Text of the RM’s speech at the ‘Defence Accounts Department Day-2026 ‘.
सबसे पहले, मैं आप सभी को, Defence Accounts Department के, 279th स्थापना दिवस पर, शुभकामनाएँ देता हूँ। किसी भी संस्था के लिए, लगभग तीन शताब्दियों तक काम करते रहना, गौरव का विषय होता है। Defence Accounts Department की जो इतनी बड़ी legacy है, उसको आप सबने न सिर्फ बनाए रखा है, बल्कि आगे बढ़ाने का भी काम किया है। इसके लिए, आप सभी बधाई के पात्र हैं।
मैं आज, department के ‘उत्कृष्टता पुरस्कार’ के विजेताओं को भी हार्दिक बधाई देता हूँ। आपको मिला यह पुरस्कार, आपकी मेहनत का फल है। Defence Accounts Department के officials की कर्तव्यनिष्ठा वास्तव में प्रशंसनीय है। मैं आप सबसे यह अपेक्षा करता हूँ, कि आप ऐसे ही अपनी कार्य-प्रणाली को बेहतर बनाने के निरंतर प्रयास करते रहेंगे, और नए-नए innovations के साथ आगे बढ़ते रहेंगे।
साथियों, Defence Accounts Department भारत की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है। आपका एक बहुत ही गौरवशाली अतीत रहा है, एक समृद्ध इतिहास रहा है। समय के साथ आपने अपने आप को और मजबूत बनाया है। और ऐसा आप इसलिए कर पाए, क्योंकि आपकी नींव मज़बूत है । साथियों, जब एक building की foundation मजबूत होती है, तो पूरी building मजबूत होती है, उसी तरह आपकी efficiency और accuracy ने पूरे defence system पूरे defence system को मजबूती प्रदान की है। साथ ही आपने, देश के defence financial management को एक मज़बूत आधार प्रदान किया है।
साथियों, आमतौर पर जब हम accounts department की बात करते हैं, तो एक general perception होता है कि, यह department एक static type के subject से जुड़ा है। लोग इसे सिर्फ number crunching का काम समझते हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं मानता। मुझे पता है, कि आपका जो subject है, वह न सिर्फ बहुत महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें एक खास किस्म का dynamism भी है।
आपका काम सिर्फ accounts maintain करना नहीं है।
आप देश की defence preparedness के financial backbone हैं। जब हमारी armed forces, देश की रक्षा करने में लगी रहती हैं, तो उनके पीछे आपकी team संबल बनकर खड़ी रहती है, जो ensure करती है, कि उन्हें समय पर payment मिले, उनके resources properly allocate हों, और पूरा system smoothly चले।
मैं यह मानता हूँ, कि Defence Accounts Department, हमारे पूरे रक्षा मंत्रालय का एक common thread है। रक्षा मंत्रालय के लगभग सारे काम, कहीं न कहीं, आपसे होकर ही गुजरते हैं। एक तरह से आप सब, हमारे defence system के backbone हैं।
साथियों, हम सब जानते हैं, कि आज की दुनिया कितनी तेज़ी से बदल रही है। नए systems बन रहे हैं, पुराने टूट रहे हैं। परिवर्तन की यह प्रक्रिया निरंतर चल रही है।
इसके अनेक factors देखे जा सकते हैं। पहला तो, science और technology का factor है। इस technology ने हमें computer दिया, Artificial intelligence दिया, automation दिया, digitization दिया, जिसके माध्यम से काफी बड़े-बड़े परिवर्तन हो रहें हैं I
इसके अलावा दूसरा factor, बदलती management policies हैं, जो दुनिया भर में बड़े-बड़े परिवर्तन ला रही हैं। किसी भी field में, चाहे वह manufacturing हो, services हो, governance हो, या financial management हो, हर जगह नए visions, नए goals, नई procedures, और नई methodologies, हमारी approach में change ला रही हैं।
कहने का मतलब यह है, कि हमारा goal एक ही है, अपने देश का विकास, अपने देश की सुरक्षा। लेकिन आज के दौर में, उस goal को achieve करने के तरीके बदल रहे हैं।
