Text of RM’s speech at the ‘Viksit Bharat Sankalp Sammelan’ in Hyderabad
हैदराबाद आना मेरे लिए हमेशा अत्यंत हर्ष का विषय होता है। आज आप सभी के बीच एक बार फिर, मुझे यहाँ आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। सबसे पहले, मैं लौहपुरुष सरदार पटेल को नमन करता हूँ जिन्होंने हैदराबाद को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाकर, भारत की Unity और Integrity सुनिश्चित की थी।
साथियों,
आज का यह Programme दो वजहों से खास है। पहली वजह यह है कि अभी कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल के बारह वर्ष पूरे हुए हैं। ये बारह वर्ष, Good Governance और Inclusive Development की दृष्टि से भारत के लिए ऐतिहासिक रहे हैं।
इन बारह वर्षों में हमने न केवल पिछले कई दशकों के गड्ढे भरे हैं और पूरे सिस्टम में सुधार किया है, बल्कि भारत के विकास के लिए वो Runway तैयार किया है, जहां से अब भारत, विकसित राष्ट्र बनने की उड़ान भर चुका है।
सरदार पटेल ने आज़ाद भारत को एकता के सूत्र में पिरोया था। उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारी सरकार, भारत को सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और आर्थिक स्तर पर मज़बूत कर रही है। विकसित राष्ट्र के संकल्प को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रही है।
साथियों,
दूसरी खास बात यह है, कि नरेंद्र मोदी जी, जनता द्वारा चुने गए भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह Record कोई Ordinary Achievement नहीं है। बल्कि यह उन पर जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।
इतने लंबे समय तक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे बड़े पदों पर रहने के बावजूद उनकी Popularity में किसी प्रकार की गिरावट नहीं आई है। बल्कि वो लगातार बढ़ रही है।
एक Reputed International Survey के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। उनकी Approval Rating दुनिया में सबसे ज्यादा है। यानी सबसे ज़्यादा लोग उन पर भरोसा करते हैं। विश्वास करते हैं। Trust करते हैं।
साथियों,
विश्वास वह धागा है, वह सूत्र है, जो व्यक्ति, परिवार, समाज, और देश को जोड़ता है। जिस दिन यह धागा टूट जाता है, सबसे मजबूत रिश्तों में भी खटास आ जाती है। बड़ी-बड़ी संस्थाएँ कमजोर पड़ जाती हैं। बड़ी बड़ी सरकारें गिर जाती हैं।
राजनीति में भी हर नेता की सबसे बड़ी पूंजी विश्वास ही होता है। अगर जनता किसी नेता पर विश्वास करना बंद कर दे तो उसे अर्श से फर्श पर लाने में वक्त नहीं लगाती है। अभी आपने पश्चिम बंगाल में देखा ही होगा कि कैसे जनता का भरोसा तोड़ने वाले लोगों की, जनता ने चुनाव में कमर तोड़ी दी।
साथियों,
मैं मानता हूँ कि जनता का विश्वास पाने के लिए चार Qualities बहुत जरूरी हैं। सबसे पहले है Integrity यानी ईमानदारी, दूसरी है साफ नीयत, तीसरी है काम करने की क्षमता और चौथी है वादों को Actual Results में बदलने की काबिलियत।
अगर इन चारों Qualities की कसौटी पर मोदी जी को परखें तो शायद ही आजाद भारत के इतिहास में उनके जैसा कोई नेता हुआ है।
साथियों,
किसी नेता के लिए लोगों का लगातार समर्थन पाने की सबसे पहली और बुनियादी शर्त है: ईमानदारी। मोदी जी पहले 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और अब पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा कर रहे हैं। उनका पूरा जीवन Honesty और Integrity की मिसाल रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन अत्यंत सादगी से जिया है।
प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि न खाऊँगा, न खाने दूँगा। इसका साफ मतलब था कि चाहें मंत्री हो या संत्री, Corruption को किसी भी Level पर, किसी भी तरह का, कोई भी संरक्षण नहीं मिलेगा। Corruption के खिलाफ जीरो टॉलरन्स की नीति रहेगी।
