Text of RM’s speech at the ‘Bhoomi Pujan Samaroh’ of T-Series Tanks Overhaul Project in Jabalpur, MP.
सबसे पहले, Vehicle Factory, Jabalpur में, T-72 और T-90 Tanks के Overhaul के लिए strategic facility के भूमि पूजन पर, मैं आप सभी को बधाई देता हूँ।
आज का दिन, हमारी industrial self-reliance को नई ऊँचाई देने का, और जबलपुर जैसे ऐतिहासिक शहर को Defence manufacturing के नक़्शे पर और अधिक गौरवशाली स्थान दिलाने का दिन है।
मैं इस national importance के project के लिए, मध्य प्रदेश सरकार का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने इस project को अपना पूरा सहयोग दिया है। मध्यप्रदेश सरकार ने उद्योग, निवेश और रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में जिस दूरदर्शिता, सक्रियता और commitment के साथ कार्य किया है, वह प्रशंसनीय है। Global Investors Summit-2025 में, नई नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन, Invest MP 3.0 के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम अनुमोदन व्यवस्था, तथा उद्योग-अनुकूल नीतियाँ राज्य को निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 3,073 हेक्टेयर भूमि पर रक्षा विनिर्माण की संभावनाएँ और ₹16,960 करोड़ से अधिक के प्रस्तावित निवेश इस दिशा में राज्य की महत्त्वाकांक्षी सोच को दर्शाते हैं। यह प्रयास मध्यप्रदेश को भारत का अगला प्रमुख Defence & Aerospace Manufacturing Hub बनाने की मजबूत नींव रख रहा है। इन सब achievements के लिए, मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, और उनकी पूरी team को बधाई देता हूँ।
साथियों, आज जिस facility का हम भूमि पूजन कर रहे हैं, यह project साधारण नहीं है। यह अपने आप में भारत की बढ़ती technological consciousness, हमारी industrial capability, और defence sector में हमारे बढ़ते confidence का example है। यह project हमारे उन सैनिकों के लिए एक वरदान सिद्ध होगी, जो इन tanks के सहारे दुश्मनों को नेस्तनाबूत करते हैं। और सबसे बड़ी बात यह, कि यह project जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय लोग, हमारे किसान, हमारे मजदूर, हमारे youth, हमारे छोटे entrepreneurs के जीवन में भी, समृद्धि और रोजगार के नए दरवाजे खोलने वाला है।
आजकल दुनिया में क्या चल रहा है, दुनिया किस तरह की स्थिति से गुजर रही है, यह सब चीज़ें किसी से छुपी नहीं है। टेलीविजन पर बैठकर खबरें देखते हुए, एक आम आदमी भी, यह आराम से समझ सकता है, कि किस तरह से दुनिया में खास, कर रक्षा क्षेत्र में नई-नई technology आ रही है। Drones और missiles की बातें, अब बहुत सी elite जगहों से बाहर निकल कर, आम जनता के बीच भी पहुंच चुकी है। यानी लगभग सभी लोग जानते हैं, कि ये जमाना युद्ध में नई technology का है।
ऐसे में जब हम लोग आज, tank की बात कर रहे हैं, तो जाहिर सी बात है, कि मन में सवाल उठता होगा, कि आज के ज़माने में, जब drones और missiles हैं, तो tanks की क्या जरूरत है? कुछ experts तो ये भी मानते हैं, कि tanks अब पुराने पड़ गए हैं, उनका ज़माना चला गया। लेकिन मेरा विचार इससे थोड़ा अलग है।
आज के समय में warfare का character जरूर बदला है। Drones हैं, precision-guided weapons हैं, missiles हैं, satellites हैं, artificial intelligence है, cyber warfare है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि tanks की relevance समाप्त हो गई है। आधुनिक warfare में किसी एक platform की नहीं, बल्कि combined capability की आवश्यकता होती है। Tank, infantry, artillery, drones, air power, surveillance और precision weapons, ये सभी मिलकर एक integrated combat system बनाते हैं। इस प्रकार का एक practical उदाहरण हमारी सेना द्वारा, Integrated Battel Group के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
सबकी अपनी strength होती है। जैसे, Tank की सबसे बड़ी strength उसकी mobility, protection और firepower का combination है। वह कठिन terrain में भी, सैनिकों को protected mobility देता है। साथ ही tanks, ground operations में decisive role निभा सकते है। इसलिए आज की आवश्यकता tank को समाप्त करने की नहीं, बल्कि उसे modernise करने की है। उसे बेहतर sensors, और modern battlefield requirements के अनुरूप capabilities से equip करने की है।
