Medical Professionals भारत की विकास यात्रा को मजबूती प्रदान कर रहे हैं: रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह

Text of RM’s speech at the Indian Medical Association’s Award ceremony in New Delhi.

देवियो और सज्जनो,

Indian Medical Association (IMA) द्वारा Organised इस Doctors’ Day Award Ceremony में, आप सभी के बीच आकर, मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। जब भी मुझे Medical Fraternity से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में आने का Invitation मिलता है तो मेरी पूरी कोशिश रहती है कि मैं उसमें ज़रूर जाऊँ।

अभी कुछ ही दिन पहले मुझे King George’s Medical University (KGMU), लखनऊ के Convocation Ceremony में शामिल होने और अपने Career की शुरुआत करने जा रहे Young Medical Professionals को संबोधित करने का अवसर मिला। उस अवसर पर मैंने उनसे इस बात पर चर्चा की थी कि उनके जीवन में Guiding Force क्या होना चाहिए; वे किन आदर्शों को सामने रखकर अपने Profession में आगे बढ़ें और उन्हें Inspiration कहाँ से प्राप्त हो सकती है।

आज, जब मैं यहाँ खड़ा हूँ, तो मुझे लगता है कि हमारे Young Doctors को Inspiration तलाशने के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। उनके सामने आप सभी एक Shining Example की तरह खड़े हैं। आप सभी ने अपनी Wisdom, Dedication, Compassion, और Decades of Service से Excellence के ऐसे Benchmarks स्थापित किए हैं, जिनसे आने वाली पीढ़ियाँ लगातार Inspiration लेती रहेंगी।

यह एक सुखद संयोग है कि महज़ एक हफ्ते में मुझे एक ओर उन युवाओं से मिलने का अवसर मिला जो Aspirations का प्रतीक हैं, तो दूसरी ओर आज मैं उन Eminent Doctors के बीच हूँ जो Excellence और Accomplishment का Living Example हैं।

साथियों,

मैं इस आयोजन के लिए Indian Medical Association (IMA) को भी अपनी बधाई देता हूँ। IMA भारत के Doctors की सबसे बड़ी Professional Body तो है ही, इसने Medical Education, Professional Excellence, Ethical Medical Practices और Public Health के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। IMA ने अनेक National Missions में सरकार के साथ Partnership में काम किया है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में भी यह Association, India के Health Care System को और बेहतर बनाने में अपना योगदान देती रहेगी।

साथियों,

मैं यह मानता हूँ कि एक स्वस्थ समाज ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है। उस दृष्टि से देखें तो हमारे Medical Professionals केवल स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं दे रहे हैं, बल्कि भारत की विकास यात्रा को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इसलिए मुझे हमेशा लगता है कि Doctors का सम्मान, वास्तव में राष्ट्र की सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना का भी सम्मान है।

आज Awards पाने वाले सभी Doctors को मैं हार्दिक बधाई देता हूँ। आप देश के विभिन्न राज्यों और Institutions को Represent करते हैं। आप सभी की Specialisations अलग हैं। आप में से कोई Cardiologist है तो कोई Orthopaedic Surgeon है। कोई Internal Medicine का Expert है तो कोई Renowned Neurologist है। लेकिन आप सभी को सेवा, समर्पण और दक्षता, एक सूत्र में जोड़ती है और आप सभी ने अपने कार्यों से Medical Profession का मान बढ़ाया है।

आज का यह सम्मान केवल आपकी व्यक्तिगत उपलब्धियों का नहीं, बल्कि भारतीय चिकित्सा जगत की उस समृद्ध परंपरा का भी सम्मान है, जिसने देश और दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

साथियो,

एक प्रसिद्ध UK-based Doctor, Dr. K. K. Mahawar, ने Medical Profession और Doctors की भूमिका पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी है: ‘The Ethical Doctor’. इस पुस्तक में वे एक बेहद दिलचस्प प्रसंग का उल्लेख करते हैं। वे लिखते हैं कि कोलकाता में उनके Family Doctor के Clinic के दरवाज़े पर एक Line लिखी होती थी— “Faith Is The First Cure.” मतलब, विश्वास ही उपचार की पहली सीढ़ी है।

वास्तव में चिकित्सा केवल Medicines और Treatment Protocols का विषय नहीं है; उसमें Faith का भी उतना ही बड़ा स्थान है। जब कोई Patient किसी Doctor के पास आता है, तो वह अपने साथ केवल बीमारी ठीक होने की उम्मीद लेकर नहीं आता। बल्कि अपनी चिंताएँ, अपनी Apprehensions भी लेकर आता है। ऐसे में उसके मन में यह भरोसा जगाना कि वह सुरक्षित हाथों में है, कि उसका Doctor उसके दर्द को समझेगा और उसे स्वस्थ करने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगा; यही Treatment Process का पहला और सबसे महत्वपूर्ण Step होता है।

