राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) से प्रशिक्षित अनेक लोगों ने देश के विकास में बड़ा योगदान दिया है- रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह

Text of RM’s speech at RDC Camp in Delhi.

सबसे
पहले तो मैं, अपना cultural performance देने वाले cadets को, अपनी ओर से बहुत बहुत बधाई देता हूँ। Excellent performance रहा आपका। मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति। इसे मैं केवल एक performance के रूप में ही नहीं देखता हूँ, बल्कि मैंइसे, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनुशासन, आपकीसामूहिक भावना, और राष्ट्रप्रेम की जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में देखता हूँ।

आज नेशनल कैडेट कोर के Republic Day Camp में, आप सभीofficers और NCC के Cadets के बीच उपस्थित होकर, मुझे बड़ीप्रसन्नता हो रही है। हमारे Officers से तो मैं अलगअलग अवसरोंपर मिलता ही रहता हूँ। लेकिन मैं अपना पूरा प्रयास करता हूँ, कि मैंNCC के cadets से मिलूँ, उनसे बातचीत करूँ

सच बताऊँ, तो मैं हर वर्ष RDC में आप सबके बीच आने के लिएउत्साहित रहता हूँ। इसके पीछे दो कारण है। पहला कारण तो यहीहै, कि आप सभी युवाओं से मिलने का, और बातचीत करने काअवसर मिलता है। और दूसरा कारण यह है, कि आपके द्वारा प्रस्तुतकी गई, मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ,  मुझे आपकी ओर खींचलाती हैं। मुझे इतना अच्छा लगता है, इतना सुखद आश्चर्य होता है, कि इतनी कम उम्र में, आप सब इतनी प्रतिभा अपने अंदर समेटे हुएहैं।

Officially देखा जाय, तो भले ही एक रक्षा मंत्री के रूप में मुझेबुलाया जाता है, लेकिन मैं अपने मन की कहूँ, तो मैं एक अभिभावककी तरह अपने घर के बच्चों से मिलने आता हूँ। आपने देखा होगा, कि जो घर के बड़े होते हैं, उनके सामने बच्चे जाकर जबहँसतेखेलते हैं, कुछ अच्छा करते हैं, तो उनलोगों को बड़ी प्रसन्नताहोती है। बच्चे अपना examination result से लेकर किसी भीactivity में उपलब्धि को, जब अपने घर के बड़ों को बताते हैं, औरउस समय उनको जो ख़ुशी होती है, वही खुशी आज मुझे भी हुई।

अभी बाहर, जब मैं आप सबके द्वारा लाए गए innovative ideas देख रहा था, जब अलगअलग sectors में आपकी achievements को देख रहा था, जब आप सबकी cultural performance देख रहाथा, तो वह सब मुझे किसी आश्चर्य से कम नहीं लग रहा था आपसभी बच्चों की ये ऊर्जावान आँखें, आप सभी का ये स्नेह, मुझे हरबार यहाँ खींच लाता है।

साथियों, मैं जब भी NCC के अपने cadets से मिलता हूं, तो उनcadets में मुझे, सिर्फ एक person नहीं दिखाई देता, बल्कि आपसभी के अंदर मुझे, भारत का प्रतिबिंब दिखाई देता है। एक तो आप, भारत के अलगअलग हिस्सों से, राष्ट्र की सेवा करने की इच्छा लिएहुए, NCC में शामिल हुए हैं। और दूसरा आपके अंदर जो ऊर्जा औरजोश का समावेश है, उससे मुझे साफ दिखता है, कि एक राष्ट्र केरूप में हमारा भविष्य बहुत ही उज्ज्वल होने वाला है।

साथियों, भारत की धरती रत्न गर्भा है; यानी अनेक रत्न, अनेकविभूतियाँ, भारत की भूमि से निकली हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपतिशिवाजी महाराज, रानी अहिल्याबाई होल्कर, रानी चेनम्मा, रानीलक्ष्मीबाई और स्वामी विवेकानंद जैसी विभूतियों ने, इस राष्ट्र कीसेवा की है। उन सब ने भारत को जैसा बनाने का स्वप्न देखा था, हमसब अपनेअपने तरीके से राष्ट्र निर्माण की उस प्रकिया में लगे हुएहैं। लेकिन राष्ट्र निर्माण की इस पूरी journey में, आप सभी NCC cadets की भूमिका बड़ी important होने वाली है।

साथियों, आप सभी NCC से जुड़े हुए हैं, लेकिन क्या आपने कभीइस बात पर गौर किया है, कि NCC आपकी personality के साथक्या करती है? आप सबने एक चीज महसूस किया होगा, कि आपजब NCC में आए थे, तब से लेकर आज तक, आपके अंदर बहुतकुछ बदला होगा।

आप सब NCC के बच्चों को जब मैं देखता हूँ, तो मैं खुद कई बारसोचता हूँ, कि आज के ज़माने में एक बच्चे के पास तो बहुत सारेoptions होते हैं। बच्चों के पास इतना comfort है, कि आप आरामसे मोबाइल या laptop open करके, online lectures देख सकतेहैं, पढ़ाईलिखाई कर सकते हैं। हमलोग जब बच्चे थे, तबphysical activity के नाम पर हम दिन भर क्रिकेट, कबड्डी, औरदौड़ धूप करते रहते थे, लेकिन आजकल तो सबके पास मोबाइलgames की सुविधा है। कई सारे mobile और computer games गए हैं, जिन्हें खेलकर बच्चे मान लेते हैं, कि बहुत खेल लियाआज। मेरे कहने का मतलब यह है, कि इतना comfort आजकलबच्चों के पास है, फिर भी आप सभी बच्चे इस सर्दी में, या फिर गर्मीमें भी, परेड ग्राउंड में वर्दी पहनकर, ड्रिल करने या मेहनत करने क्योंआते हैं?

मुझे ऐसा लगता है, कि NCC सिर्फ परेड, ड्रिल और कैम्प नहीं है, बल्कि NCC दरअसलखुद को upgrade करने का“, एक बेहतरीनcourse है। यहाँ आकर आप खुद को upgrade करना सीखते हैं।वह upgradation कैसे होता है, इसे मैं आपके सामने रखता हूँ

मेरे प्यारे cadets, इस बात को तो लगभग सभी मानेंगे, कि हमसबके अंदर एक ‘Default setting वाला इंसानबैठा होता है।आम तौर पर हममें से कोई भी यही चाहता है, कि वो अपने comfort zone में रहे। बताइये, इतनी ठंडी में कौन ही चाहता होगा, कि उसेरोज़ सुबह 4 बजे जगा दिया जाय। अपने comfort zone से बाहरकोई नहीं निकलना चाहता, जो लोग निकल जाते हैं, वो लोग फिरआगे बढ़ते हैं, इतिहास रचते हैं।

NCC, उस comfort zone से निकालने में आपकी मदद करती है।आज दुनिया आपको comfort ही तो बेच रही है। Video games, food delivery, और भी तमाम तरह की चीज़ें, मनुष्य के जीवन मेंआराम लाने के लिए ही तो है। लेकिन वास्तव में ज़िंदगी की असलीमस्ती, असली उपलब्धि, उस zone से बाहर है, जहाँ थोड़ी कठिनाईहै, थोड़ी मेहनत है।

सुबह उठकर पीटी करना, भूखप्यास में भी टीम के साथ खड़ेरहना, ये सब आपसे, आपके comfort zone पर attack करवाताहै। और हर बार जब आप इसे झेल लेते हैं, तब आप मानसिक रूपसे मजबूत होते जाते हैं। इसके अलावा आपको अनेक life skills भी, NCC में सीखने को मिलती हैं, जो आपदाओं के दौरान, खुद कोऔर दूसरों को भी बचा सकती हैं। जैसे swimming हो, fire fighting हो, भूकंप जैसी आपदाओं के समय खुद को सुरक्षितरखना हो, ऐसे तमाम unfortunate incidents के दौरान, जो skills आपकी help कर सकती हैं, NCC आपको वो सारे skills भीसिखाती है।

साथियों, इसके अलावा मेरा यह भी मानना है, कि NCC आपकोअनुशासन और देशभक्ति के साथसाथ, आज की दुनिया की सबसेबड़ी कमी, focus की कमी को भी दूर करती है।

आप देखिये, कि आज हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं, जहाँ लोगोंका attention span लगातार कम होता जा रहा है। यानी आज केसमय में हर किसी को सब कुछ तुरंत चाहिए सब कुछ आजआपके mobile पर तुरंत उपलब्ध है। ज्ञान भी तुरंत चाहिए, मनोरंजन भी तुरंत चाहिए, और परिणाम भी तुरंत चाहिए।

लेकिन यही आदत आगे चलकर, बहुत बड़ा खतरा बन जाती है।क्योंकि जीवन की बड़ी लड़ाइयाँ, देश की बड़ी ज़िम्मेदारियाँ औरचरित्र का निर्माण, ये सब “Instant” नहीं होते। इसके लिएPatience चाहिए, Continuity चाहिए, और सबसे ज़रूरी Focus चाहिए।

यहीं पर NCC आपके लिए role play करती है।  जब आप NCC में exercise करते हैं, तो आपका पूरा ध्यान, सिर्फ और सिर्फ उसexercise पर होता है। अगर ध्यान भटका, तो drill बिगड़ जाएगी।अगर drill बिगड़ी, तो आपकी पूरी unit प्रभावित होगी। यानी यहाँआपको हमेशा focused रहना होता है।