साथियों,
कांग्रेस की सरकारों के दौरान शायद ही कोई दिन ऐसा जाता था जब किसी Scam की खबर न आती हो। कोल स्कैम, 2G स्कैम, कॉमनवेल्थ स्कैम, जैसे Scams की वजह से देश को लाखों-करोड़ों का नुकसान हुआ।
कुछ लोग चंद रुपयों के लिए देश की सुरक्षा तक दांव पर लगा देते थे। 2014 से पहले देश ने बोफोर्स घोटाला देखा। HDW पनडुब्बी घोटाला देखा। टाट्रा ट्रक घोटाला देखा। अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला देखा।
साथियों,
लेकिन पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Budget ढाई लाख करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग सात लाख करोड़ रुपये हो गया है। लेकिन आज तक एक चवन्नी भी इधर से उधर नहीं हुई है। पूरी Transparency और Accountability के साथ एक-एक रुपया भारत की सुरक्षा को मजबूत करने में लगा है।
साथियों,
भारतीय जनता पार्टी और मोदी जी सिर्फ अपने काम में ही नहीं बल्कि विचार में भी ईमानदार हैं।
हम अगले Election की नहीं, बल्कि अगली Generation की चिंता करते हैं।
हमारी नियत बिल्कुल साफ है। हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। हमने कहा था कि अयोध्या जी में भगवान राम का मंदिर बनेगा, और आप सभी ने देखा कि वहाँ भव्य मंदिर बना। हमने कहा था, देश से हर अवैध घुसपैठिए को निकालेंगे। जिन-जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहाँ जाकर देख लीजिए, सभी अवैध घुसपैठियों को खदेड़ा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में भी यह काम शुरू हो चुका है।
हमने कहा था कि हम तीन तलाक की सामाजिक बुराई समाप्त करेंगे, और हमने कर के दिखाया। हमने अपने वादे के मुताबिक वक्फ कानूनों में भी जरूरी सुधार किये।
हमने कहा था कि हम Uniform Civil Code (UCC) लेकर आएंगे। इसकी शुरुआत उत्तराखंड से हो चुकी है। और कई भाजपा शासित राज्यों में इस पर काम चल रहा है।
जब नया संसद भवन बना था, तो हमने सबसे पहला कदम महिलाओं को Legislative Bodies में 33 Percent Reservation देने का उठाया था। लेकिन कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने इस फैसले से जुड़े जरूरी Constitutional Amendment को संसद में पास नहीं होने दिया।
पर घबराने की जरूरत नहीं है, देश की महिलाओं को जब तक उनका हक नहीं मिल जाता और बराबर की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो जाती, हम शांत बैठने वालों में से नहीं हैं। यह भाजपा का वादा है, और भाजपा का वादा माने ‘मोदी की गारंटी’।
लेकिन इस घटना से देश की महिलाएं विपक्ष का Character समझ चुकी हैं। और समय आने पर विपक्ष को ऐसा जवाब देंगी, जैसा हाल ही में पश्चिम बंगाल में दिया है।
साथियों,
हमारी सोच है कि देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ में हों ताकि पैसे और समय की बचत हो सके। हम पूरा प्रयत्न कर रहे हैं कि सबको विश्वास में लेकर यह काम करें। और यह काम भी होकर रहेगा।
साथियों,
आजादी के बाद, कुछ ऐसे Princely States थे जिनके शासक भारत में आने से मना कर रहे थे। शुरुआत में सरदार पटेल ने बातचीत के माध्यम से उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन जब बातचीत से हल नहीं निकला तो, उन्होंने बलपूर्वक उन Princely States का भारत में विलय कराया।
हमारी सरकार भी इसी नीति पर चल रही है। ऑपरेशन सिंदूर से हमने दुनिया को बता दिया कि शांति और सद्भावना की भाषा नहीं समझने वाले लोगों को हम उसी भाषा में जवाब देना जानते हैं जिसकी उनको आदत है।