यह किसी एक weapon system बनाम दूसरे weapon system की लड़ाई नहीं है। यह पूरे combat system की लड़ाई है। और इस पूरे system में Tank का role आज भी महत्वपूर्ण है।
यानी Tank का role समाप्त नहीं हुआ है; Tank का role evolve हो रहा है। यानी technology बदल रही है, warfare का character बदल रहा है, लेकिन ground combat में tanks की आवश्यकता समाप्त नहीं हुई है। और यही बात हमारी defence policy को भी guide कर रही है। हमारा approach किसी एक platform को दूसरे platform का substitute मानना नहीं है। हमें Drone भी चाहिए, हमें Missile भी चाहिए, हमें Artillery भी चाहिए, हमें Electronic Warfare भी चाहिए, Energy weapons भी चाहिए, और हमें modernised Tanks भी चाहिए। हमें यह तय नहीं करना है, कि Tank चाहिए या Drone; हमें यह ensure करना है कि हमारे सैनिकों के पास Tank भी हो, Drones भी हों और दोनों के बीच बेहतर coordination भी हो। मुझे विश्वास है कि जबलपुर की यह facility आने वाले समय में इसी vision को आगे बढ़ाएगी।
साथियों, जबलपुर की पहचान पहले से ही defence manufacturing और military institutions के कारण रही है। लेकिन आज हम उस identity को , एक नए level पर ले जाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि जबलपुर, defence technology, maintenance, modernisation और manufacturing का एक प्रमुख hub बने।
मुझे विशेष रूप से खुशी है, कि 472 करोड़ रुपए की लागत वाले इस project में, हमारे स्थानीय talent और technical workforce को भी अवसर मिलेगा। हमारे युवाओं में skill की कमी नहीं है। आवश्यकता है उन्हें opportunity, technology और सही ecosystem देने की। जब ये तीनों चीजें हमारे युवाओं को मिलेंगी, तो वही युवा nation-building के सबसे important factor बनेंगे।
आज दुनिया भारत को देखने का नजरिया बदल रही है। और इसके पीछे, आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारे प्रयास जिम्मेदार हैं। भारत का रक्षा क्षेत्र, अब आत्मनिर्भर होने की ओर बढ़ चुका है। यदि मैं आंकड़ों की बात करूँ, तो मुझे यह कहते हुए ख़ुशी होती है, कि भारत का रक्षा क्षेत्र, अब पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर होने की ओर बढ़ रहा है।
पिछले दस वर्षों में हमने जो मेहनत की है, उसका परिणाम आज हमें मिल रहा है। 2014 में हमारा domestic defence production, मात्र 46,000 करोड़ रुपये था, यानि हमलोग भारत में सिर्फ 46,000 करोड़ रुपये के हथियार और साजो-सामान बना पाते थे। लेकिन आज वही बढ़कर record 1 लाख 77 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक हो चुका है। इसके अलावा 2014 के समय भारत का जो Defence export है, वह बहुत कम हुआ करता था। हम 1,000 करोड़ रुपये से भी कम के हथियार और साजो-सामान, दुनिया को बेच पाते थे, लेकिन आज वही बढ़कर record 38,424 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। इस तरह की अनेक उपलब्धियां हमने हासिल की हैं। दुनिया भारत को एक manufacturing power, technology partner और trusted defence partner के रूप में देख रही है।
इस बदलते भारत में जबलपुर की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। यहाँ की factories, यहाँ के engineers, यहाँ के technicians, यहाँ के skilled workers, और यहाँ के युवा इस परिवर्तन के important stakeholders हैं।
साथियों, इस project का background भी अपने आप में unique है। जैसा कि आप सब जानते हैं, हमारी Indian Army दुनिया की सबसे powerful forces में से एक है। ऐसे में हमारी जरूरतें भी बहुत ज्यादा होती हैं। Ground warfare में, T-72 और T-90 variant के tanks हमारे लिए बहुत जरूरी हैं। ये tanks हमारी सीमाओं पर iron wall बनकर खड़े हैं।
पिछले 40 वर्षों से, Heavy Vehicles Factory यानी HVF ने Indian Army को लगभग 4,400 tanks की supply की है। यह आँकड़ा अपने आप में गर्व करने लायक है। ये tanks आज भी हमारी सीमाओं पर दुश्मन के लिए काल बनकर खड़े हैं, और हमारे जवानों का morale बनकर खड़े हैं।
लेकिन साथियों, किसी भी machine की तरह, tanks को भी समय-समय पर maintenance और repair की जरूरत होती है। जब tank कई वर्षों तक कठोर परिस्थितियों में operate करता है, तो उसकी performance पर असर पड़ता है। इसलिए Overhauling का यह काम, हमारी Army की operational readiness के लिए, बहुत जरूरी है।
