Text of RM’s speech at the Foundation Laying and Ground Breaking ceremony of various defence projects in Puttaparthi (AP).
आज का दिन, बड़ा खास है। आज का दिन, एक नए युग की शुरुआत लेकर आया है। आज का यह अवसर, आंध्र प्रदेश के इतिहास में, और भारत के Defence Sector के इतिहास में, एक historic chapter जोड़ने जा रहा है। आज यहाँ एक साथ, अनेक projects की Foundation Stone laying हो रही है। जब मुझे, एक साथ इतने ambitious projects के शुरू होने का समाचार, और यहाँ आने का निमंत्रण मिला, तो मैं खुद को आपके बीच आने से रोक नहीं पाया।
मैंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में अनेक Leaders को देखा है। अनेक representatives के साथ काम किया है। अनेक Visionary लोगों के साथ काम किया है। लेकिन technology के प्रति जो जुनून, development के प्रति जो commitment, और future को predict कर पाने की जो दूरदृष्टि, नायडू गारू में है, यह विरले ही देखने को मिलती है। जब बात नायडू गारू की हो, तो छोटा सोचना संभव ही नहीं है। आंध्र प्रदेश के विकास के लिए, जिस commitment के साथ, इन्होंने काम किया है, उसकी सराहना भारत ही नहीं, बल्कि international forums पर भी हुई है।
आप लोगों को मालूम होगा, कि नायडू गारू को अनेक अंतर्राष्ट्रीय सम्मान भी मिले हैं। World Economic Forum, तथा अन्य International organizations ने, इनकी achievements को acknowledge किया है। Profit नाम की magazine ने तो, 2001 में इन्हें Seven Working Wonders में शामिल किया था, जो अपने आप में इनकी क्षमता को दिखाता है। आपका Temperament Scientific है, और IT और Innovation को लेकर, आपका Focus incredible है। यही कारण है, कि Google जैसी बड़ी, और Multinational company, लाखों करोड़ों रूपए के अपने AI data centre की स्थापना के लिए, आंध्र प्रदेश को चुनती है। मुझे पूर्ण विश्वास है, कि आने वाले समय में, नायडू गारू के नेतृत्व में, ‘A. P.’ यानी ‘आंध्र प्रदेश’, A. P. यानि ‘Advanced Pradesh’ बनकर उभरेगा। जिस तरह से, NDA सरकार, आंध्र प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर रही है, वह पूरे भारत के लिए role model बनकर सामने आ रहा है।
आज इस Foundation Stone Laying Ceremony में, चार प्रमुख projects शुरू हो रहे हैं। इसके अलावा, आठ ड्रोन कंपनियों का एक समूह मिलकर, कुरनूल में एक ‘Drone City’ भी establish कर रहा है। कुल मिलाकर, आंध्र प्रदेश के विकास की दिशा में, आज का दिन, एक milestone सिद्ध होगा, ऐसा मेरा विश्वास है।
साथियों, इस समय हम एक ऐसे कालखंड में हैं, जहाँ पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। ऐसे में एक राष्ट्र के रूप में, हम अपनी सुरक्षा तभी मजबूत बनाए रख सकते हैं, जब अपनी लाठी अपने हाथ होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्त्वपूर्ण विषय पर, हम हमेशा दूसरे देश के भरोसे नहीं रह सकते। इसलिए आज शुरू हो रहे ये सभी projects ऐतिहासिक हैं।
यदि मैं, यहाँ शुरू हो रहे projects के बारे में आपसे बात करूँ, तो आज यहाँ Aeronautical Development Agency, यानी ADA के, Fifth Generation, Advanced Medium Combat Aircraft के लिए, Core Integration और Flight Testing Centre की नींव रखी जा रही है। ADA, सरकार के Defence Research and Development Organization, यानी DRDO का सहयोगी संगठन है। यह भारत के लिए, स्वदेशी fighter aircraft के R&D में अपनी भूमिका निभाती है। इसी ADA ने हमें LCA Tejas Mark-1 दिया, और अभी Mark-2 पर काम चल रहा है। और अब यही ADA, Fifth generation AMCA पर काम कर रही है। यह एक Full-fledged, Fifth Generation Stealth Fighter होगा, जो दुनिया के कुछ ही देशों के पास है।