हमने कहा था कि अगर भारत पर आतंकी हमला हुआ तो हम पाकिस्तान का दाना-पानी बंद कर देंगे। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, हमने Indus Water Treaty को Suspend करके बता दिया कि जिनकी आँख का पानी मर गया हो, उन्हें हमसे पानी की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। आतंकवादियों के संरक्षकों को और मानवता के दुश्मनों को पानी नहीं मिलेगा।
साथियों,
पिछले 12 वर्षों में संकट के समय पर भारत, दुनिया का सबसे Trusted Partner बनकर उभरा है। हमारे पड़ोस में जब भी कहीं कोई आपदा आती है, तो भारत सबसे पहले मदद के लिए पहुंचता है।
दुनिया में जितनी भी Generic Medicines की मांग है उसमें से 20% भारत पूरी करता है। आज दुनिया की 60% वैक्सीन भारत में बनती हैं। वैक्सीन मैत्री के तहत, हमने 100 से ज्यादा देशों को 30 करोड़ से अधिक कोविड वैक्सीन भेजी हैं। आज भारत की Image पूरी दुनिया में ‘विश्व बंधु’ के रूप में स्थापित हो चुकी है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम विश्व बंधु बने रहेंगे और कोई भी हमारे शांति के प्रयास को, हमारी सहनशीलता और हमारी सद्भावना को, हमारी कमजोरी समझ लेगा। हमारे दुश्मनों को यह नहीं भूलना चाहिए कि विश्व बंधु के पास अगर Vaccine है तो Brahmos भी है।
हम हर बीमारी का, हर तरह से इलाज करना जानते हैं।
साथियों,
जहां तक मोदी जी के काम करने की क्षमता की बात है तो मैं आपको एक उदाहरण से बताना चाहता हूँ कि मोदी जी देश के विकास के लिए कितने समर्पित हैं।
याद कीजिए 2022 में, जब मोदी जी की माता जी का निधन हुआ तो उस दिन भी वे उनका अंतिम संस्कार करके, काम पर जुट गए थे। मोदी जी ने अपने तय कार्यक्रम रद्द नहीं किये। उसी दिन National Ganga Council की बैठक से भी वे जुड़े। उन्होंने एक वंदे भारत ट्रेन की भी शुरुआत की।
यही नहीं, मोदी जी ने सभी Ministers से भी कह दिया था कि कोई भी अपना कार्यक्रम रद्द न करे और जिस काम के लिए जनता के बीच हैं उन्हें पूरा करें।
सोचिए, जिस व्यक्ति ने अपनी माँ के निधन के बाद भी, एक दिन की छुट्टी नहीं ली, वह व्यक्ति इस देश की मिट्टी से कितना प्यार करता होगा। इस देश के लोगों के विकास के बारे में कितना सोचता होगा।
साथियों,
जहां तक Ground पर Results देने की बात है, तो पिछले 12 सालों में देश में हुए परिवर्तन को देख लीजिए। यह खुद से साबित हो जाएगा कि हम सिर्फ वादे ही नहीं करते हैं, बल्कि Results Deliver करके दिखाते हैं।
12 साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत को कभी नक्सलवाद से भी मुक्ति मिलेगी। दशकों तक नक्सली, आम लोगों और सुरक्षा बलों के खून से होली खेलते रहे। लेकिन आज हमने नक्सलवाद का अंत कर दिया है। जिन इलाकों में कभी बंदूक की आवाज़ गूंजती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं, सड़कें बन रही हैं, और विकास पहुँच रहा है।
हमने भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे जरूरी टैक्स रिफॉर्म GST लागू किया है। आज One Nation, One Market, One Tax की वजह से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिला है।
हमारी सरकार ने चार लेबर कोडस लागू किये हैं ताकि हमारे श्रमिक भाई-बहनों का जीवन बेहतर हो। उनकी सोशल सिक्योरिटी बढ़े। उनकी आय बढ़े।
हमने पूरे Justice System में Reform किया है। British Raj से चले आ रहे कानूनों की जगह नए कानून बनाए हैं ताकि सभी नागरिकों के Rights की बेहतर तरीके से रक्षा हो। सभी को न्याय मिले।
साथियों,
एक समय था जब कांग्रेस कहती थी कि देश से Article 370 नहीं हटाया जा सकता है। मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर से Article 370 हटाकर दिखाया। Article 370 हटने के बाद से कश्मीर के लोग भी खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