यह कितना जरूरी है, इसको आप बस इस बात से समझिये, कि वर्तमान में Indian Army को हर साल 230 tanks की Overhauling की आवश्यकता है, ताकि Army की तैयारी और strength में कोई कमी न आए। लेकिन Heavy Vehicles Factory, Avadi में अभी केवल 150 tanks की Overhauling capacity विकसित की गई है। यानी हर साल 80 tanks की capacity gap रह जाती थी। यह gap हमारी national security के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इस gap को दूर करना हमारी सरकार की प्राथमिकता बनी। और यही gap दूर करने के लिए, आज जबलपुर की इस धरती को चुना गया है।
आज जिस project का भूमि पूजन हुआ है, उसके तहत, यहाँ जबलपुर में हर साल 80 tanks की Overhauling की additional capacity establish की जाएगी। जब यह project पूरा हो जाएगा, तो HVF Avadi की 150 tanks की capacity और VFJ Jabalpur की 80 tanks की capacity मिलकर, हर साल 230 tanks की Overhauling कर सकेंगी। इससे हमारी Army को अपनी जरूरत के अनुसार, समय पर tanks मिल सकेंगे।
मैं Armoured Vehicles Nigam Limited यानी AVNL को भी इस project के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ। AVNL हमारे देश के defence industrial structure का एक important pillar है। AVNL के पास T-72 और T-90 variant के tanks की Overhauling का 25 वर्षों से अधिक का experience है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह institution आने वाले वर्षों में Quality, Productivity, Innovation और Global Competitiveness के नए benchmarks establish करेगा।
साथियों, हम सबको नई दुनिया की, नई चुनौतियों के प्रति तैयार होना होगा। आज दुनिया में warfare का character तेजी से बदल रहा है। पहले युद्ध मुख्य रूप से battlefield और borders पर लड़ा जाता था। अब war technology, information, cyber domain और supply chains पर भी लड़ा जाता है।
ऐसी स्थिति में, जिस देश के पास advanced technology होगी, जिसकी supply chain resilient होगी, जिसकी industrial capacity मजबूत होगी, और जिसकी innovation capability तेज होगी, वही देश किसी भी लंबे conflict में टिकने में सक्षम होगा।
इसीलिए हमारे प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में, हमारी सरकार का यह important vision है, कि रक्षा क्षेत्र में, हमें दूसरे पर निर्भर नहीं रहना है। हमने तय किया है, कि हम अपने सैनिकों को critical equipment के लिए, foreign supply chains पर dependent नहीं रखेंगे। हम अपने देश में weapons बनाएँगे। अपने देश में उनकी repair और maintenance करेंगे। अपने देश में उन्हें modern technology से upgrade करेंगे। और अपने देश में ही उनकी next-generation capabilities भी develop करेंगे। और आज का यह project उसी आत्मनिर्भरता की एक मजबूत कड़ी है।
हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के leading defence manufacturing और export hubs में अपनी मजबूत पहचान बनाए। और इस national mission में जबलपुर जैसी facilities important role play करेंगी।
और मुझे पूरा विश्वास है, कि इस project से जुड़े सभी stakeholders, इस responsibility को पूरी efficiency, और sincerity के साथ निभाएँगे।
मैं मध्य प्रदेश सरकार का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। मुख्यमंत्री जी और उनकी पूरी team ने, इस project को ground level पर establish करने में हर संभव सहयोग दिया है।
मैं Secretary, Department of Defence Production श्री संजीव कुमार, और CMD, AVNL श्री सत्यब्रत मुखर्जी को भी इस महत्त्वपूर्ण प्रयास के लिए बधाई देता हूँ।
मैं इस project को, धरातल पर उतारने में दिन-रात जुटे सभी officers, engineers, technicians और employees को हृदय से बधाई देता हूँ। आपके परिश्रम, आपकी commitment और आपके dedication से ही, यह सपना साकार हो रहा है।
मुझे पूरा विश्वास है, कि Vehicle Factory Jabalpur का यह project, न केवल निर्धारित समय पर पूरा होगा, बल्कि Quality, Efficiency और Excellence के नए benchmarks भी establish करेगा।
इन्हीं शुभकामनाओं के साथ, मैं इस महत्वपूर्ण project के successful और time-bound implementation की कामना करते हुए अपनी बात समाप्त करता हूँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद