Text of RM’s speech on ‘Understanding Transformative Governance | Modi @ 25’ at an event organised by ‘Rambhau Mhalgi Prabodhini’ in New Delhi.
वर्ष 2021 में इस संस्थान के कार्यक्रम में मैंने कहा था कि नरेंद्र मोदी जी का जीवन प्रभावी नेतृत्व और सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मैंने सुझाव दिया था मोदी जी के Leadership और Good Governance Model को Case Study के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए। उसका अध्ययन होना चाहिए।
मुझे बहुत खुशी है कि ‘रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी’ ने उस दिशा में आगे बढ़ते हुए ‘Good Governance Research Fellowship – Modi at 25’ की शुरुआत की है।
साथियो,
इस वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले Head of Government बन गए हैं। इस उपलब्धि के केंद्र में वह Governance Model है जिसे मोदी जी ने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में विकसित किया और प्रधानमंत्री बनने के बाद National Level पर लागू किया।
साथियो,
आपको याद होगा कि 2001 में गुजरात में भूकंप से बहुत तबाही हुई थी। ऐसे मुश्किल समय में मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। लोगों को लग रहा था कि गुजरात को दोबारा खड़ा करना बहुत मुश्किल होगा। लेकिन नरेंद्र मोदी जी ने उन सभी लोगों को गलत साबित किया।
उन्होंने गुजरात के विकास को Test मैच से One Day Cricket Match में बदल दिया। उनका मंत्रियों और अधिकारियों को साफ संदेश था कि फाइलों और विकास कार्यों को अटकाकर और लटकाकर नहीं रखना है। बल्कि त्वरित निर्णय लेकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। गुजरात को Development के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ाना है।
मोदी जी ने गुजरात में Less government, More governance का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया कि, वह एक Model ही बन गया। यह आज तक उनके काम करने के तरीके में साफ दिखाई देता है।
साथियो,
मोदी जी मानते हैं कि Good Governance और Policy की असली परीक्षा Ground पर होती है। जब वे प्रधानमंत्री बने थे तब उन्होंने सभी Secretaries से कहा कि वे उस जिले में जाएँ जहां उनकी पहली Posting हुई थी। वहां जाकर खुद देखें कि पिछले वर्षों में वहां क्या बदला है? खुद देखें कि Policies से जमीन पर आम इंसान के जीवन में क्या सुधार आया है?
यानी मोदी जी का मानना है कि Good Governance सिर्फ File में ही नहीं दिखे, बल्कि Field में भी उसका Positive Impact दिखे।
साथियो,
मोदी जी “A Little Less Talk and a Lot More Action” में विश्वास रखते हैं। और इसी का परिणाम है कि आज जब पूरी दुनिया अनिश्चितताओं से घिरी है, मोदी जी के नेतृत्व में भारत 7.8 per cent Growth Rate के साथ आगे बढ़ रहा है।
आज भारत का UPI दुनिया का सबसे बड़ा Real-Time Payment System है। आज भारत, Space Technology में नई ऊंचाइयां छू रहा है। आज भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Mobile Phone Manufacturer है। और तो और भारत में इस्तेमाल होने वाले करीब 99 प्रतिशत से अधिक Mobile Phones अब Made in India हैं।
सुईं से लेकर Ship तक, Toys से लेकर Tank तक, Drone से लेकर Aircraft तक, और Container से लेकर Semi-conductor तक, सब आज भारत में बन रहा है।
साथियों,
Good Governance और Democracy एक-दूसरे के पूरक हैं। जब Governance कमजोर होती है, तो लोगों का Democratic Institutions पर विश्वास कम होने लगता है। और जब Democracy और Democratic Institutions कमजोर होते हैं, तब Accountability कमजोर पड़ जाती है। इससे Governance खराब हो जाती है।
मोदी जी ने Good Governance के जरिए Democracy को मजबूत करने का काम किया है। और Democratic Institutions को मजबूत करके Good Governance को बढ़ावा दिया है।
जैसे Direct Benefit Transfer को ही देखिए। जब पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचने लगा तो बिचौलियों पर लगाम लगी और भ्रष्टाचार समाप्त हुआ। इससे Good Governance बढ़ी और लोगों का Democracy में विश्वास बढ़ा।
इसी तरह संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लाया गया। इससे Legislatures में महिलाओं का Representation बढ़ेगा और Democracy मजबूत होगी। और महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से Policies ज्यादा Inclusive होंगी, जिससे Governance भी Better होगी।
साथियो,
मोदी जी के Governance Model की सफलता का सबसे बड़ा राज यह है कि वे हर व्यक्ति को Development Journey में बराबर का भागीदार मानते हैं। मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ।
मोदी जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो वहाँ सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए Training Camps Organise करवाते थे। इन Camps में मंत्री से लेकर सचिव तक और छोटे से लेकर बड़े तक, सभी कर्मचारी एक साथ बैठते थे और समस्याओं पर चर्चा करते थे। छोटे से छोटा अधिकारी भी Secretary Level के अधिकारी को सुझाव दे सकता था। मोदी जी खुद भी सभी लोगों से बात करते थे। उनकी समस्याओं को समझते थे। उनके Opinions जानते थे।
यानी मोदी जी हमेशा से यह मानते रहे हैं कि Government जितनी Participatory होगी, Governance उतनी ही बेहतर होगी।
साथियो,
भारत की लोकतांत्रिक परंपरा में हमेशा से Participation और Deliberation की भावना रही है। एक पुस्तक है ‘Assembling India’s Constitution’। इस पुस्तक में लेखकों ने यह बात Highlight की है कि संविधान निर्माण में आम लोगों का भी योगदान था।
देश के कोने-कोने से Letters भेजकर लोगों ने Constituent Assembly को अपने सुझाव दिए थे। अपने अनुभव साझा किए थे। और भारत के भविष्य के संविधान पर विचार किया था। यानी शासन और प्रशासन में Participation भारत की लोकतांत्रिक संस्कृति रही है।
आज MyGov जैसे Platform के माध्यम से मोदी जी इसी भावना को आगे बढ़ा रहे हैं। आज देश का हर नागरिक MyGov Portal पर Suggestions दे सकता है। अपने Ideas Share कर सकता है। यानी अब यह नीति नहीं है कि ‘सरकार कहे और जनता सुने’। अब ‘जनता कहे और सरकार सुने और करे’ की नीति है।
इसका एक और उदाहरण है ‘मन की बात’ कार्यक्रम। यह कार्यक्रम लोगों के Ideas और अनुभवों को सामने लाने का सबसे अच्छा माध्यम बना है। जैसे मोदी जी ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के एक किसान, श्री वरदराज जी, की सफलता की कहानी देश के सामने रखी। वरदराज जी ने YouTube से सीखकर Avocado की खेती शुरू की और इससे उनकी आय में काफी बढ़ोतरी हुई है।
यानी अब Governance का Model, Top to Bottom या एक Pyramid जैसा नहीं है बल्कि एक Oceanic Circle है। जहाँ Government और Citizens एक-दूसरे से जुड़े हैं और दोनों तरफ से संवाद होता है।
सरल शब्दों में कहें तो सरकार सिर्फ यह नहीं कहती कि ‘हमने तय कर दिया, अब आप मानिए।’ अब जनता कहती है कि ‘हमारी यह जरूरत है, हमारा यह सुझाव है’, और सरकार उसे सुनती है और उस पर कार्रवाई भी करती है।
साथियों,
मोदी जी “Governance through Consensus” में विश्वास रखते हैं। जैसे उन्होंने गुजरात में ‘समरस ग्राम योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य था कि पंचायत के चुनाव में गांव आपसी सहमति से ग्राम प्रधान का चुनाव करें।
इसके दो फायदे हैं। एक तो गाँव, ‘फुलेरा पूरब’ और ‘फुलेरा पश्चिम’ में नहीं बँटते हैं। यानी गांव खेमों में नहीं बँटते हैं। जो भी प्रधान बनता है, वह विकास का काम बिना किसी पक्षपात के करता है। दूसरा फायदा यह है कि चुनाव में खर्च होने वाला पैसा बचता है। यह पैसा विकास कार्यों में लगाया जा सकता है।
आज जब हम ‘One Nation, One Election’ की बात करते हैं, तो इसके पीछे भी Continuous Development और Good Governance को बढ़ावा देने का ही दृष्टिकोण है।
साथियों
2014 से पहले हमारे देश के बारे में कहा जाता था कि भारत Over-regulated और Under-governed है। मोदी जी ने इस View को बदलने का काम किया है। आज भारत Well-Regulated और Properly Governed है।
मैं आपको कुछ उदाहरण देता हूँ। पहले लोगों को बहुत से सरकारी कामों के लिए Documents को किसी Gazetted Officer से Attest करवाना पड़ता था। मोदी जी ने Self-Attestation की व्यवस्था की। अब लोगों को अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं। वे अपने Documents, Self-Attest कर सकते हैं।
इसी तरह Group C और बहुत सी Group B नौकरियों में Interview की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे Interview में पर्ची और खर्ची का Culture समाप्त हो गया है।
इसी तरह वर्षों से देश में बहुत से ऐसे नियम और कानून चले आ रहे थे, जिनकी अब कोई जरूरत नहीं थी। जैसे अगर कोई यात्री किसी दूसरे की Reserved Berth पर बैठ जाता था, तो उसके लिए Criminal Fine का प्रावधान था।
ऐसे ही, Court Fee Stamps की Unauthorized Sale पर जेल भेजने तक का प्रावधान था। इसी तरह Metro Coach या Underground Station में Smoking करने पर Criminal Prosecution हो सकता था।
मोदी जी ने ऐसे पुराने हो चुके नियम-कानूनों को बदलने और खत्म करने का अभियान चलाया। Jan Vishwas Reform के जरिए ऐसे कई प्रावधानों में बदलाव किया गया है, जहां छोटी-छोटी गलतियों के लिए Criminal Punishment का प्रावधान था।
अब ऐसे कई मामलों में Criminal Penalty की जगह Civil Penalty लागू की गई है। बीते वर्षों में 40 हजार से ज्यादा Compliances हटाए गए हैं। डेढ़ हजार से ज्यादा पुराने और बेकार हो चुके कानून हमने खत्म किए हैं।
साथियो,
Good Governance की प्रक्रिया में जितना महत्वपूर्ण Over-regulation समाप्त करना है, उतना ही महत्वपूर्ण है Better Institutions और Systems बनाना। मोदी जी ने Governance की इस पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने का काम किया है।
जैसे पहले पूरे देश में Indirect Taxes का जाल फैला हुआ था। एक ही सामान पर कई तरह के Tax लगते थे। कारोबारियों को अलग-अलग Tax Systems को समझना पड़ता था। इससे Compliance Cost भी बढ़ती थी और Corruption भी।
मोदी जी ने कहा कि पूरे देश में ‘One Tax, One Market’ की व्यवस्था होनी चाहिए। उसके बाद GST System लागू किया गया। आज पूरे देश में Tax Structure बहुत आसान बन गया है।
इसी तरह पहले अगर कोई कंपनी आर्थिक संकट में फंस जाती थी, तो उससे बाहर निकलने की प्रक्रिया चक्रव्यूह जैसी थी। इससे Twin Balance Sheet की समस्या उत्पन्न हो गई थी। Twin Balance Sheet यानी Corporate Sector भी परेशान और Banks भी। Non-Performing Assets भी बहुत बढ़ गए थे।
मोदी जी ने देश को इस संकट से बाहर निकालने के लिए Insolvency and Bankruptcy Code की शुरुआत की। आपको जानकर हर्ष होगा कि मार्च 2026 तक Creditors को 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वापस मिल सकी है। और आज Public Sector Banks का Gross NPA, 2 Percent से भी कम है।
साथियों,
Good Governance सिर्फ Economy के लिए ही लाभकारी नहीं होती है, Good Governance से सिर्फ Ease of Doing Business ही नहीं बढ़ती है, Quality of Life ही नहीं बेहतर होती है। बल्कि Good Governance से लोगों की जान भी बचती है। Safety और Security भी बढ़ती है।
मैं आपको इसका एक उदाहरण देता हूँ। 2014 से पहले देश में करीब 9,000 Unmanned Railway Crossings थीं। ऐसी जगहों पर बहुत Accidents होते थे। हमारी सरकार ने इस समस्या को पहचानकर इसे Mission Mode में समाप्त करने का निर्णय लिया। Road Over और Under Bridges बनाए गए। इसका असर Railway Safety पर दिखाई दिया। आज, 2014 से पहले की तुलना में Train Accidents में करीब 90 प्रतिशत तक कमी आई है।
साथियो,
एक अच्छी Policy का Far-reaching Impact होता है। एक अच्छी Policy, Good Governance और Development की Multiplier बन जाती है। इसी Vision के साथ मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद काम किया है।
जैसे ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को ही देख लीजिए। इसका फायदा सिर्फ यह नहीं हुआ कि देश में शौचालय बने और सफाई बढ़ी। इससे महिलाओं की Dignity भी सुनिश्चित हुई। उसकी Safety भी बेहतर हुई। Open Defecation समाप्त होने से Disease Burden भी कम हुआ और लोगों की Health भी बेहतर हुई।
इसी तरह Ujjwala Yojana को देखिए। इसके अंतर्गत Free LPG Connections दिए गए। जिससे Pollution कम हुआ। महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली। उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ। लकड़ी और उपले इकट्ठा करने की मेहनत से राहत मिली। उनका समय बचा तो उन्होंने Micro Industries शुरू कीं।
साथियो,
मैं Defence Minister हूँ, इसलिए Defence Sector में Good Governance का एक उदाहरण आपको देना चाहता हूँ। Ordnance Factories का पूरा Structure कई सालों से बदलाव का इंतजार कर रहा था। लेकिन हमसे पहले की सरकार ने इसे बदलने की जहमत नहीं उठाई। क्यों? क्योंकि यह Populist फैसला नहीं था जिससे उन्हें Vote मिलते।
लेकिन मोदी जी ने इस Structure को बदलने का फैसला किया। 40 से ज्यादा Ordnance Factories को 7 Defence Public Sector Undertakings (PSU) में Reorganise किया गया। यह फैसला आसान नहीं था। लेकिन मोदी जी का Vision साफ था – Defence Production में Efficiency बढ़ानी है, Decision-making तेज करनी है। और Innovation को बढ़ावा देना है।
आज इसके परिणाम हमारे सामने हैं। 2025-26 में भारत का Defence Production रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। अगर 2014 से तुलना करें, तो Defence Exports में 56 गुना की वृद्धि हुई है, या यूं कहें कि यह 5,500 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ा है। जरा सोचकर देखिए 5500 प्रतिशत। 55 नहीं, 550 नहीं, 5500 प्रतिशत। Imagine कीजिए कि जो देश कभी Defence equipment के लिए दुनिया की ओर देखता था, वही आज दुनिया के 80 से ज्यादा देशों को Defence equipment export कर रहा है।
साथियो,
Good Governance की कुछ स्पष्ट कसौटियां हैं। जैसे कि सरकार Accountable और Transparent हो। समाज के हर वर्ग के Welfare के लिए कार्य करे। सरकार के काम Effective और Efficient तरीके से हों। Policies Inclusive हों। अगर हम इन सभी कसौटियों पर मोदी जी के 25 सालों को देखें तो पाएंगे कि Good Governance means Narendra Modi, and Narendra Modi means Good Governance.
Good Governance का एक और Criteria है और वह है कि सरकार हर कीमत पर देश की एकता और संप्रभुता की रक्षा करे। नागरिकों की रक्षा करे।
आज चाहे Internal Security की बात हो या External Security की, मोदी जी के नेतृत्व में Security को Governance की Core Priority बनाया गया है। आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक और सख्त कार्रवाई की गई है। आतंकवादियों को हमारी सेनाओं ने उनके घर में घुसकर मारा है। और भारत अब नक्सली हिंसा से भी निजात पा चुका है।
साथियों,
Left-wing extremists और उनके समर्थकों ने लंबे समय तक यह झूठा Narrative फैलाया कि गरीबी के कारण नक्सलवाद फैला, लेकिन मैं मानता हूँ कि नक्सलवाद के कारण गरीबी फैली। वामपंथी उग्रवादियों ने दशकों तक कई क्षेत्रों में विकास पहुंचने ही नहीं दिया।
लेकिन आज मोदी सरकार में देश के हर कोने तक विकास पहुंच रहा है। लोकतंत्र और संविधान के अनुरूप कार्य हो रहा है। और अब नक्सलवाद का फन कुचला जा चुका है।
साथियो,
Left-wing extremists को बढ़ाने में एक संगठित वैचारिक तंत्र का भी बहुत बड़ा हाथ था। पिछले 25 वर्षों में इसी तंत्र ने Astro-turfing और Gaslighting यानी झूठी Sponsored Campaigns के जरिए मोदी जी के खिलाफ भी खूब Narrative बनाने की कोशिश की।
लेकिन ऐसे लोग यह भूल जाते हैं कि जनता सब कुछ समझती है। जनता सब देखती है। जब जमीन पर विकास का पहिया चलता है और लोगों का जीवन बेहतर होता है, तो झूठा Narrative नहीं चल पाता है।
जब ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत गरीब को अपना पक्का घर मिलता है, जब ‘जल जीवन मिशन’ से हर घर में जल पहुंचता है, जब सौभाग्य योजना से लोगों को बिजली कनेक्शन मिलता है, जब ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ से सीधा किसानों के खाते में पैसा पहुंचता है, और ‘आयुष्मान भारत योजना’ से गरीब को फ्री इलाज मिलता है, तब कोई Narrative नहीं चलता।
तब सिर्फ काम बोलता है। और जब काम बोलता है तो Astroturfing और Anti-Incumbency जैसे सभी Factors धरे रह जाते हैं। इसीलिए मोदी जी चुनाव दर चुनाव जनता का विश्वास प्राप्त कर रहे हैं। और आज कई Global Surveys, जैसे कि Morning Consult Survey, कह रहे हैं कि मोदी जी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं।
अब, मोदी जी के खिलाफ Narrative बनाने की कोशिश करने वाले तत्वों को समझ ही नहीं आ रहा कि वे क्या करें? वे कभी विद्यार्थियों को भड़काने का काम कर रहे हैं तो कहीं Caste के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों को मेरी बस इतनी सलाह है कि अपना समय और ऊर्जा भारत के विकास के बारे में सोचने में लगाइए। इससे देश का भी भला होगा और उनका भी।
साथियो,
Political Science में एक Term है, ‘Soft State’. Soft State यानी ऐसा देश जहां Government कठिन फैसले लेने से डरे या उन्हें लागू करने की क्षमता न हो। लंबे समय तक भारत के बारे में भी यह धारणा रही कि भारत एक ‘Soft State’ है।
लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में यह धारणा पूरी तरह बदल गई है। इसका एक बड़ा उदाहरण Article 370 है। यह कहा जाता था कि Article 370 हटाया ही नहीं जा सकता। मोदी जी ने एक झटके में Article 370 के प्रावधानों को हटा दिया।
इसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर में न कोई विरोध प्रदर्शन हुआ, न ही लोगों ने पत्थरबाजी की। Article 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
साथियो,
मोदी जी ने देश में काम करने की संस्कृति ही बदल दी है। उनका स्पष्ट मानना है कि “Prohibited unless permitted” की Approach समाप्त करके “Permitted unless Prohibited” की Approach से काम करना है।
मैं आपको इसका Example देता हूँ। आप सोचिए कि क्या आप 2014 से पहले यह Imagine कर सकते थे कि Private Sector की कोई कंपनी भारत में अपनी Satellite Launch कर पाए। या Private Sector का कोई Player अपना Rocket Launch कर पाए। या Atomic Energy के क्षेत्र में Private Participation हो।
आज यह सब संभव हुआ है। भारत के एक Startup, Agnikul Cosmos, ने दुनिया का पहला Single-Piece 3D-printed Semi-cryogenic Rocket Engine बनाया है। भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ ने अंतरिक्ष की सफलतापूर्वक उड़ान भर ली है। भारत के पहले Private Launch Pad ‘Dhanush’ से भी Rocket Launch शुरू हो गया है। और Atomic Energy जैसे Strategic Sector में भी SHANTI Act के जरिए Private Sector की भागीदारी के लिए दरवाजे खुले हैं।
साथियो,
आजादी के बाद दशकों तक भारत में Socialist Economic Philosophy की आड़ में गरीबी का बहुत महिमामंडन हुआ। Wealth Creation की बात न करके बस Wealth Distribution की बात होती थी। लेकिन मैं एक सीधा-सा प्रश्न पूछना चाहता हूँ कि जब Wealth Creation ही नहीं हो रहा था, तो बाँटा क्या जा रहा था? Private Sector जो विकास में बराबर का भागीदार हो सकता था, उसे Distrust और Mistrust क्यों किया जा रहा था?
हमने इस मानसिकता को खत्म करने का काम किया है। हमारा मानना है कि Wealth Creation और Social Justice एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।
इसी सोच का परिणाम है कि भारत जब चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना तो चौथा सबसे समतामूलक देश भी बना। 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर भी निकले और स्टार्ट-अप्स की संख्या भी 500 से बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गई है। 4 करोड़ लोगों को घर और 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को LPG Gas Cylinder मिला है, तो Capital Expenditure भी 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
यानी मोदी जी का Governance Model, Inclusive और Holistic है। इसमें गरीब का Welfare और Empowerment भी है और युवाओं के लिए Opportunities भी हैं। Industries के लिए Better Infrastructure भी है, और Entrepreneurs के लिए Ease of Doing Business भी। देश के हर नागरिक के लिए Ease of Living भी है और हर वर्ग के लिए समान अवसर भी।
साथियो,
मोदी जी के 25 वर्षों के काम पर, मैं बहुत कुछ बोल सकता हूँ। लेकिन समय की अपनी मर्यादा है। इसलिए बाकी काम मैं Fellows और Researchers के लिए छोड़ता हूँ। इस Fellowship की सफलता की कामना के साथ, मैं अपनी वाणी को विराम देता हूँ।