लेकिन, किसी भी Doctor के प्रति यह Faith, यह Trust; एक दिन में नहीं बनता। यह वर्षों के Commitment, Dedication, Compassion, Ethical Conduct, और Service से अर्जित किया जाता है। एक Doctor की सबसे बड़ी पूँजी उसकी Knowledge, उसकी Degree और उसकी Expertise तो होती ही है, लेकिन उससे भी कहीं अधिक मूल्यवान वह अटूट Trust होता है जो समाज और उसके Patients उसके प्रति व्यक्त करते हैं।

किसी भी Doctor के लिए इससे बड़ा कोई सम्मान नहीं हो सकता कि उसके Patients उसे केवल एक Doctor नहीं, बल्कि एक Life Saviour के रूप में देखें।

साथियों,

मैं विशेष रूप से आज Lifetime Achievement Award से सम्मानित होने वाले Doctors का उल्लेख करना चाहूँगा, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण Service और Patient Care को समर्पित किया है।

डॉ. सी. पी. ठाकुर जी से मेरा संबंध बहुत पुराना है। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में हमें साथ काम करने का अवसर मिला था। वे एक Eminent Physician होने के साथ-साथ अत्यंत संवेदनशील और सरल व्यक्ति भी हैं। उन्होंने Kala-Azar जैसी गंभीर बीमारी के Elimination को अपने जीवन का मिशन बना लिया। उनके Research और अथक प्रयासों से Kala-Azar के Diagnosis और Treatment में महत्वपूर्ण बदलाव आए। और लाखों लोगों को नया जीवन मिला। आज उन्हें IMA Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया जाना अत्यंत हर्ष का विषय है।

डॉ. ए. के. पटेल जी ने एक Physician, Parliamentarian और Union Minister के रूप में Remarkable Contribution दिया है। Medical Profession और Public Life; दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक रहा है।

डॉ. भरत अग्रवाल जी ने Medical Practice, Medical Ethics, Healthcare Administration और Media Leadership जैसे Diverse Fields में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनका बहुआयामी अनुभव और नेतृत्व इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि एक डॉक्टर समाज में कितनी व्यापक भूमिका निभा सकता है।

डॉ. नवीन डैंग जी ने Laboratory Medicine और Diagnostic Services के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। Quality Diagnostics और Healthcare Innovation के प्रति उनके Commitment ने भारत में Diagnostic Medicine को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनका योगदान लाखों मरीजों तक जांच सुविधाएँ पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।

प्रोफेसर डॉक्टर एस. राजशेखरन जी का नाम आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के Pioneering Spine और Orthopaedic Surgeons में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। Spine Surgery, Trauma Care, Medical Research और Medical Education के क्षेत्र में उनका योगदान असाधारण और उल्लेखनीय है। उन्होंने हजारों Complicated Surgeries सफलतापूर्वक पूरी की हैं। 220 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय Scientific Publications के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान को समृद्ध किया है और देश-विदेश के अनेक युवा Orthopaedic Surgeons का मार्गदर्शन किया है।

On a personal note also, I would like to express my heartfelt gratitude to Dr. Rajasekaran. During the treatment of my family member, I had the privilege of witnessing firsthand, his Clinical Excellence and remarkable Healing Touch. In that difficult phase, he did not merely perform the role of a surgeon; he also gave our entire family confidence, reassurance, and hope. I shall always remain grateful for his kindness and care. It is a matter of immense pride and great pleasure that he is being honoured today with the Lifetime Achievement Award.

साथियों,

हमारी भारतीय परंपरा में Physician को ईश्वर के बाद सबसे ऊँचा स्थान देते हुए कहा गया है— “वैद्यो नारायणो हरिः” अर्थात् वैद्य स्वयं नारायण का स्वरूप हैं। यह केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि उस गहरे विश्वास की अभिव्यक्ति है जो समाज अपने Doctors के प्रति रखता है।

कहा जाता है, “A doctor does not merely treat a disease; he or she restores hope, dignity and the will to live.” यानी एक Doctor केवल बीमारी का इलाज नहीं करता, वह निराशा के बीच आशा का दीप जलाता है। शायद यही कारण है कि हर Civilisation में Healers को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखा गया है। क्योंकि वे Science और Hope को Balance करके चलते हैं। Science का आधार Verified Facts और Evidence होता है। वहीं Hope; Trust और Belief पर टिकी होती है। एक Patient को स्वस्थ करने के लिए दोनों की आवश्यकता होती है— Science शरीर का उपचार करती है, जबकि Hope मन और आत्मा को संबल देती है।

भारत रत्न डॉ. बी. सी. रॉय इस Philosophy के जीवंत उदाहरण थे। वे केवल बीमारी का इलाज नहीं करते थे, बल्कि मरीज को यह विश्वास भी दिलाते थे कि वह स्वस्थ हो सकता है। दवाइयों के साथ वे जीवनशैली, आहार और सकारात्मक सोच पर भी उतना ही बल देते थे। उनका जीवन-दर्शन था—“Do your best and leave the rest to God.” वे अपने मरीजों को पूरी सहानुभूति और विश्वास के साथ Treat करते थे। और बदले में मरीज उन्हें अपना अटूट भरोसा सौंपते थे। शायद यही Science और Hope का वह अद्भुत संगम था, जिसने डॉ. बी. सी. रॉय को एक महान चिकित्सक के रूप में अमर बना दिया।

उनकी सबसे बड़ी पहचान केवल उनकी असाधारण Clinical Excellence नहीं थी, बल्कि मरीजों का उन पर अटूट विश्वास भी था। वे हर मरीज को समान महत्व देते थे, चाहे वह महात्मा गांधी जैसे राष्ट्रीय नेता हों या किसी दूर-दराज़ गाँव से आया एक साधारण व्यक्ति। डॉ. बी. सी. रॉय मानते थे “The medical profession is not a business concern.” यही सेवा, संवेदनशीलता और उत्कृष्टता की परंपरा आज भी भारत के Doctors में दिखाई देती है।

साथियो,

आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का Healthcare System अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।

इसी तरह Technology ने Medical Treatment को और व्यापक बनाया है। E-Sanjeevani ने Tele-Medicine को बढ़ावा दिया है, जिसका सबसे बड़ा लाभ Remote Areas में रहने वाले लोगों को मिला है। वर्ष 2019 से अब तक इस प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से 47 करोड़ से अधिक Tele-consultations हो चुके हैं।

पिछले 12 वर्षों में Health Budget में 194 प्रतिशत से अधिक का Cumulative Growth हुआ है। क्योंकि हमारी सरकार Health Expenditure को ‘Welfare Expenditure’ ही नहीं, बल्कि ‘Wealth Expenditure’ भी मानती है। हम यह मानते हैं कि स्वस्थ नागरिक ही देश की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। इसलिए ‘स्वस्थ भारत’, विकसित भारत की आधारशिला है।

साथियों,

आज भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मैं आपको इसके कुछ उदाहरण देना चाहता हूँ।

आज हमारे देश में हर 811 लोगों पर एक डॉक्टर उपलब्ध है। यह World Health Organization (WHO) द्वारा निर्धारित 1,000 लोगों पर एक डॉक्टर के मानक से भी बेहतर स्थिति है।

वर्ष 2023 में हमने पहली स्वदेशी MRI मशीन बना ली है। हमने पहली मैक्रोलाइड एंटीबायोटिक विकसित कर ली है। यह निमोनिया के इलाज में बहुत मददगार साबित होगी। आज तीन दशक बाद, भारत फिर से पेनिसिलिन बना रहा है। हीमोफीलिया के उपचार के लिए स्वदेशी जीन थेरेपी का सफल Demonstration हमारे Scientists ने कर लिया है। हमने दुनिया की सबसे सस्ती CAR T-Cell Therapy, Develop की है।

यानी, आज भारत जीन थेरेपी, न्यूक्लियर मेडिसिन और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी Global Challenges का स्वदेशी समाधान विकसित कर रहा है।

साथियो,

आज भारत Medical Value Travel का एक प्रमुख केंद्र बनकर भी उभरा है। दुनिया भर से लोग उपचार के लिए भारत आ रहे हैं। क्योंकि यहाँ Best Medical Facilities के साथ, Indian Doctors की Clinical Excellence, उनकी संवेदनशीलता और मरीजों के प्रति उनका Dedication भी मिलता है।

आज हम Pharmacy of the World के रूप में भी जाने जा रहे हैं क्योंकि दुनिया में Generic Medicines की कुल मांग का लगभग 20 प्रतिशत भारत पूरा करता है। और दुनिया की लगभग 60 प्रतिशत Vaccines भारत में बनती हैं।

अब हमें भारत को Healing and Wellness Capital of the World बनाना है। यह हमारे Doctors, Hospitals, Medical Institutions और Indian Medical Association (IMA) जैसे संगठनों के सामूहिक प्रयास से ही संभव होगा।

साथियों,

इसी आशा के साथ कि आप सभी, भारत के Health Care System को और Inclusive और Better बनाने में अपना योगदान देते रहेंगे, मैं एक बार पुनः सभी Award प्राप्त करने वाले Doctors को बधाई और शुभकामनाएं देता हूँ।