Text of RM’s speech at the Golden Jubilee celebrations of the Indian Coast Guard in New Delhi.
Indian Coast Guard के, 50th Raising Day के इस गौरवशाली अवसर पर, आप सभी के बीच आकर, मुझे बड़ी ख़ुशी हो रही है। सबसे पहले मैं आप सभी को, और आपके परिजनों को, Indian Coast Guard के, पचासवें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देता हूँ। साथ ही, मैं Indian Coast Guard को, उसकी unwavering commitment, और professional excellence के लिए भी बधाई देता हूँ।
वैसे तो Indian Coast Guard, रक्षा मंत्रालय के young organisations में से एक है। पर पाँच दशकों की इस यात्रा में, Indian Coast Guard ने साहस, समर्पण और सेवा की जो परंपरा स्थापित की है, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। समुद्री सीमाओं की रक्षा से लेकर, मानवता की सेवा तक, आपने हर मोर्चे पर आपने देश का मान बढ़ाया है। आज इस दिवस पर, जब हम पीछे मुड़कर Indian Coast Guard की यात्रा को देखते हैं, तो हमें विशेष गौरव का अनुभव होता है।
सोचिये, कि आज से 50 साल पहले, एक छोटे से बेड़े के साथ, Indian Coast Guard की जो यात्रा शुरू हुई थी, वह यात्रा आज यहाँ तक पहुँच चुकी है, कि राष्ट्रीय सुरक्षा के आप एक मज़बूत pillar बनकर उभरे हैं। आज Indian Coast Guard के पास, advanced ships, Helicopters, modern aircraft, और बेहतरीन technologies हैं। आप लोगों ने हर challenge को accept किया और लगातार अपनी capability, confidence, और credibility को बढ़ाया है। एक छोटे से force के रूप में शुरुआत करने वाला यह संगठन, आज एक massive, modern और ताकतवर force बन गया है। यह आप सबकी मेहनत, dedication और sacrifice का नतीजा है। आज भारतीय तटरक्षक, दुनिया के top coast guards में गिना जाता है।
साथियों, हमारे देश की जो geographical situation है, उसे देखते हुए Indian Coast Guard का रोल अत्यंत व्यापक हो जाता है। आपका नाम Indian Coast Guard है। यह नाम अपने आप में जितना बड़ा दिखाई देता है, इसका दायित्व उससे भी कहीं अधिक बड़ा है। भारत की coastal boundary लगभग 7500 किलोमीटर लंबी है। Territorial Sea से लेकर Exclusive Economic Zone तक, भारतीय नौसेना के साथ मिलकर, आप निरंतर vigilance बनाए रखते हैं। इतनी विशाल समुद्री सीमा की सुरक्षा, अपने आप में एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, और आप इस जिम्मेदारी का निर्वाह, अत्यंत कुशलता से कर रहे हैं।
साथियों, Indian Coast Guard की भूमिका, देश की तटीय, और समुद्री सुरक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आतंकवाद, हथियार व मानव तस्करी रोकने से लेकर अन्य अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण तक, आप हर मोर्चे पर सतर्क रहते हैं। वैश्विक अस्थिरता, और बढ़ते maritime threats के दौर में आपकी जिम्मेदारियाँ और भी बढ़ गई हैं। Drug trafficking, piracy, illegal trade और marine pollution जैसी चुनौतियों से निपटने में आपका योगदान निर्णायक है। Multi-agency coordination, disaster management में first responder की भूमिका, और professionalism के साथ, humanity का प्रदर्शन, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाता है।
Indian Coastguard का humanitarian record, वास्तव में बहुत सराहनीय है। अपनी स्थापना से लेकर अब तक, समुद्र में 11,800 से ज्यादा लोगों की जान बचाना, आपके courage, skill और sense of duty को साफ़-साफ़ दिखाता है। चाहे cyclone हो, समुद्री दुर्घटनाएँ हों, या Operation Sagar Bandhu जैसे regional humanitarian missions, आपने हर बार prompt response, compassion और professional approach का परिचय दिया है।
वर्ष 2025 ने आपकी operational maturity और efficiency को सशक्त रूप से प्रमाणित किया। प्रतिदिन समुद्र में लगभग 60 ships, और 10 से अधिक aircraft की तैनाती से surveillance, coastal security, law enforcement और marine environment protection ensure हुई है। मुझे बतलाया गया, कि Intelligence-based operations के माध्यम से, smuggling और illegal fishing के विरुद्ध आपको बड़ी सफलताएँ मिलीं हैI केवल 2025 में, 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की seizures हुईं, जिनमें ऐतिहासिक anti-narcotics operation शामिल है। Marine environment protection में MV MSC Elsa 3, और MV Wan Hai 503 जैसी घटनाओं में आपकी preparedness और inter-agency coordination दिखी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर HADR और maritime diplomacy में आपकी भूमिका, Neighbourhood First Policy के प्रति भारत की commitment को दिखाती है।
इन सबके अलावा, आपकी एक बड़ी उपलब्धि Operation Sindoor भी रही, जिसे बढ़ी हुई maritime sensitivity के दौरान अंजाम दिया गया। यह बड़ा महत्त्वपूर्ण रहा, कि Indian Coastguard ने, Fast and firm response देते हुए, strategic assets की अग्रिम तैनाती की, western coast पर निगरानी बढ़ाई, और coastal तथा creek areas में high alert बनाए रखा। इस operation ने भारत की multi-layered maritime security system में, Coastguard की frontline force के रूप में भूमिका, और inter-service coordination को फिर से साबित किया।
आप सभी भारत की समुद्री सीमा पर, भरोसे की एक जीती–जागती दीवार हैं। राष्ट्र–सेवा क्या होती है, राष्ट्र की सुरक्षा क्या होती है, और राष्ट्र के प्रति समर्पण क्या होता है, Indian Coast Guard ने इसे जमीनी स्तर पर करके दिखाया है। जब कोई fisherman आपकी vessel को देखता है, तो उसे हमेशा एक आत्मबल मिलता है, उसे अपनी सुरक्षा का एहसास होता है। जब कोई merchant ship हमारे waters में प्रवेश करता है, तो उसे confidence मिलता है। आपका presence ही अपने आप में assurance होता है। और यह कोई छोटी बात नहीं है, बड़ी बात है।
आज भारत, जिस आत्मविश्वास के साथ अपने maritime interests की बात करता है, जिस clarity के साथ blue economy, maritime security और coastal development की योजनाएँ बनाता है, उस आत्मविश्वास के पीछे आपकी जगती हुई रातें हैं, आपकी duties हैं, आपका पसीना है।
मैं आप सभी से यही कहना चाहता हूँ, कि देश आप पर गर्व करता है, और देश जानता है, कि जब तक आप समुद्र में खड़े हैं, तब तक भारत सुरक्षित है। आज, जब भारत विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की ओर दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब Indian Coast Guard के लिए यह आवश्यक हो जाता है, कि वह अगले 25 वर्षों का एक स्पष्ट, well-targeted और दूरदर्शी रोडमैप तैयार करे। यह roadmap केवल manpower planning और capability development तक सीमित न रहे, बल्कि यह भी परिभाषित करे, कि वर्ष 2047 तक, और उसके साथ अपनी 75वीं वर्षगांठ पर, Indian Coast Guard स्वयं को एक संगठन के रूप में कहाँ देखता है।
इसके साथ-साथ यह भी उतना ही आवश्यक है, कि Indian Coast Guard संगठनात्मक, और संरचनात्मक स्तर पर, ऐसे सुधारों पर गंभीरता से विचार करे, जो उसे अधिक agile, responsive और future oriented बनाएं। यदि आज सही समय पर यह आत्ममंथन और सुधार आरंभ किए जाते हैं, तो देश की आज़ादी के 100 वर्षों, और Indian Coast Guard की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर, यह संगठन न केवल समुद्री सुरक्षा का सशक्त प्रहरी होगा, बल्कि विकसित भारत के समुद्री सामर्थ्य का एक सशक्त प्रतीक भी बनेगा।
साथियों, अंत में मैं बस इतना कहना चाहूँगा, कि सरकार आपके साथ मजबूती से खड़ी है। आज present हुए budget को आप सबने देखा होगा। इस बजट को मैं, भारत के मन का बजट मानता हूँ। हर क्षेत्र को, बजट में समुचित स्थान दिया गया है। जहाँ तक रक्षा की बात है, तो एक बार फिर, यह बात हम पूरे आत्मविश्वास के साथ कह सकते हैं, कि देश की सुरक्षा हमारे लिए हमेशा सर्वोपरि रही है, और आगे भी रहेगी।
आने वाले समय में हम सब मिलकर, Indian Coast Guard को और अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रभावशाली बनाएँगे। इस golden jubilee year पर, हम सब मिलकर एक संकल्प लें, कि हम more strong, more capable और more vigilant Indian Coast Guard बनाएंगे। हम अपने देश की maritime security को और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। Indian Coast Guard को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना, उसकी operational capabilities को बढ़ाना, और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना, सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। हम यह भली-भाँति समझते हैं, कि जब Indian Coast Guard मजबूत होगी, तभी भारत की maritime security मजबूत होगी। और जब हमारी समुद्री सीमाएँ सुरक्षित होंगी, तब भारत न केवल क्षेत्रीय स्तर पर, बल्कि वैश्विक मंच पर भी और अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा सकेगा।
आप इसी समर्पण, इसी सतर्कता और ‘वयं रक्षाम:’ के इसी जज़्बे के साथ लगातार कार्य करते रहेंगे, इसी विश्वास के साथ, मैं अपनी बात समाप्त करता हूँ।