Text of RM’s speech at the 35th Annual General meeting of Indian Industries Association (IIA) in Greater Noida.
सबसे पहले, MSME Awards एवं IIA Chapters Awards समारोह के आयोजन के लिए, मैं Indian Industries Association को अपनी ओर से हार्दिक बधाई देता हूँ।
एक और बात के लिए मैं आप सभी को बधाई देता हूँ, वह है आपके, programme शुरू करने के तरीके का। जिस तरह जल संरक्षण के संकल्प के साथ आपने कार्यक्रम की शुरुआत की, वह आपकी नई सोच, और समाज और nature के प्रति आपकी ज़िम्मेदारी को दिखाता है।
आज के इस आयोजन में आत्मनिर्भरता की खुशबू है, उद्यमिता की रोशनी है, और विकसित भारत के संकल्प की गूंज है।
मैं उन सभी उद्यमियों को बधाई देता हूँ, जिन्हें आज, उनके exemplary contribution के लिए MSME Awards से सम्मानित किया जा रहा है।
खासकर हमारी महिला उद्यमियों को, मैं विशेष बधाई देना चाहता हूंI नाज़ है आप पर।
ये awards, केवल आपकी उपलब्धियों का ही सम्मान नहीं हैं, बल्कि ये उस भावना का सम्मान हैं, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
साथियों, विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में MSMEs की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है और आने वाले समय में यह भूमिका और बढ़ने वाली है। विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक रूप से मजबूत भारत नहीं है, बल्कि ऐसा भारत है जो manufacturing में globally competitive हो, technology और innovation में अग्रणी हो, युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा करे और अपनी strategic तथा economic capabilities में आत्मनिर्भर हो। यदि विकसित भारत एक विशाल भवन है, तो MSMEs उसकी मजबूत नींव हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था में MSMEs का योगदान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। करोड़ों entrepreneurs और workers, manufacturing, services, trade, exports और innovation को आगे बढ़ा रहे हैं। MSMEs शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आर्थिक गतिविधियों को पहुँचाते हैं, रोजगार पैदा करते हैं, युवाओं को skills देते हैं और supply chains को मजबूत करते हैं।
आज Global supply chains में तेजी से बदलाव हो रहे हैं और दुनिया विश्वसनीय manufacturing partners की तलाश कर रही है। यह भारत के लिए बड़ा अवसर है। आप सभी अवगत होंगे, कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने, US, UK, New Zealand, Oman, Switzerland जैसे अनेक महत्त्वपूर्ण देशों और European Union जैसे महत्वपूर्ण global partners के साथ Free Trade Agreements की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
ये FTA Networks, हमारे MSMEs और उद्योगों के लिए global trade और exports के अवसरों का एक विशाल महासागर सामने लाते हैं। मैं आप सभी से आग्रह करता हूँ कि सरकार की Credit Guarantee Expansion, GST Rationalization, इत्यादि schemes द्नवारा इन अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और trade agreements का भरपूर लाभ उठाएं, और Indian products की पहचान दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाएं। पर इसके लिए, हमें अपने MSMEs को केवल domestic suppliers नहीं, बल्कि global enterprises बनाना होगा। हमारा लक्ष्य होना चाहिए,
Make in India,
Make for India, और
Make for the World.
साथियों, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने Udyam Portal और Udyam Assist Portal जैसी पहलों के माध्यम से MSMEs को formal economy से जोड़ने और उनके विकास के अवसर बढ़ाने का काम किया है। हमारा मानना है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना केवल बड़े कारखानों से पूरा नहीं होगा। इसके लिए देश के हर छोटे उद्यमी को बड़ा सोचने और बड़ा बनने का अवसर देना होगा, और हम वह कर रहे हैं।
मैं अगर आंकड़ों की बात करूँ, तो 2012-13 के आसपास देश में MSMEs की संख्या करीब 4.67 करोड़ थी, जो आज लगभग 9 करोड़ के आसपास पहुँच गई है। यह बढ़ता हुआ entrepreneurship ecosystem हमारी बदलती आर्थिक शक्ति का प्रमाण है।
एक रक्षामंत्री के रूप में, मैं यहाँ इस बात पर विशेष जोर देना चाहूँगा, कि Defence manufacturing में भी MSMEs के लिए अपार संभावनाएँ हैं। iDEX और ADITI जैसे initiatives ने start-ups, innovators और MSMEs को Armed Forces की जरूरतों के लिए innovative solutions विकसित करने का अवसर दिया है।
मैं देश के MSME entrepreneurs से कहना चाहता हूँ, Defence sector को केवल Government procurement market न समझें; इसे technology, innovation और global business opportunity के रूप में देखें। Drones, AI, robotics, cyber security, advanced electronics, sensors, autonomous systems, advanced materials, space और quantum technologies में भविष्य की बड़ी संभावनाएँ हैं।
इस पूरे process में innovation सबसे महत्वपूर्ण factor होगा। आज की दुनिया में केवल यह पर्याप्त नहीं है कि हम अच्छी quality का product बनाएं। हमें यह भी देखना होगा कि,
क्या हम उससे बेहतर product बना सकते हैं?