इस तेजी से बदलती दुनिया में, हमें अपनी संस्थाओं की efficiency, और performance को लगातार देखने, और evaluate करने की आवश्यकता है। और आज हमारी पहली आवश्यकता है, कि department का जितना भी Management Information System data है, उसे real-time update किया जाए। जो महत्वपूर्ण data है, वह समय पर decision makers तक पहुँचे, ताकि वे सही और timely decisions ले सकें।
इसके अलावा अब हमें, “annual review of balance budget” से आगे बढ़ते हुए, “any time review of balance budget” की ओर बढ़ना चाहिए। जब हम कहते हैं कि हम digital India बना रहे हैं, तो इसका मतलब यह है कि हमारे systems इतने smart हों कि किसी भी समय, किसी भी क्षण, हमें पता हो कि हमारी financial position क्या है। हमें यह नहीं कहना पड़े कि हमें annual review का इंतज़ार करना होगा। हमें यह नहीं कहना पड़े कि हमें quarter end का इंतज़ार करना होगा। “Annual से लेकर any time” तक का सफर, हमें तय करना होगा। और मुझे विश्वास है, कि आपकी team में यह capability है, यह क्षमता है, कि आप इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।
साथ ही मैं यह भी सोचता हूँ, कि जब आज हम armed forces के jointness और integration पर खासा जोर दे रहे हैं, तो हमें इसे Defence Accounts Department के ऊपर भी लागू करना चाहिए। आज Army, Navy, और Air Force मिलकर काम कर रहे हैं। ऐसे में अगर हमारे financial systems भी integrated हों, तो पूरी defence management और अधिक efficient हो जाएगी।
साथियों, हमें, as a financial institution, दूसरी संस्थाओं से भी सीखने की जरूरत है। आज banks और दूसरे financial institutions, पूरी तरह successfully digital हो चुके हैं। इसके साथ-साथ वे customer satisfaction को maximize कर रहे हैं। तो हमें भी अपने Accounts Department को इसी प्रकार ढालना होगा।
क्योंकि साथियों, आप लोगों के ऊपर बहुत बड़े budget की responsibility है। हमारा Defence budget अपने आप में काफी बड़ा है, और लगातार यह बढ़ता ही चला जा रहा है। जैसे-जैसे हमारा budget बढ़ता है, वैसे-वैसे financial prudence exercise करना, और भी ज्यादा important हो जाता है। ऐसे में हमें यह समझना होगा, कि one rupee saved, is one rupee earned. अगर हम defence expenditure में efficiency और economy ensure करें, और यह भी ध्यान रखें, कि defence preparedness से किसी भी तरह का compromise न हो, तो मैं समझता हूँ, कि हमारा Department, उसी budget के भीतर यह ensure कर सकता है, कि देश की defence needs के लिए और ज्यादा money available हो।
साथियों, Defence ecosystem में तो number of transactions भी बहुत ज्यादा होती हैं। Financial transactions की संख्या इतनी अधिक होती है, कि अगर हम इनको manually handle करने की कोशिश करें, तो बहुत मुश्किल होगा। इसलिए इन सबको ध्यान में रखते हुए, हमें अपने system को maximum digitalize करने की जरूरत है। Maximum digitization, maximum automation, maximum transparency, यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
पिछले financial year, यानी 2025-26 में हमारी जो expenditure booking रही है, वह लगभग 100 percent रही है। यह आपके, और तीनों services के joint efforts का बहुत ही बड़ा milestone है, बहुत ही अच्छा उदाहरण है । यह achievement आपकी dedication, आपकी hard work, और आपकी efficiency को दिखाता है। और मैं चाहूंगा, कि इस वर्ष भी, आप उसी momentum को बरकरार रखें, उसी energy के साथ आगे बढ़ें।
साथियों, आप सभी Defence finance को अच्छे से समझते हैं। Payment, accounts, audit और finance, इन सभी बातों को आप एक organization के रूप में implement भी करते हैं। मुझे बताया गया है, कि Comptroller and Auditor General of India के बाद, internal audit के सबसे बड़े department आप ही हैं। यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। और आप सिर्फ accounts maintain करने वाले लोग नहीं हैं। आप executive authorities के first adviser और first auditor हैं।
आपका standard बहुत ऊँचा है, लेकिन मैं चाहूँगा, कि आप इसे और भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। आप Comptroller and Auditor General के high standards को match करने का aspiration रखें, और accounting तथा quality audit की best practices को imbibe करें।
Quality audit के क्षेत्र में जो best practices, nationally या internationally उपलब्ध हैं, मैं चाहूँगा कि आप भी उन practices को अपनाएं, उन्हें आत्मसात करें, अपने कार्य क्षेत्र में लागू करने का प्रयास करें, और देश-दुनिया के साथ आगे बढ़ें।
साथियों, हम “स्वच्छता ही सेवा” अभियान में बढ़ चढ़ कर भागीदारी दे रहे हैं । मैं चाहूँगा कि इस अभियान के क्रम में digital स्वच्छता अभियान की भी शुरुआत की जाए। देश जब साफ हो रहा है, तो आप अपने सभी data को भी clean, accurate और up-to-date रखें। उनको बहुत भली-भांति संभाल करके रखें। अपने पुराने records और legacy government transactions को भी clean करने का यथासंभव प्रयास करें।
चूँकि, Defence Accounts Department ने SPARSH data की cleaning में पहले ही एक बड़ी सफलता हासिल कर ली है, मैं suggest करूंगा कि अगला कदम complaint redressal system को automate करने का होना चाहिए। मेरा suggestion है, कि Department एक ‘Conversational AI Ecosystem‘ लाने का प्रयास करे, जिसमें communication के सभी channels शामिल हों- chat, SMS, WhatsApp, email, phone calls इत्यादि। मैं समझता हूँ कि अगर यह system सही तरीके से implement हो जाए, तो यह न सिर्फ हमारे veterans और उनके परिवारों के लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आएगा, बल्कि पूरे department की efficiency को भी एक नए level पर पहुँचा देगा। यह समय की मांग है, और मुझे विश्वास है कि आप इस चुनौती को भी उसी dedication के साथ पूरा करेंगे।
साथियों, मैं आज आपके सामने एक बात पर विशेष जोर देना चाहूंगा कि कैसे हम defence ecosystem में grievances को promptly resolve करके, court cases को minimize कर सकते हैं I हम सब का यह collective effort होना चाहिए, कि हम court cases को professionalism, sensitivity और strong sense of responsibility के साथ handle करें|
हर case को facts, rules और settled law के आधार पर promptly examine किया जाना चाहिए। हमें unnecessary litigation से बचना चाहिए। और जहां position बिल्कुल clear हो, वहां decision लेने में किसी प्रकार की delay नहीं होनी चाहिए और judicial orders का prompt implementation होना चाहिए।
मैं Defence Accounts Department से अपेक्षा करता हूं कि, वह Services के साथ proper coordination ensure करे | साथ ही defence counsels को timely, और सही तरीके से brief किया जाए |
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है, कि public interest की रक्षा करते हुए, हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इनमें से कई cases उन लोगों के legitimate dues और service rights से जुड़े होते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की रक्षा के लिए समर्पित किया है। इसलिए, हमारा approach, firm होने के साथ-साथ fair, sensitive और responsible भी होना चाहिए।
साथियों, जैसा कि आप सभी जानते हैं, हमारा देश आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहा है। Defence sector में भी हम self-reliance पर जोर दे रहे हैं। हम चाहते हैं कि हमारे defence equipment, हमारे weapons, ये सब देश में ही, देश के लोगों के हाथों से बनें।
इस process में financial management की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। जब हम domestic defence industry को support करते हैं, जब हम Make in India को promote करते हैं, तो हमारे financial systems को भी उसी तरह flexible और efficient होना चाहिए।