जिस कश्मीर की पहचान पहले पत्थरबाजी, हड़ताल और आतंकवाद से होती थी, आज वहाँ Tourism बढ़ रहा है। Investment आ रहा है। नई Industry लग रही हैं। युवाओं के लिए Employment बढ़ रहा है। लाल चौक पर शान से तिरंगा फहरा रहा है। वहाँ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। वहाँ शांति से मुहर्रम का जुलूस निकल रहा है। दशकों से बंद पड़े Cinema-halls फिर से खुल रहे हैं।
साथियों,
याद कीजिए, 2014 से पहले देश में कितनी निराशा का माहौल था। किसान बदहाल था, युवा परेशान था। देश की जनता की आख़िरी उम्मीद बस मोदी जी और भारतीय जनता पार्टी बची थी। जनता ने जिस उम्मीद से प्रधानमंत्री मोदी जी को देश की बागडोर दी थी, मोदी जी उस उम्मीद से कहीं ज्यादा खरे उतरे हैं।
2014 से पहले भारत दुनिया में वो सम्मान नहीं पा रहा था जिसका वो हकदार था। इतने घोटाले हो रहे थे कि भारत में कोई भी पैसा लगाने को तैयार नहीं था। लेकिन आज दुनिया का बड़े से बड़ा देश, भारत से अच्छे रिश्ते रखना चाहता है। हमारे साथ Trade करना चाहता है।
2014 के बाद से दुनिया के 38 देशों ने भारत के साथ Trade करने के लिए समझौते किए हैं। आज दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत में प्लांट लगा रही हैं। भारत में अपने ऑफिस खोल रही हैं। जितने भी i-Phone पूरी दुनिया में बिकते हैं, उनमें से 25 Percent आज भारत में बन रहे हैं।
2014 से पहले, जब किसी देश में कोई Crisis आता था, तो वहाँ फंसे भारतीयों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता था। लेकिन आज दुनिया के हर कोने में रह रहे, हर भारतीय को पता है, कि मोदी सरकार उसे अकेला नहीं छोड़ेगी। चाहे यूक्रेन हो या अफ़ग़ानिस्तान या ईरान या सीरिया या सूडान, मोदी जी हर जगह से भारतीयों को सुरक्षित अपने घर लेकर आए हैं।
2014 से पहले इंटरनेट सिर्फ ज्यादातर शहरों में और अमीरों के घरों में होता था। लेकिन आज घर-घर में इंटरनेट है। आज गाँव का युवा भी 5G चला रहा है।
2014 से पहले कई हजार गांवों तक बिजली नहीं पहुंची थी। आज देश के हर गाँव में बिजली पहुँच चुकी है।
2014 से पहले देश में अमीर और अमीर होते जा रहे थे। गरीब और गरीब होते जा रहे थे। लेकिन हमने अंत्योदया और सर्वोदय की भावना से काम करते हुए 25 करोड़ देशवासियों को गरीबी से बाहर निकाला है। आज World Bank कह रहा है कि भारत Equality के मामले में भी दुनिया में चौथे स्थान पर है। यानी विकास का लाभ केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि गरीबों, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों तक पहुंच रहा है।
साथियों,
मोदी जी ने गरीबी देखी है। वो जमीन से उठकर आए हुए नेता हैं। उन्होंने लोगों का दर्द देखा है। इसीलिए उन्हें पता है कि आम आदमी की समस्याएं क्या हैं।
आप सोचिए 2014 से पहले देश में कितने करोड़ लोगों के पास बैंक अकाउंट ही नहीं था। बैंक अकाउंट खुलवाने के लिए सिफारिश लगती थी। गवाह लगते थे। अकाउंट न होने की वजह से कई ठेकेदार मजदूरी देने में हेराफेरी कर लेते थे।
लेकिन मोदी जी ने कहा कि यह सब नहीं चलेगा। उन्होंने जन-धन-योजना की शुरुआत की। आज भारत में 56 करोड़ से ज्यादा जन-धन अकाउंट खुले हैं। और अब खाता खुलवाने के लिए बैंक नहीं जाना पड़ता है। बैंक आपके घर आता है।
2014 से पहले देश में महिलाओं को सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक सिर्फ परेशानियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों में, घर पर Toilets न होने के कारण, उन्हें अपने मान-सम्मान और सुरक्षा से समझौता करके, शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था।