क्या हम उसे कम cost में बना सकते हैं?
क्या हम उसमें नई technology जोड़ सकते हैं?
क्या हम उसे global market में competitive बना सकते हैं?
यही सोच हमें एक manufacturing nation से एक technology-led manufacturing nation बनाएगी। इसलिए मैं, MSMEs से आग्रह करूंगा कि अपने turnover का एक हिस्सा Research, Development और Technology Upgradation में invest करें एवं Universities, IITs, research institutions, DRDO Labs, start-ups और बड़ी industries के साथ partnerships को बढ़ावा दें। साथियों, MSMEs के विकास के लिए केवल technology ही पर्याप्त नहीं है। हमें quality, skilling, finance और market access पर भी समान ध्यान देना होगा।
अगर मैं थोड़ा detail में बात करूँ, तो सबसे पहला point है Quality. Global market में Indian MSMEs को अपनी पहचान quality और reliability के आधार पर बनानी होगी। Defence sector में तो quality का महत्व और भी अधिक है। एक defence component की reliability सीधे हमारे soldiers की operational effectiveness से जुड़ी होती है। इसलिए इस क्षेत्र में हमारा ध्यान, Zero Defect और Zero Compromise on Quality पर होना चाहिएI
दूसरा point हमारे सामने है Skilling का। Modern industry के लिए skilled manpower आवश्यक है। हमें युवाओं को industry-relevant skills से जोड़ना होगा और MSMEs को अपने workforce की continuous upskilling पर और ज्यादा ध्यान देना होगा।
तीसरा है Technology Upgradation. Digital manufacturing, automation, Artificial Intelligence और advanced production technologies को MSMEs के लिए accessible और affordable बनाना होगा।
चौथा है Market Access. एक MSME तभी scale कर पाएगा जब उसे पर्याप्त market मिलेगा। Government procurement, large industries की vendor ecosystem और export markets में MSMEs की participation बढ़ाना आवश्यक है।
और पांचवां, जो इनमें शायद सबसे महत्त्वपूर्ण है, वह है Finance. Timely और affordable finance MSME growth की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। Capital availability के साथ-साथ financial discipline और sound business practices भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
आज के MSME Awards का महत्व इसी संदर्भ में और बढ़ जाता है। मैं awards को केवल recognition के रूप में नहीं देखता। Awards एक message देते हैं कि excellence को पहचाना जाता है, innovation को प्रोत्साहित किया जाता है और मेहनत का सम्मान होता है। आज जिन entrepreneurs को सम्मानित किया जा रहा है, वे केवल अपने enterprises के लिए role models नहीं हैं बल्कि वे हजारों और लाखों युवा entrepreneurs की inspiration हैं। मैं सभी award winners को हृदय से बधाई देता हूं। आपकी उपलब्धियां यह बताती हैं, कि भारत में talent की कोई कमी नहीं है। हमारे entrepreneurs में ideas हैं, क्षमता है, risk लेने का साहस है और कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का determination है।
मैं award winners से एक विशेष आग्रह करूंगा। आज के इन awards से बहुत खुश नहीं हो जाना है। मतलब खुश तो होना ही है, पर यहीं रुक नहीं जाना है। ये awards, आपकी journey का अंत नहीं, बल्कि अगले लक्ष्य की शुरुआत है। आप अपने enterprise को और बड़ा बनाइए, एवं अपने products को global markets तक ले जाइए। यही आपकी सफलता का सबसे बड़ा multiplier होगा। मैं चाहूँगा, कि अगली बार आप जब award लेने आएँ, तो आप केवल एक domestic market leader के रूप में नहीं, बल्कि एक global player के रूप में अपनी पहचान बनाकर आएँ।
साथियों, उत्तर भारत का MSME क्षेत्र देश के औद्योगिक विकास में विशेष महत्त्व रखता है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा में manufacturing, engineering, automobile, electronics, defence, textiles, food processing, services और अन्य अनेक sectors में MSMEs का मजबूत base है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में defence industrial corridor ने defence manufacturing के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। उत्तर प्रदेश अब केवल बड़ा बाजार नहीं, बल्कि भारत के नए manufacturing और defence ecosystem का महत्त्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
मैं चाहता हूँ, कि इन राज्यों के MSMEs, इस अवसर का पूरा लाभ उठाएँ। वे केवल बड़ी रक्षा कंपनियों के आपूर्तिकर्ता न बनें, बल्कि धीरे-धीरे technology developers, system suppliers और exporters बनें। यही transformation हमारे MSMEs को global level पर competitive बनाएगा।
हमें युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने के लिए प्रेरित करना होगा। एक उद्यमी केवल अपना भविष्य नहीं बनाता, बल्कि अनेक परिवारों का भविष्य बनाता है। इसलिए उद्यमिता राष्ट्र निर्माण का माध्यम है। महिलाओं और युवाओं को भी अधिक अवसर देने होंगे। छोटे शहरों और कस्बों को भी विकास के नए केंद्र बनाना होगा।
2047 का विकसित भारत सरकार की नहीं, पूरे देश की सामूहिक आकांक्षा है। सरकार, उद्योग, MSMEs, स्टार्ट-अप, शिक्षा जगत और नागरिक समाज को मिलकर काम करना होगा। एक MSME की प्रगति भारत की प्रगति है।
साथियों, मैं आज इस मंच से Indian Industries Association से भी कुछ अपेक्षाएं रखना चाहूंगा। IIA जैसे industry associations को, Government और Industry के बीच एक effective bridge के रूप में कार्य करते रहना होगा। MSMEs को नई policies और opportunities की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें technology partners, research institutions, large industries और export markets से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहिए। विशेष रूप से, defence manufacturing के क्षेत्र में मैं चाहता हूं, कि IIA अपने MSME members को defence supply chains, indigenisation opportunities और emerging technologies से जोड़ने के लिए और अधिक सक्रिय भूमिका निभाए। मुझे पूरा विश्वास है, कि जैसे पिछले चार दशकों से IIA इस दिशा मे अपना योगदान देता आया है, यह आगे भी ऐसे ही अपना महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
साथियों, आज का यह आयोजन केवल सम्मेलन नहीं है। यह Government, Industry और Entrepreneurship के बीच partnership का celebration है, हम सभी के लिए एक call to action है। आइए, हम संकल्प लें, कि हमारा MSME sector केवल संख्या में बड़ा नहीं होगा, बल्कि technology और quality में भी बड़ा होगा।
हम केवल products manufacture नहीं करेंगे, बल्कि technologies और intellectual property create करेंगे।
हम केवल domestic market को serve नहीं करेंगे, बल्कि पूरी दुनिया के लिए manufacture करेंगे।
हम केवल रोजगार नहीं देंगे, बल्कि नई पीढ़ी के entrepreneurs तैयार करेंगे। और,
हम केवल economic growth में योगदान नहीं देंगे, बल्कि भारत की national security और strategic autonomy को भी मजबूत करेंगे।
मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे entrepreneurs की ऊर्जा, युवाओं की प्रतिभा, scientists की क्षमता और industry की determination के दम पर, भारत आने वाले वर्षों में global economic और manufacturing powers में अपनी मजबूत जगह को और सुदृढ़ करेगा।
साथियों, जब हम 2047 में विकसित भारत की यात्रा को देखेंगे, तब हमें यह याद रखना होगा कि उस यात्रा की मजबूत नींव आज हमारे MSMEs रख रहे हैं। इसलिए मैं आज के सभी award winners से कहना चाहता हूं कि, आपकी सफलता केवल आपकी अपनी सफलता नहीं है। यह भारत की सफलता है। आपकी growth केवल आपके enterprise की growth नहीं है। यह विकसित भारत की growth है।
इसी विश्वास के साथ मैं Indian Industries Association को इस शानदार आयोजन के लिए पुनः बधाई देता हूं और आज सम्मानित होने वाले सभी entrepreneurs को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। हम सब मिलकर एक ऐसे भारत का निर्माण करें, जो आत्मनिर्भर हो, जो नवाचार में अग्रणी हो, जो manufacturing में globally competitive हो, जो अपने युवाओं को अवसर दे, और जो 2047 तक एक विकसित, समृद्ध, सुरक्षित और सशक्त भारत बने।
इसी के साथ, मैं आप सभी को शुभकामनाएं देते हुए, अपना निवेदन समाप्त करता हूँ ।
जय हिन्द, जय भारत!