आज Artificial Intelligence, Machine Learning, Block chain, Data Analytics, ये सब technologies हर क्षेत्र में revolution ला रही हैं। Financial management में भी इन technologies का बहुत बड़ा scope है। AI की मदद से हम fraud detection कर सकते हैं, pattern recognition कर सकते हैं, predictive analysis कर सकते हैं। Block chain की मदद से हम transparency और security बढ़ा सकते हैं। Data Analytics की मदद से हम better decisions ले सकते हैं। मैं चाहूँगा कि Defence Accounts Department इन नई technologies को adopt करने में आगे रहे। यह न सिर्फ efficiency बढ़ाएगा, बल्कि transparency भी ensure करेगा ।
इस संदर्भ में, मैं ‘SAMPURNA’ project के early development और implementation के महत्व पर भी जोर देना चाहूँगा I मेरा सुझाव है, कि इस fully automated, और ‘end-to-end’ revenue procurement system को expedite किया जाए, ताकि data analytics, artificial intelligence और machine learning पर आधारित, एक valuable decision support system enable हो सके। मैं चाहूँगा कि, CGDA तीनों services के साथ मिलकर इस project को जल्द से जल्द पूरा करे, और मैं आशा करता हूँ कि, अगले Defence Accounts Day पर मुझे, इसको launch करने का अवसर मिलेगा।
साथियों, IT Projects और digitization को लेकर भी, आपका रुख बहुत सकारात्मक रहा है। मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई है, कि आपने defence financial management, Accounting में AI, data analytics, तथा अन्य emerging technologies के प्रयोग की संभावनाओं को तलाशने के लिए, IIT Madras के साथ एक MoU किया है। मैं समझता हूँ, कि यह सही दिशा में उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है।
मुझे बताया गया, कि department द्वारा Defence accounting, और payment ecosystem के digitisation की दिशा में, armed forces के विभिन्न systems को SAKSHAM project के साथ integrate किया जा रहा है। इस integration के माध्यम से third party bills के audit एवं payment की प्रक्रिया को आसान और transparent बनाया जाएगा। मुझे यह जानकर और भी खुशी हुई, कि Department ने budget की processing, approval और bill data के लिए, Indian Army के Financial Information System के साथ integration भी कर लिया है। यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, और इसके लिए मैं आप सभी को बधाई देता हूँ।
साथियों, किसी भी organization की strength उसके लोगों में होती है। आपकी team की expertise, आपकी team की skills, आपकी team की dedication, यही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है। इसलिए मैं चाहूँगा, कि आप training और capacity building पर भी ध्यान दें। नई technologies, नई methods, नई best practices, इन सबको सीखने के लिए, continuous training की आवश्यकता है।
साथ ही, हमारा अपना पूरा focus अपने काम में ethics और values पर होना चाहिए। Honesty, integrity, impartiality, ये सब आपके profession के आधार हैं। Financial management में ethical conduct बहुत महत्वपूर्ण है। आपके हाथ में बहुत बड़ी financial power है। और इन powers का use सही तरीके से होना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है, कि आप सभी इस दिशा में काम करेंगे।
अंत में, मैं आप सभी को एक बार फिर से आपको, आपकी 279 वर्षों की, इस गौरवशाली यात्रा के लिए बधाई देता हूँ। आपने अपने कार्यों से, अपनी dedication से, अपनी efficiency से, इस department को गौरवान्वित किया है।
मुझे पूरा विश्वास है कि आप आगे भी इसी तरह से अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, देश की सेवा करेंगे, और इस department की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ, मैं अपनी बात समाप्त करता हूँ।
आप सभी का बहुत बहुत धन्यवादI