साथियों, जब से मैंने रक्षा मंत्री का पदभार संभाला है, मेरा एक बड़ा Ambition यह रहा है, कि भारत के पास अपना खुद का, पूर्ण स्वदेशी Fifth Generation Fighter Aircraft हो। इसलिए आज, जब इससे संबंधित Infrastructure की नींव रखी जा रही है, तो मन को जो ख़ुशी हो रही है, उसे शब्दों में बयान कर पाना मुश्किल है।
आज, आंध्र प्रदेश में, जो दूसरा project शुरू हो रहा है, वह है Bharat Dynamics Limited का project. BDL, रक्षा मंत्रालय का एक महत्त्वपूर्ण Public Sector Undertaking है, और यह स्वदेशी Futuristic Underwater Systems का केंद्र बनाने जा रहा है। यह project भी, 480 करोड़ रूपए का है। BDL की यह नई unit, Autonomous Underwater Vehicles, Underwater counter measure systems, और Next Generation टॉरपीडोज़ पर काम करेगी। इसमें कई important Components, और Sub-systems बनाए जाएँगे, जो अभी तक हम बाहर से मंगवाते थे। यह project, हमारी Navy की क्षमताओं को बहुत बढ़ाएगी, और हमारी Blue Economy, तथा समुद्री सुरक्षा के लिए, एक Game Changer साबित होगी।
साथियों, आज जो तीसरा project शुरू हो रहा है, वह है Bharat Forge Limited की subsidiary company, अग्नेयास्त्र Energetics Limited का । यह उन्नत किस्म के हथियार बनाने वाली एक कंपनी है, जो 1,500 करोड़ रूपये के investment से यहाँ अपनी facility establish कर रही है। यहाँ ऐसे-ऐसे हथियार बनेंगे, जो निश्चित रूप से, भविष्य की लड़ाइयों के लिए हमारी तैयारी को मजबूत करेंगे।
आज का जो fourth project है, वह है HFCL का Ammunition और Electric Fuse Plant. यह plant 1,294 करोड़ रुपये के investment से बन रहा है। Fuse जो होता है, वह किसी भी गोला-बारूद का सबसे important हिस्सा होता है। चाहे Artillery Shell हो, Bomb हो, या कोई भी युद्ध सामग्री हो, बिना भरोसेमंद Electric Fuse के सब बेकार है। यहाँ बनने वाले अत्याधुनिक फ्यूज हमारी सेनाओं को ताकत देंगे। यह project, हमारी Ammunition Manufacturing में आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय जोड़ेगा।
इसके अलावा, मैं, हमारे young entrepreneurs को भी विशेष बधाई देता हूँ। क्योंकि आठ ड्रोन कंपनियाँ मिलकर, कुरनूल में एक ‘Drone City’ बना रही हैं। ये सब छोटी-छोटी, मगर important units, ‘मेक इन इंडिया’ के vision को हकीकत में बदलेंगी।
Drone technology, आज के warfare में ‘game changer’ है। आजकल तो economy और agriculture में भी, इनकी भूमिका बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह Drone City, अब आंध्र प्रदेश में आकार ले रही है। और मुझे विश्वास है, कि यहाँ से निकले drones, पूरी दुनिया में भारत का परचम लहराएँगे। जैसे सूरत को डायमंड सिटी कहा जाता है, बेंगलुरू को भारत की सिलिकन वैली कहा जाता है, वैसे ही आप देखिएगा, कि कुछ सालों में, यह region, ‘Drone Hub’ के नाम से जाना जाएगा।
साथियों, अब जरा गौर से, इन सभी projects के बारे में देखिए। यह कितनी बड़ी बात है, कि हम एक ही अवसर पर, Indian Army, Indian Air Force, और Indian Navy, तीनों के लिए, एक साथ facilities develop कर रहे हैं। AMCA का Flight Testing Centre सामान्यतः Indian Air Force के लिए, BDL का Underwater Systems Indian Navy के लिए, HFCL के Ammunition और Fuse तीनों सेनाओं के लिए, और Drone Technology सभी क्षेत्रों में उपयोगी हैं। यह Diversification यूँ ही नहीं है। हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है। हम रक्षा क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के साथ बढ़ रहे हैं, ताकि हमारी कोई भी सेना पीछे न रहे; और हमारी सारी सेनाएँ एक से बढ़कर एक साबित हों।
मुझे यह देखकर भी बड़ी ख़ुशी होती है, कि इस पूरे प्रयास में Public Sector और Private Sector, दोनों कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। पिछले दस वर्षों में हमारे प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में, हमने Public sector और Private sector के बीच की खाई को, लगभग पाट दिया है। आज हम ‘Whole of Government Approach’ के साथ ही नहीं, बल्कि ‘Whole of Country Approach’ के साथ चल रहे हैं। और मैं तो कहता हूँ, कि अब तो हम ‘Whole of the People Approach’ तक भी पहुँच गए हैं। चाहे Individual Innovator हो, बड़ी कंपनी हो, स्टार्टअप हो, या MSME हो, हर कोई राष्ट्र रक्षा के इस महायज्ञ में अपनी आहुति दे रहा है। यह जो Public-Private Partnership का मॉडल हमने अपनाया है, उसने Defence Manufacturing को एक closed environment से निकाल कर, जन आंदोलन बना दिया है। यह बड़ी खुशी की बात है, कि इस जन आंदोलन का प्रत्यक्ष रूप, हमें आंध्र प्रदेश में देखने को मिल रहा है।
इतिहास गवाह है, कि आंध्र प्रदेश की धरती innovation की धरती रही है। लेकिन इसके बावजूद, Modern Defence Industry के मामले में, अगर हम Visakhapatnam के naval base जैसे कुछ infrastructure को छोड़ दें, तो अब तक इतने बड़े पैमाने पर, defence ecosystem का development यहाँ नहीं हो पाया था। परंतु आज, आंध्र प्रदेश में एक नए, और Futuristic Defence Hub की आधारशिला रखी जा रही है।
यह जो projects हैं, ये Growth Pole की तरह कार्य करेंगे। रोजगार के लाखों अवसर बनेंगे। यहाँ की Academia, इंजीनियरिंग कॉलेज, ITI, सब इससे जुड़ेंगे। Supply Chain develop होगी। छोटे उद्योग लगेंगे। Local youth को High-end Technology के क्षेत्र में काम करने, सीखने और आगे बढ़ने का platform मिलेगा। मतलब, एक पूरे ecosystem का development होगा, जो आंध्र प्रदेश के holistic development में help करेगा।
अभी हाल ही में मैं, जर्मनी के Munich (म्यूनिख़) शहर की visit पर गया था। यह शहर बवेरिया प्रांत में आता है। यह प्रांत, पूरे यूरोप के लिए, Defence का एक central hub है। बताते हैं, कि पूरे यूरोप के defence production का एक तिहाई output, जर्मनी के इस एक प्रांत से होता है। आज यहाँ से जो projects start हो रहे हैं, मैं समझता हूँ, कि आने वाले समय में यह प्रांत, उसी प्रकार, पूरे भारत के लिए एक defence hub बनकर उभरेगा। यहाँ से महज़ दो घंटे की दूरी पर, बेंगलूरू, अपने आप में defence का एक बड़ा केंद्र है। यहाँ पर CM, आंध्र प्रदेश उपस्थित हैं। मैं तो कहना चाहूँगा, कि आप कर्नाटक के साथ मिलकर किसी ऐसे plan पर विचार करें, जिससे यह पूरा क्षेत्र, एक विशाल military industrial complex बनकर उभरे।
साथियों, यह ऐतिहासिक कालखंड का, ऐतिहासिक अवसर है। आज से कुछ वर्ष पहले, Defence Sector में, हमारी छवि दुनिया के सबसे बड़े Importer की थी। लड़ाई के लिए, अपनी खुद की सुरक्षा के लिए, हमें दूसरे देशों का मुँह ताकना पड़ता था। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। पिछले दस वर्षों में हमने जो मेहनत की है, उसका परिणाम आज हमें मिल रहा है।
वर्ष 2014 में, हमारा domestic defence production, मात्र 46,000 करोड़ रूपये था, यानि हमलोग भारत में सिर्फ 46,000 करोड़ रूपये के हथियार और साजो-सामान बना पाते थे। लेकिन आज वह बढ़कर, record 1.5 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का हो चुका है। इसके अलावा, 2014 तक भारत का जो Defence export था, वह बहुत कम हुआ करता था। हम 1,000 करोड़ रूपये से भी कम के हथियार और साजो-सामान, दुनिया को बेच पाते थे, लेकिन आज वही बढ़कर record 38,424 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। इस तरह की अनेक achievements हमने हासिल की हैं।
अभी कई सारी achievements हासिल करना तो बाकी है। मैं उस पल की कल्पना कर रहा हूँ, जब AMCA की पहली उड़ान इसी धरती से भरी जाएगी, या उसका testing data यहाँ से generate होगा। जब BDL द्वारा बनाया गया Underwater Drone समुद्र की अँधेरी गहराइयों में दुश्मन पर नज़र रखेगा, और यहाँ से निकला Torpedo, दुश्मनों पर सटीक वार करेगा। जब आंध्र प्रदेश की धरती पर निर्मित, Electric Fuse से हमारी तोपें गरजेंगी। जब ‘अग्नेयास्त्र Energetics’ के हथियार, सीमा पर हमारे जवानों का हौसला बनेंगे। और जब यहाँ की Drone City से दुनिया के कोने-कोने में Drones की supply होगी। यह हमारा आने वाला कल है।
मुझे यह भी बताते हुए खुशी हो रही है, कि इन projects का लाभ, केवल defence sector तक सीमित नहीं रहेगा। जो भी यहाँ काम करने आएगा, उसका परिवार भी prosperous होगा। इससे यहाँ स्कूल खुलेंगे, hospital बनेंगे। सड़कों का जाल बिछेगा। यानी, holistic regional development होगा। और इसमें, आप जनता-जनार्दन का सहयोग बहुत जरूरी है। आपके सहयोग से ही यह सब कुछ हो रहा है, और आपके सहयोग की, आपके आशीर्वाद की हमेशा हमें जरूरत पड़ती रहेगी।
अंत में, मैं बस इतना कहूँगा कि हमें इस गति को बनाए रखना है। अभी तो यह शुरुआत है। अभी तो सिर्फ पहली ईंट रखी गई है, अभी तो पूरी इमारत खड़ी करनी है। आने वाला समय बताएगा, कि कैसे आंध्र प्रदेश ने Defence sector में इतिहास रचकर, पूरे भारत को गौरवान्वित किया।
साथियों, एक आख़िरी बात मैं आपसे करना चाहूँगा। आज का युग misinformation का युग है। जो हमारे adversaries हैं, जो हमारे दुश्मन हैं, कोई जरूरी नहीं है, कि वह सिर्फ गोला-बारूद, और मिसाइल से ही हम पर वार करें। कई बार अफवाहें फैलाकर, या misinformation फैलाकर भी, वो हमें नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर सकते हैं। कुछ और न मिला, तो लोग यही अफवाह फैला सकते हैं, कि देश में तेल खत्म हो गया। देश में ये होने वाला है; वो होने वाला है। ये सब इसलिए किया जाता है, ताकि देश में अराजकता फैले।
ऐसे में हमें बड़ा सतर्क रहना होगा, क्योंकि एक misinformation, न जाने क्या-क्या कर सकती है। अगर प्रधानमंत्री जी ने, public transport use करने की, या फिर तेल बचाने की सलाह दी है, तो उसे अन्यथा लेने की बजाय, उसे ऐसे देखना चाहिए, कि हमारे घर के बड़े, हमें मितव्ययी होने की, कम खर्च करने की सलाह दे रहे हैं। इसलिए मेरा आप सबसे आग्रह है, कि किसी भी misinformation का शिकार न बनें।
राष्ट्र निर्माण का कार्य मिल-जुलकर होता है। हम सब मिलकर जुट जाएँ, ईंट दर ईंट, कदम दर कदम, और एक ऐसे भारत का निर्माण करें, जो न केवल स्वयं की रक्षा करे, बल्कि विश्व बंधुत्व की भावना के साथ, पूरी दुनिया की भी मदद कर सके। हमारे पास इच्छाशक्ति है, संकल्पशक्ति है, जनशक्ति है; और भगवान श्री वेंकटेश्वर की असीम कृपा भी है। हमारे मनोरथ पूरे होंगे, इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है।
एक बार फिर, इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नायडू गारू, उनकी टीम, और राज्य की जनता को मैं कोटि-कोटि बधाई, और शुभकामनाएँ देता हूँ।
मुझे यहाँ आमंत्रित करने के लिए, आप सभी को धन्यवाद देते हुए, मैं अपनी बात समाप्त करता हूँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद !