगा ले। पश्चिम बंगाल हो या अन्य राज्य हो, उन राज्यों के अल्पसंख्यकों की प्रति व्यक्ति आमदनी जो होगी, उससे कई गुणा अल्पसंख्यकों की प्रति व्यक्ति आमदनी अधिक होगी तो गुजरात में रहने वाले हमारे अल्पसंख्यकों की है। बहनों-भाइयों, इसलिए मैं ऐसा कह रहा हूं क्योंकि भारतीय जनता पार्टी जाति, पंथ, धर्म, मजहब, इसकी राजनीति करने वाली यह राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि यह इंसाफ और इंसानियत की राजनीति करने वाली पार्टी है।

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी प्रधानमंत्री के लिए एक ट्राइ एंड टेस्टेड (जांचे और परखे हुए) नेता को मैदान में उतारा है। उससे आप सभी अच्छी तरह परिचित हैं। मैं आप सबसे निवेदन करना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल का चुनाव केवल हमारी भारतीय जनता पार्टी नहीं लड़ेगी। आप सारे नौजवानों, माता एवं बहनों से यह अपील करना चाहता हूं कि यहां पर भाजपा अकेले नहीं बल्कि आप सभी जनता को मिलकर लड़ना होगा और कमल के फूल का झंडा लहराकर सभी निर्वाचन क्षेत्रों से सांसदों को संसद में भेजना होगा, तभी हम नरेंद्र भाई को भारत का प्रधानमंत्री बना सकते हैं।

बहनों-भाइयों, अंग्रेजी के अल्फाबेट को अगर देखिए तो पहले ‘एम’ आता है फिर ‘एन’ आता है। तो भारत में इस समय प्रधानमंत्री ‘एम’ माने ‘मनमोहन सिंह’ है, अगला प्रधानमंत्री होगा ‘एन’ माने ‘नरेंद्र मोदी’। इसलिए इतना ही अनुरोध आपसे हाथ फैलाकर कर रहा हूं कि पश्चिम बंगाल की सभी लोकसभा सीटों पर भाजपा का परचम लहराइए और 40 के 40 संसदीय क्षेत्रों में जितना अधिक से अधिक सांसद भेज सकते हैं, आप संसद में उन्हें भेजिए। हम भारत में साफ-सुथरी सरकार देंगे। एक ऐसी सरकार जो गुड गवर्नेंस दे सके। क्योंकि हमारे पास एक जांचा परखा नेतृत्व है जिसका नाम है – श्री नरेंद्र मोदी। यही अपील करते हुए अपना निवेदन समाप्त करता हूं।

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