घर पर पानी का कनेक्शन न होने के कारण, भरी दोपहर में महिलाओं को दूर-दूर से पानी ढोकर लाना पड़ता था। गांवों में करोड़ों महिलाओं को हर रोज धुएं के बीच चूल्हे पर रोटी बनानी पड़ती थी। कई घरों में अगर कोई महिला बीमार होती थी तो पैसों के अभाव में उसे इलाज तक नहीं मिलता था।
2014 में ही हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर परेशानी को समाप्त करने का संकल्प लिया। हर महिला की गरिमा और सुरक्षा के लिए हमने देश में 12 करोड़ से ज्यादा Toilets बनवाए ताकि महिलाओं को शौच के लिए घर के बाहर न जाना पड़े।
हमने वर्ष 2019 में जब ‘जल जीवन मिशन’ की शुरुआत की थी, उस समय केवल 17 प्रतिशत ग्रामीण घरों में नल के माध्यम से सुरक्षित जल पहुँच रहा था। आज यह संख्या बढ़कर लगभग 82 प्रतिशत हो गई है। यानी करोड़ों महिलाओं को आज पानी ढोने के काम से मुक्ति मिल गई है।
पीएम आवास योजना के कारण आज करोड़ों महिलाओं के नाम पर पहली बार कोई प्रॉपर्टी रजिस्टर हुई है।
हमने उज्ज्वला योजना की शुरुआत की। इससे करोड़ों घरों में गैस सिलेंडर पहुंचा है। करोड़ों महिलाओं को धुएँ से मुक्ति मिली है।
हमने ‘आयुष्मान भारत योजना’ की शुरुआत की। आयुष्मान भारत योजना में जितनी संख्या में पुरुष इलाज कराते हैं, लगभग उतनी ही संख्या में महिलायें भी इलाज प्राप्त कर रही हैं। अब महिलाओं को अपनी बीमारी के साथ जीने की आदत नहीं डालनी पड़ती। उन्हें आयुष्मान कार्ड दिखाकर तुरंत फ्री इलाज मिलता है।
साथियों,
आम लोगों के, वंचित वर्ग के लोगों के, और महिलाओं के संघर्ष को कांग्रेस की सरकारें कभी समझ ही नहीं पायीं। जिन्होंने कभी गाँव नहीं देखा, गरीबी नहीं देखी, वो आम जनता का दर्द नहीं समझ सकते थे। जो लोग खुद को राजा-रजवाड़ा मानते हों, वे आम आदमी की जरूरतों और समस्याओं को नहीं समझ सकते थे।
आप सोचिए इंदिरा गांधी जी ने 1983 में काँग्रेस (AICC) के अधिवेशन में स्वयं कहा था कि मैं किसी शाही परिवार से नहीं आती, लेकिन अपने समर्पण और परिश्रम से हमने यह दर्जा हासिल कर लिया है। काँग्रेस वाले पूछेंगे यह कहा लिखा है तो यह बात राजनीतिक चिंतक पार्था चटर्जी ने फ्रंटियर में लिखी थी।
कांग्रेस की राजनीति इसी मानसिकता पर टिकी है कि यह देश एक परिवार की जागीर है। राहुल गांधी के आचार-विचार और व्यवहार में भी अक्सर यह भाव झलकता है। वे ख़ुद को PM पद का Natural उत्तराधिकारी मानते हैं।
एक लेखक हैं; सुगाता श्रीनिवासराजू। उन्होंने राहुल गांधी पर एक किताब लिखी है। उन्होंने लिखा है कि 2014 के चुनाव से पहले और उसके बाद राहुल गांधी अपने साथ के लोगों से कहते थे कि उनका समय 2024 में आएगा। यानी राहुल गांधी सत्ता में आने और प्रधानमंत्री बनने की बात करते थे। और तो और राहुल गांधी यह बात किसी Astrologer की तरह करते थे। निश्चितता के साथ करते थे। मानो उन्हें जनता का विश्वास जीतने के लिए संघर्ष नहीं करना, बल्कि बस अपने समय का इंतज़ार करना है।
साथियों,
यही अंतर है जो प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा को बाकी लोगों से अलग बनाता है। कांग्रेस वाले अपने को राजा मानते हैं। हम अपने आप को जनता का सेवक मानते हैं। हमारी पार्टी ने हमेशा, हमें “जन सेवा ही प्रभु सेवा’ की शिक्षा दी है। और जब जनता ने हमें सेवा का अवसर दिया तो यही भाव हमारे काम में भी दिखा है।
साथियों,
2014 से पहले हम सुई से लेकर शिप तक, Toy से लेकर Tank तक सब Import कर रहे थे। जब कभी भारत के पास बड़ी फ़ैक्ट्रियां लगाने के अवसर आते थे, तो हम उन्हें खो देते थे। इस संदर्भ में, मैं एक घटना का जिक्र करना चाहता हूँ।
आपको पता है, पूरी दुनिया में सेमीकंडक्टर चिप का बहुत बड़ा मार्केट है। सिर्फ भारत को ही हर साल लगभग 19 अरब यानी 1,900 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स चाहिए होते हैं। भारत आज तक इस चिप को दूसरे देशों से खरीद रहा है। जानते हैं क्यों?
क्योंकि 1960 के दशक में यह चिप बनाने वाली एक सबसे बड़ी कंपनी भारत में इस चिप की फैक्ट्री लगाना चाहती थी। लेकिन कांग्रेस की सरकार ने उसे परमिशन ही नहीं दी। ऐसा एक बार नहीं हुआ कई बार हुआ है।
2004-2005 में, फिर से वहीं कंपनी भारत में अपनी फैक्ट्री लगाने आई। उसे तीन साल तक कांग्रेस की सरकार ने लटकाए रखा। थक हारकर वो कंपनी चीन चली गई।
सोचिए कितने करोड़ों रुपये का बिजनेस देश से बाहर चला गया। रोजगार का कितना बड़ा अवसर हमने खो दिया।
साथियों,
लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश की, आज की और भविष्य की जरूरतों को समझा है। उन्होंने सेमीकंडक्टर की इंडस्ट्री को बढ़ावा दिया। और हमने पिछले साल देश की पहली Made-in-India सेमीकंडक्टर चिप बना ली है।
यह अंतर है हमारी सरकार में और पहले की सरकारों में।
पहले की सरकारों को न अवसर दिखते थे, न ही भारत की समस्याएं दिखती थीं, न ही उनका समाधान दिखता था। लेकिन हमारी सरकार आपदा को भी अवसर में बदल देती है।
साथियों,
2014 में प्रधानमंत्री मोदी जी ने Make in India का मंत्र दिया। कांग्रेस के लोग Make in India का मजाक उड़ाते थे। लेकिन आज यह विचार विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की नींव बन चुका है।
बीते 12 वर्षों में भारत में मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत इकोसिस्टम देश में विकसित हुआ है। आज हम शिप से लेकर सेमीकंडक्टर तक, मोबाईल से लेकर मिसाइल तक, ड्रोन से लेकर से लेकर वैक्सीन तक, सब भारत में बना रहे हैं।
भारत आज सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी सामान बना रहा है। हमारा Export बढ़ा है। हमारा लक्ष्य है कि इस वर्ष हम भारत के Export को 1 ट्रिलियन डॉलर तक लेकर जाएंगे। और अगले पाँच वर्षों में इसे बढ़ाकर 2 ट्रिलियन डॉलर कर देंगे।
यह नए भारत की ताकत है। आज भारत सिर्फ एक कंज्यूमर नहीं है, बल्कि एक मैन्युफैक्चरर भी है।
अगर मैं डिफेंस सेक्टर की ही बात करूँ तो अब हमारा फोकस केवल हथियार खरीदने पर नहीं, बल्कि भारत को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने पर है। इसी का परिणाम है कि भारत का डिफेंस प्रोडक्शन, 1.50 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच गया है।
हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट 34 गुना बढ़ा है। आज भारत में बने डिफेंस इक्विपमेंट, 100 देशों को एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं।
साथियों,
चुनावों में हार-जीत लगी रहती है। पर विपक्ष ने और खासकर कांग्रेस ने एक नियम बना लिया है। जब भी वो हारते हैं, सबसे पहले चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। EVM पर सवाल उठाते हैं। SIR की प्रक्रिया पर संदेह पैदा करके जनता को गुमराह करते हैं। कभी Election Commission जैसी संवैधानिक संस्था पर हमला करते हैं।
लेकिन कभी भी अपने गिरहबान में झाँककर नहीं देखते हैं कि उन्होंने अपनी झूठी बातों और गलत कामों से जनता का विश्वास खो दिया है। इसीलिए वे चुनाव-दर-चुनाव हारते जा रहे हैं।
साथियों,
साढ़े तीन दशक के संघर्ष के बाद, हमने पहली बार 2014 में केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी। हमने भी कई बार हार का सामना किया। लेकिन हमने जनता के फैसले पर कभी सवाल नहीं उठाया। हमने कभी भी संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर देश की जनता को गुमराह नहीं किया। हारने के बाद पूरी चुनावी प्रक्रिया को ही कठघरे में खड़ा नहीं किया।
मैं आपको दो घटनाएं बताना चाहता हूँ।
1951 के दिल्ली म्युनिसिपल इलेक्शन में ऐसे आरोप लगे थे कि कांग्रेस और विपक्ष के लिए अलग-अलग तरह के बैलेट बॉक्स प्रयोग किए जा रहे थे। जब पंडित नेहरू ने इस बात की जांच करायी तो पता चला कि कुछ बैलेट बॉक्सों में वोट की पर्ची डालने के लिए चौड़ी स्लॉट थीं, और कुछ में पतली स्लॉट थीं।
ऐसे ही 1970 के दशक में भी कांग्रेस पर बैलेट पेपर से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। बैलेट पेपर पर केमिकल का इस्तेमाल करके बाकी पार्टियों के वोट मिटाने के आरोप लगे थे।
राजनीति में पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाती हैं। ये सभी आरोप भी कांग्रेस पर लगाए गए थे। पर हमने कभी भी संवैधानिक संस्थाओं पर शक नहीं किया। चुनावी व्यवस्था पर संदेह पैदा करके, जनता को गुमराह करने का प्रयास नहीं किया। हमने हमेशा जनता का, संविधान का सम्मान किया है।
साथियों,
हमारी सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को वास्तविक अर्थों में धरातल पर उतारते हुए, सभी राज्यों को भी विकास का बराबर भागीदार बनाया है।
2004 से 2014 के दौरान राज्यों को Tax Devolution के तौर पर 18 लाख करोड़ रुपए के आसपास ही मिले थे। लेकिन इस साल के बजट के आंकड़ों को जोड़कर देखा जाए तो, हमने राज्यों को करीब-करीब 100 लाख करोड़ रुपए दिए हैं।
आप तेलंगाना का ही उदाहरण ले लीजिए। बीते 12 वर्षों में तेलंगाना में नेशनल हाईवे का नेटवर्क Double हुआ है। पहले Undivided आंध्र प्रदेश के लिए, एक हज़ार करोड़ रुपए से भी कम का रेलवे बजट होता था। आज सिर्फ तेलंगाना का रेलवे बजट ही लगभग साढ़े पांच हज़ार करोड़ रुपए का है। करीब 50 हज़ार करोड़ रुपए के रेल प्रोजेक्ट्स पर यहां काम चल रहा है। तेलंगाना में 5 वंदे भारत और 6 अमृत भारत ट्रेनें भी चल रही हैं।
पिछले महीने ही प्रधानमंत्री जी ने तेलंगाना में ‘पीएम मित्र पार्क’ (प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) का Inauguration किया है। लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह देश का पहला Functional पीएम मित्र पार्क है। यह पार्क तेलंगाना में Employment बढ़ाएगा।
मलकापुर में Indian Oil के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया गया है। यह टर्मिनल तेलंगाना की बढ़ती Energy Needs को पूरा करेगा।
यह सब बातें प्रमाण हैं कि हमारे लिए देश के हर राज्य का विकास आवश्यक है। किसी भी राज्य में दूसरी पार्टी की सरकार हो सकती है। यही Democracy की खूबी भी है। लेकिन हम कभी भी इस आधार पर भेदभाव नहीं करते हैं कि किस राज्य में कौन सी पार्टी की सरकार है।
‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास,सबका प्रयास’ का यही मतलब है।
साथियों,
अंग्रेजी में एक कहावत है: Prevention is better than cure. जिसका मतलब होता है बीमारी के इलाज से बेहतर है कि हम उसकी रोकथाम के लिए काम करें। बीमारी होने ही न दें। शायद कांग्रेस के लोगों ने यह बात नहीं सुनी थी, इसलिए ही जब संकट गहरा जाता था, तब उसका समाधान ढूँढने निकलते थे।
उदाहरण के तौर पर, 1991 में अर्थव्यवस्था में सुधार तब किए गए जब भारत पर Financial Crisis आ गया। जब 26/11 का आतंकी हमला हुआ, तब National Investigation Agency (NIA) का गठन किया गया। कई वर्षों तक इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड का मॉडर्नाइजेशन नहीं किया गया और 2012 में देश ने सबसे भयंकर ब्लैक-आउट देखा। ऐसे ही 2014 से पहले, बैंकों के Non-Performing Assets (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) बढ़ने दिए गए।
साथियों,
लेकिन हमारी सरकार संकट आने का इंतज़ार नहीं करती, बल्कि संकट पैदा ही न हो, इसके लिए पहले से काम करती है। हम Proactively काम करते हैं।
हमने 2016 में Insolvency and Bankruptcy Code (इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड) बनाया। 2018 तक जो Non-Performing Assets 11 प्रतिशत के आसपास थे, 2025 तक वो घटकर 2.31 प्रतिशत रह गए हैं।
भारत ने Climate Change से लड़ने के लिए कुछ बड़े Targets Set किए थे। इनमें से कई Targets को हमने तय समय से पहले ही हासिल कर लिया है। जैसे, हमने कहा था कि 2030 तक देश की कुल बिजली क्षमता में 40 प्रतिशत हिस्सा Non-fossil Energy का होगा। भारत ने तय समय से 9 साल पहले 2021 में ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया था। यही नहीं आज भारत की कुल बिजली क्षमता का 52% से अधिक हिस्सा Non-fossil Energy Sources पर आधारित है।
नए सोलर प्लांट लगाने की रफ्तार के मामले में, भारत अब अमेरिका से भी आगे निकल गया है।
साथियों,
हमें पता था कि आने वाला समय तकनीक का है। इसीलिए हमने Digital India Programme की शुरुआत की। कई लोग कहते थे कि इस देश के ग्रामीण और गरीब लोग, Digital India का लाभ नहीं उठा पाएंगे। ऐसे ही जब हमने UPI की शुरुआत की तो विपक्ष के लोग मजाक बनाते थे, कहते थे कि यह सफल नहीं होगा।
लेकिन साथियों, Digital India सफल हुआ है और देश के हर कोने में आज लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। Digital India ने देश के बहुत से लोगों को अपना बिजनस शुरू करने का आधार दिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किया है।
आज UPI भी दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है। 8 से ज्यादा देश इसे अपना चुके हैं।
साथियों,
हमारे देश के हर कोने में, हर जिले में, कोई न कोई प्रोडक्ट बहुत फेमस होता है। जैसे तेलंगाना का ही उदाहरण लीजिए। यहाँ के अदिलाबाद जिले के सोया उत्पाद, वारंगल की मिर्च, जनगांव के सुगंधित चावल, निजामाबाद की हल्दी, बहुत प्रसिद्ध हैं। भारत के हर जिले में ऐसे अनेक प्रोडक्ट हैं जिनकी अपनी एक विशेष पहचान है।
अगर आजादी के बाद से इन प्रोडक्टस को बढ़ावा दिया गया होता तो सोचिए हर जिले में कितना रोजगार और पैसा आ सकता था।
हमारी सरकार ने इस बारे में सोचा और हमने One District One Product की शुरुआत की। ताकि पूरी दुनिया में भारत के इन Products की पहचान हो। इनकी मांग बढ़े।
आज जब प्रधानमंत्री दूसरे देशों के नेताओं से मिलते हैं तो यही चीजें उन्हें गिफ्ट में देते हैं। जैसे मोदी जी ने तेलंगाना की बिदरी शैली की सुराही, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को उपहार में दी थी। UAE की क्वीन मदर को उन्होंने करीमनगर का फिलिग्री बॉक्स भेंट किया था। डेनमार्क की प्रधानमंत्री को उन्होंने बिदरी कला से निर्मित सिल्वर वर्क का एक वास गिफ्ट में दिया था।
यानी प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रयासों से, आज देश के हर कोने के Products को विश्व भर में पहचान मिल रही है।
साथियों,
मोदी जी का विजन आज की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ, एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना भी है। और हम इस लक्ष्य को प्राप्त करने के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इस बात के कई प्रमाण हैं। जैसे आज दुनिया की बड़ी से बड़ी अर्थव्यवस्थाएं संघर्ष कर रही हैं। लेकिन भारत सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
एक अर्थशास्त्री ने तो भारत को “शाइनिंग स्टार” कहा था। पिछले साल तीन बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में बढ़ोतरी की है। भारत की रेटिंग बढ़ने का मतलब है कि दुनिया को भारत की अर्थव्यवस्था, उसकी नीतियों और उसके भविष्य पर पहले से अधिक विश्वास है।
साथियों,
हम कांग्रेस की तरह सिर्फ वो Populist फैसले नहीं लेते हैं, जो आसान हों लेकिन आगे चलकर देश के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित न हों। हमारे यहाँ ऐसे रास्ते को “प्रेय” कहा गया है जो थोड़े से समय के लिए तो खुशी देता है पर कुछ समय बाद नुकसान का कारण बनता है।
दूसरा रास्ता वह है जो शुरू में थोड़ा कठिन लगता है, धैर्य और मेहनत मांगता है, लेकिन अंत में व्यक्ति, समाज और देश, सभी का भला करता है। इसी दूसरे रास्ते को हमारे यहाँ ‘श्रेय’ कहा गया है। इसलिए हमने प्रेय का नहीं बल्कि श्रेय का रास्ता चुना है।
इसीलिए आज, जब पूरी दुनिया में Instability है, कई जगह युद्ध हो रहे हैं; भारत मजबूती, स्थिरता और तीव्र गति के साथ आत्मनिर्भरता और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
साथियों,
मैं पिछले 12 वर्षों के बारे में और भी बहुत सी बातें कह सकता हूँ। लेकिन समय की अपनी सीमाएं हैं।
मैं अपना वक्तव्य इस बात से समाप्त करूंगा कि आज ‘मोदी’ एक नाम नहीं हैं, ब्रांड हैं और सुशासन की गारंटी है। और MODI का मतलब है – मेहनती, ओजस्वी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और ईमानदार नीयत।
धन्यवाद!
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