BEL ने लोकतंत्र और सुरक्षा को मजबूत करने में अपना योगदान दिया है: रक्षा मंत्री

Text of RM’s speech at BEL, Bengaluru.

आज, Bharat Electronics Limited के परिसर में, आप सभी के बीच आकर मुझे बड़ी ख़ुशी हो रही है।

आज मुझे इस मंच से, Mountain Fire Control Radar, launch करने का अवसर प्राप्त हुआ। Artificial intelligence पर guidelines, और इसके अलावा virtual माध्यम से, पुणे में, Centre of excellence for Artificial intelligence की शुरुआत करने का भी अवसर मिला। सबसे पहले तो मैं, इन सभी initiatives के लिए BEL, और इन projects से जुड़े सभी लोगों को, ढेर सारी बधाई देता हूँ।

वैसे तो मैं अलग अलग अवसरों पर हमारे Scientists, Engineers और अन्य साथियों से मिलता रहता हूँ। पर लंबे समय से मेरे मन में इच्छा थी, कि मैं BEL में आकर आप लोगों से मिलूं, कुछ बातें करूँ। आज वह अवसर आ ही गया।

आप सभी Engineers तथा Scientists, हमारे nation के driving force हैं। हर दिन laboratories, workshops और testing grounds में, आप सब complex challenges का सामना करते हैं। और उसके बाद, एक ऐसे shield का निर्माण करते हैं, जो हमारी sovereignty की रक्षा करता है। आप सब, राष्ट्र के प्रति आपके योगदान के लिए, बधाई के पात्र हैं।

अभी आप सभी के बीच आने से पहले, मुझे Missile Systems area, और Product Development & Innovation Centre, देखने का अवसर मिला है। आकाश missile system, QR-SAM system, और अतुल्य रडार के साथ-साथ, वहाँ जो कुछ भी मुझे देखने को मिला, वह सिर्फ किसी संस्थान भर का काम नहीं लगा, बल्कि एक collective national effort का जीवंत प्रमाण लगा।

साथियों, आप सभी Scientists और Engineers से बात करना, हमेशा मुझे अच्छा लगता है। इसके पीछे कारण यह है, कि आप सभी का जो mind-set है, वह normal human tendency से थोड़ा ख़ास है।

ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि आमतौर पर जब भी कोई समस्या आती है, तो आदमी सबसे पहले तो, उस समस्या को नजरअंदाज करने का प्रयास करता है। और अगर कभी समस्या सामने आ भी गई, तो व्यक्ति generally यह चाहता है, कि वह स्वयं, समस्या से दूर चला जाए।

लेकिन Engineers और Scientists ऐसे नहीं सोचते। Labs, Workshops और testing grounds में समस्याओं को, चुनौती के रूप में, challenge के रूप में लिया जाता है। वहाँ समस्याओं से भागने की tendency नहीं है, बल्कि वहाँ समस्याओं को solutions में बदला जाता है।

यदि मैं specifically, Defence sector की बात करूँ, तो इसमें आप सभी की भूमिका, आने वाले समय में, और ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाली है। क्योंकि अब भविष्य में जिन समस्याओं की संभावना बन सकती है, उनको नजरअंदाज करने का option हमारे पास नहीं है।

आप देखिये, कि अब warfare का स्वरूप भी तेज़ी से बदल रहा है। Swarm Drones, cyber threats, electronic warfare, hypersonic platforms, space-based surveillance, यह सब चीज़ें, एक समय पर सिर्फ imagine की जा सकती थीं, लेकिन आज ये सब reality हैं।

हालाँकि, मुझे यह देखकर बड़ी खुशी होती है, कि इस बदलते दौर में, आपने Electronic Warfare Systems, Avionics, Naval platforms, Electro-optics, और Tank electronics जैसे cutting-edge technologies में बेहतरीन काम किया है। आपके काम ने हमारे network-centric operations को मजबूत किया है। इसके अलावा, आपके Integrated systems, real-time data sharing, और decision support capabilities ने, हमारी combat effectiveness को एक नए स्तर पर पहुँचाया है।

Airspace defence, और counter-drone operations में भी, जो systems विकसित किए गए हैं, उन्होंने यह दिखाया है, कि हमारे स्वदेशी समाधान भी, global standards पर खरे उतर सकते हैं। Artificial Intelligence के उपयोग से threat prediction, early warning और response mechanisms को जो गति मिली है, वह हमारी armed forces में operational confidence पैदा करती है। उन्हें यह भरोसा होता है, कि उनके पीछे एक strong, scientific और engineering ecosystem खड़ा है, जो हर पल उनके साथ है।

अभी कुछ ही समय पहले, जब हमारी सेनाओं ने Operation Sindoor को अंजाम दिया, तो उस दौरान पूरी दुनिया ने देखा, कि स्वदेशी रूप से विकसित Air defence, और anti-drone systems ने कैसे threats को neutralize किया। frontline पर जवानों की वीरता पर सभी ने बात की, और यह स्वाभाविक भी है, उनकी वीरता की सराहना होनी भी चाहिए। लेकिन साथ ही, second line of defence के रूप में, आप जैसे scientists और engineers जो काम कर रहे हैं, उसकी सराहना भी पूरे देश में हो रही है।

यह बड़ी interesting बात है, कि  देश के आम लोगों को यह नहीं पता था, कि कौन सा equipment कहाँ बना। उन्हें यह भी नहीं पता था, कि ये equipment किसने बनाए।  लेकिन इसके बावजूद देश के लोगों को, इस बात का गर्व था, कि यह equipment हमारे देश में बना है; और देशवासियों के हाथ से बना है।

देश के आम जन को, आपकी identity भले उतनी नहीं पता, लेकिन उन्हें यह विश्वास है, कि हमारे सैनिकों के लिए equipment बनाने वाले लोग सक्षम हैं। यह भरोसा अपने आप में बहुत बड़ी बात है। अब हमारे लिए सिर्फ जीतना ही पर्याप्त नहीं है। हमारे लिए वह जीत जरूरी है, जो अपनी शर्तों पर हो, अपने दमखम से हो, अपने देश में बने हथियारों और अपनी तकनीक के भरोसे हासिल की गई हो। ऐसी आत्मनिर्भर विजय ही, देश को नया आत्मविश्वास दे सकती है।

मैं मज़बूती से यह बात कहना चाहता हूँ, कि ऑपरेशन सिंदूर के पीछे जो शक्ति थी, वह आप जैसे लोग थे, और भविष्य की हर सफलता के पीछे भी, आप जैसे लोग ही होंगे। देश को आप पर विश्वास है, और यही विश्वास, आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

साथियों, Bharat Electronics Limited ने, Defence sector के अलावा भी कई क्षेत्रों में, technology को आत्मसात करने में, और internalize करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। मैं यह कह सकता हूं, कि BEL ने लोकतंत्र और सुरक्षा, जो किसी भी देश के महत्त्वपूर्ण components होते हैं, उनको मजबूत करने में अपना योगदान दिया है। इसका एक बड़ा उदाहरण तो Electronic Voting Machines है। EVMs के माध्यम से आपने, भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है। एक मजबूत लोकतंत्र, और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था ही, किसी राष्ट्र को मजबूत बनाती है। हमारी Defence, यदि देश की सीमाओं की सुरक्षा करती है, तो Democracy, देश की आत्मा की सुरक्षा करती है। महत्त्वपूर्ण यह है, कि आप दोनों से ही जुड़े हुए हैं।

साथियों, देश को आपसे हमेशा excellence की अपेक्षा रहती है। मुझे बड़ा अच्छा लगता है, कि आप उन अपेक्षाओं पर खरे भी उतरते हैं। मैं देख रहा था, कि Futuristic technologies की दिशा में भी, आप बड़ा अच्छा काम कर रहे हैं। Semi-conductor के क्षेत्र में भी, भारत जो mission लेकर चला है, उसमें भी आप सभी का कार्य बड़ा ही महत्वपूर्ण है। Integrated Circuits जैसे strategic areas में भी, जो प्रयास आपने किये हैं, वह भी भविष्य में, आत्मनिर्भरता की दिशा में, उठाए गए निर्णायक कदम हैं।

जब हम भविष्य की बात कर रहे हैं, तो उसमें एक और मुद्दे पर बात करना जरूरी है। जैसा कि मैंने अभी आपसे कहा, कि आज के दौर में warfare का nature बदला है। ऐसे में technology की भूमिका भी बढ़ रही है। Artificial Intelligence और quantum computing, अब future concepts नहीं रहे। Real-time decision making, autonomous systems, cyber defence और precision operations में इनका उपयोग, battlefield dynamics को भी बदल रहा है।

यह जो बदलाव हो रहे हैं, यह बहुत तेज़ हैं, और आने वाले समय में, और भी तेजी से यह बदलाव हमें दिखेगा। ऐसे समय में, आपकी तैयारी यह तय करेगी, कि भविष्य में भारत कितना मजबूत होगा। आपकी adaptability यह तय करेगी, कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों के प्रति हम कितने तैयार हैं। और आपके innovation की क्षमता यह तय करेगी,  कि भारत इस नई क्रांति में कैसे leader बनकर उभरेगा।

आप इतिहास में झाँक कर देखिये, तो आपको पता चलेगा, कि जब industrial revolution आया था, तब हम उसके अनुसार खुद को नहीं ढाल पाए थे। हालाँकि उसके पीछे अनेक ऐतिहासिक, आर्थिक और नीतिगत कारण थे। परन्तु technological revolution आने के बाद, हमने IT और Digital sector में शानदार रूप से बढ़त बनाई है। इसका परिणाम यह है, कि आज दुनिया भर में, भारत को इन क्षेत्रों में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

अब आज के दौर में, जो नई क्रांति हमारे सामने है, उसमें आगे रहने के अलावा, कोई दूसरा विकल्प हमारे पास नहीं है। आज हमारे देश में, field-specific AI में हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं। अलग-अलग sectors में AI के application की बढ़ोत्तरी हो रही है। चाहे वह health हो, education हो, agriculture हो, या फिर weather prediction हो, हर मामले में हम पहले की तुलना में काफी आगे आए हैं। इससे हमें socio-economic development में भी मदद मिल रही है।

आज, जब मैं आप सबके बीच आया हूं, तो मैं यह भी कहना चाहूंगा, कि सरकार आपकी आशाओं को, आपकी आकांक्षाओं को, अच्छे तरीके से समझती है। इसलिए सरकार ने, आपके अनुकूल वातावरण बनाने का पूरा प्रयास किया है। हमें भी पता है, कि यदि हमें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो इसके लिए हमें अनुसंधान पर focus करना होगा। हमने Council of Scientific & Industrial Research यानी CSIR को मज़बूत किया है। हमने अनुसंधान National research foundation की भी स्थापना की है। इसके अतिरिक्त National Quantum Mission, और Atal innovation Mission के साथ, हम futuristic technologies में भी innovation पर ध्यान दे रहे हैं। कहने का अर्थ यह है,  साथियों, कि सरकार आप सबके लिए अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही है। आप भी अपनी तरफ से प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में हम सबका मिलकर आगे बढ़ना, निश्चित रूप से राष्ट्र को एक मज़बूत स्थिति में ले जाएगा।

सरकार का यह प्रयास है, कि policy support, industry collaboration, और research encouragement के माध्यम से, इस बदलाव में, भारत को leadership की भूमिका में लाया जाए। AI-Quantum Mission सरकार द्वारा पहले ही प्रारंभ किया जा चुका है। Defence sector में new technologies के उपयोग को आगे बढ़ाने के लिए, Young Scientist Labs जैसी पहलें DRDO के माध्यम से शुरू की गई हैं। इसके अलावा i-DEX, Technology Development Fund और ADITI जैसे प्रयासों के माध्यम से भी, हम युवाओं को encourage कर रहे हैं, कि वो AI के क्षेत्र में innovation लाएँ। हमारे युवा AI से related नए solutions लेकर आ रहे हैं।

मेरे कहने का अर्थ यह है, कि सरकार futuristic technology की इस यात्रा पर चलने के लिए committed है,  और इस यात्रा में आप सभी की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाली है। हमें बस पूरे उत्साह के साथ, mission mode में जुड़ जाना है।

हमारे यहाँ कहा गया है, कि – स उत्साह अस्ति लोकेऽस्मिन्, किञ्चिदपि दुर्लभम्।। अर्थात्, उत्साह के साथ काम करने वाले व्यक्ति के लिए, इस संसार में कुछ भी दुर्लभ नहीं है।

इसलिए मैं आप सभी से यही कहना चाहता हूँ, कि जिस समर्पण, जिस professionalism, और जिस sense of purpose के साथ आप काम कर रहे हैं, उसे ऐसे ही जारी रखना है। सरकार हर स्तर पर आपके सहयोग के लिए committed है।

मैं आप सभी को, आपके भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे पूरा विश्वास है, कि हम सब इसी तरह, एक साथ मिलकर काम करते हुए, इस राष्ट्र को और भी strong, capable और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करते रहेंगे। इन्हीं शब्दों के साथ, मैं अपनी बात समाप्त करता हूं, आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।