हमारे प्रधानमंत्री जी ने हमेशा से ही खेलों को प्राथमिकता दी है: रक्षामंत्री

एशियाई खेल 2026 के सर्विसेज़ दल के साथ संवाद के दौरान रक्षा मंत्री के संबोधन का मूल पाठ।

सबसे पहले, मैं आप सभी को दिल से बधाई देता हूँ। भारत ने कुल 85 पदक जीते। इसमें हमारे Services Contingent का योगदान बहुत बड़ा रहा। Indian Army, Navy और Air Force के 92 खिलाड़ियों ने इन खेलों में भाग लिया, और 6 gold, 11 silver और 10 bronze समेत 27 medals जीते। मुझे बताया गया, कि यह एशियन गेम्स में, हमारी Services का, अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

मुझे यह देखकर बहुत गर्व हुआ, कि आप भले ही कम संख्या में उतरे, लेकिन अपने अनुशासन, अपनी team spirit और अपनी मेहनत से बड़ा मुकाम हासिल किया।

मैं Mission Olympic Wing की विशेष सराहना करता हूँ, जिसने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने, उन्हें आगे बढ़ाने, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मैं आपके परिवारों का भी विशेष आभार व्यक्त करता हूँ। जब आप ट्रेनिंग कैंप में होते हैं, जब आप खेल रहे होते हैं, तब आपके माता-पिता, पत्नी, पति, बच्चे, भाई-बहन, सब आपके लिए प्रार्थना करते हैं, आपका इंतजार करते हैं। उनका त्याग भी इस जीत में शामिल है। आज मैं उन सभी परिवारों को भी नमन करता हूँ।

साथियों, मुझे पता है, कि एक मेडल के पीछे बहुत सारी कहानियाँ होती हैं, बहुत सारे संघर्ष होते हैं। सुबह चार बजे उठना, training, gym, injuries, recovery फिर training. इन तमाम चीज़ों में, कभी शरीर टूटता है, कभी मन टूटता है। कभी परिवार से दूर रहना पड़ता है, कभी unit की duty, और खेल की तैयारी के बीच तालमेल बिठाना पड़ता है। लेकिन आप रुके नहीं। आपने हार नहीं मानी। आपने खुद को साबित किया।

आपके पूरे संघर्ष के पीछे आपके Coach, आपके Support Staff, आपके Physio, Nutritionist, और परिवार का भी योगदान है। मैं उन सभी को भी प्रणाम करता हूँ। क्योंकि चैंपियन अकेला नहीं बनता।

आज मैं यहाँ Services के उन खिलाड़ियों से कहना चाहता हूँ, जिन्होंने मेडल जीता, और उन साथियों से भी जो मेडल नहीं जीत पाए, लेकिन भाग लिया, लड़े, और अनुभव लेकर लौटे। मेडल हासिल न कर पाना, हार जाने का symbol नहीं होता। हार तो तब होती है, जब हम कोशिश करना छोड़ दें। और आपने कोशिश नहीं छोड़ी। आपने भारत का नाम रोशन किया। आपने Indian Armed Forces का मान बढ़ाया।

साथियों, जैसा कि आप जानते हैं, हमारे प्रधानमंत्री जी ने हमेशा से ही खेलों को प्राथमिकता दी है। हमने देश में खेल के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ विकसित करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार ध्यान दिया है।

और साथियों, इन सभी प्रयासों में Services का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे Armed Forces ने हमेशा देश को ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिनमें शारीरिक क्षमता के साथ-साथ अनुशासन, धैर्य, नेतृत्व और कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति अडिग रहने का गुण होता है।

हमारी Services के पास मजबूत institutionalized व्यवस्था, और खेलों का लंबा अनुभव है। इसलिए भारतीय खेलों को आगे बढ़ाने में Services की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।

अब हमारा ध्यान आगे की चुनौतियों पर होना चाहिए, विशेष रूप से Los Angeles Olympics 2028 और आने वाले ओलंपिक cycle पर हमें focus करना होगा। हमें प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान समय पर करनी होगी, उनकी तैयारी को मजबूत बनाना होगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए आवश्यक सहयोग देना होगा।

मैं सभी trainers और staff से भी आग्रह करूँगा, कि वे पूरी लगन से और professional तरीके से खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते रहें।

Los Angeles Olympics 2028 में हमें और बेहतर प्रदर्शन करना है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करूंगा, कि वो आपको और शक्ति दे, और आप देश का नाम और ऊँचा करें।

इसी भाव के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को बधाई देते हुए, अपनी बात समाप्त करता हूँ।

बहुत-बहुत धन्यवाद