और आपका यह focus, केवल पढ़ाई या training तक सीमितनहीं रहता। यह focus आपके जीवन के हर क्षेत्र में दिखाई देता है।आप में से कई cadets भविष्य में armed forces में जाएंगे। कईcadets, Doctor, Engineer, Teacher, Scientist, Administrator या फिर Politician भी बनेंगे। लेकिन आप जहाँभी जाएँगे, आप इतना जानिये कि NCC ने आपको जो focus दियाहै, आपके अंदर जो गुण विकसित किये हैं, वह हर क्षेत्र में आपकेकाम आएँगे।

साथियों, आप सभी जिस NCC के साथ जुड़े हैं, इसका इतिहासबड़ा व्यापक रहा है। NCC से trained अनेक लोगों ने, देश केविकास में बड़ा योगदान दिया है। परमवीर चक्र विजेता मनोजपाण्डेय से लेकर, कैप्टन विक्रम बत्रा तक, सभी NCC cadets रहेहैं। आप लोगों को शायद पता होगा, हमारे प्रधानमंत्री जी भी NCC cadet रह चुके हैं। आपके रक्षामंत्री, यानी खुद मैं भी NCC cadet रह चुका हूँ। और भी कई लोगों ने NCC से निकल कर, देश केअलगअलग क्षेत्रों में काम किया है। मुझे याद आता है,कि ‌1965 और 1971 के war में NCC cadets,  Second Line of Defence के रूप में भी तैनात रहे। आप सोचिये, कि हर sector में NCC काकितनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मैं आप सभी बच्चों से एक बात और कहना चाहूँगा, जो इसीSecond Line of Defence से जुड़ी है। आप सभी बच्चों नेमहाभारत की कहानी जरूर सुनी होगी। उस कहानी में एक बहुतमहत्वपूर्ण बात देखने को मिलती है, जिसे हम सबको देखनाचाहिए

महाभारत का युद्ध पाँचों पांडवों की leadership में लड़ा गया था, युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव। ये सभी महान योद्धा थेऔर युद्धभूमि में लड़ रहे थे। लेकिन इन योद्धाओं के पीछे भी एकपूरी second line of defence खड़ी थी। जैसे भीम के पुत्रघटोत्कच, और अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु, ये सब second line of defence जैसे ही थे।

युद्ध में एक बार, द्रोणाचार्य ने चक्रव्यूह की रचना की। अब समस्यायह थी, कि चक्रव्यूह को तोड़ना, केवल अर्जुन और भगवान कृष्णको ही पूरी तरह आता था।

लेकिन उस समय क्या हुआ? अर्जुन को दुर्योधन के योद्धा, युद्धकरतेकरते रणभूमि से बहुत दूर ले गए। कृष्ण भी उस समय वहाँउपस्थित नहीं थे। यानी जिन लोगों को चक्रव्यूह तोड़ना आता था, वेदोनों ही उस समय मौजूद नहीं थे।

ऐसे संकट की घड़ी में सामने कौन आया? यहीं पर second line of defence का महत्व सामने आता है। उस समय आगे बढ़कर, चक्रव्यूह में प्रवेश करने का साहस, अभिमन्यु ने दिखाया। उसेचक्रव्यूह में प्रवेश करना आता था, लेकिन दुर्भाग्य से बाहर निकलनेका पूरा ज्ञान उसे नहीं था। फिर भी उसने देश और धर्म की रक्षा केलिए कदम आगे बढ़ाया।

अगर उस दिन अभिमन्यु चक्रव्यूह में प्रवेश करता, तो द्रोणाचार्ययुधिष्ठिर को कैद कर लेते, और महाभारत का युद्ध उसी दिन समाप्तहो जाता। इसका मतलब कि अभिमन्यु, यानी second line of defence का वह प्रयास, पूरे युद्ध की दिशा बदलने वाला निर्णयथा।

अब यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण बात समझने की है।  आज के समयमें आप लोग, खासकर आप सभी NCC cadets, इस देश की वहीsecond line of defence हैं। आज की दुनिया अपने आप में एकनई महाभारत है। इतनी uncertainties, इतनी नई नई तरह कीसमस्याएँ, अपने आप में किसी महाभारत से कम नहीं है। और इसनए महाभारत में, आप लोग ही नए अभिमन्यु हैं। आप सबके अंदरवही साहस है, वही समझ है और वही जिम्मेदारी है। बल्कि मैंकहूँगा, कि आप सभी बच्चे, नए भारत के नए अभिमन्यु हैं; जिन्होंनेअपने इतिहास से सीखा है और मुझे विश्वास है, कि आप जैसे,भारत के नए अभिमन्यु, किसी भी प्रकार के चक्रव्यूह में प्रवेश करनाभी जानते हैं, और उससे विजयी होकर बाहर निकलना भी जानतेहैं।

साथियों, जब मैं आज के युग को महाभारत कह रहा हूं, तो इसमें मैंकुछ बढ़ाचढ़ाकर नहीं बोल रहा। आप सभी बच्चे, NCC केअलावा, या तो स्कूलों में होंगे, या कॉलेज में होंगे। कुछ कुछपढ़ाई कर रहे होंगे। उसमें आप देशदुनिया की खबरों के बारे में भीदेख रहे होंगे, कि दुनिया में क्या चल रहा है। जैसा कि मैंने अभीकहा, कि किस तरह दुनिया इस समय अनिश्चितताओं के दौर सेगुजर रही है। इतनी uncertainty हमारे आसपास फैली हुई है, किकब किस मोर्चे पर क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे मेंइस देश का युवा, इस देश का सबसे बड़ा resource, physically, mentally और emotionally, हर तरह से तैयार रहना चाहिए।

आपने देखा होगा, कुछ ही महीने पहले, हमारी armed forces ने, पहलगाम की दुर्भाग्यपूर्ण और कायराना आतंकी हमले का जवाबदेते हुए, पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को, उनके सरपरस्तों को, औरआतंकी ठिकानों को तबाह किया। हमारी armed forces ने बेहदधैर्य के साथ कार्रवाई की। यह इसलिए सम्भव हो पाया, क्योंकिहमारी सेनाएँ, physically, mentally और emotionally, हर तरहसे मज़बूत हैं।

Operation Sindoor के बाद, मैं भुज में अपने सैनिकों से भीमिलने गया था। वहाँ मुझे अपने वीर जवानों के साथसाथ वहाँNCC cadets से भी मिलने का मौका मिला। वह देखकर मुझे बड़ाअच्छा लगा, कि हमारी second line of Defence भी अपने पूरेजोश में है। मुझे यह भी बताया गया, कि Operation Sindoor केदौरान, देश भर में जब mock drills किये गए, तो उसमें हमारे NCC cadets ने भी, जनता को जागरूक करने में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिकानिभाई। इसके लिए भी, मैं NCC की सराहना करता हूँ।

साथियों, NCC आपके अंदर वो सारे गुण develop करती है, जोआपको हर तरीके से मज़बूत बनाते हैं। आपकी यही मज़बूती, राष्ट्रको 2047 तक विकसित बनाने में सहायक सिद्ध होगी आज आपसब देख ही रहे हैं, कि हमारा देश, विकास की एक नई राह पर चलपड़ा है। बिजली, सड़कें, अस्पताल, infrastructure development, हर क्षेत्र में हमें, improvement देखने को मिल रहीहै। एक समय ऐसा भी था, जब resources के नाम पर, हमारे पासबहुत limitation थी। अतीत में, इस देश के लोगों ने, गरीबी औरभुखमरी जैसी चीज़ें भी देखी हैं। वह दौर ऐसा था, कि दुनिया कीकिसी magzine में, ग़रीबी दिखाते हुए कोई तस्वीर छपती थी, तोयह मान लिया जाता था, कि यह तस्वीर भारत की ही होगी। लेकिनवहां से निकलकर, आज तक पहुंचने में, हमने बहुत लंबा सफर तयकिया है।

हम अब एक ऐसे दौर में गए हैं, जहां आप जैसे युवाओं सेअपेक्षाएं और बढ़ गई हैं। वह दो पंक्तियाँ हैं , किहम लाए हैंतूफान से कश्ती निकाल के’……..इस देश को रखना मेरे बच्चोंसंभाल के। तो आगे चलकर देश को संभालने की जिम्मेदारी आपकीहै। आप सभी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। आपके कंधों पर देश केभविष्य का दायित्व है। मुझे पूर्ण विश्वास है, कि आप इस दायित्वको पूरी निष्ठा, कौशल और साहस के साथ निभाएंगे।

परसों हमारा देश, गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। गणतंत्र दिवसहमें याद दिलाता है, कि किस तरह से हम भारत के लोकतंत्र के प्रति, या हमारे संवैधानिक मूल्यों के प्रति, अपने संकल्प को और मज़बूतकरें। संविधान हमारे लिए सिर्फ एक ग्रंथ, या सिर्फ कोई किताब भरनहीं है, बल्कि वह हमारे social, political, cultural, और तमामतरह के rights और duties को, मज़बूत करने का एक माध्यम है।हमारा संविधान हमें जैसा व्यक्ति बनाना चाहता है, जैसा मनुष्यबनाना चाहता है, हम वैसे मनुष्य बनने की ओर अग्रसर हों। और यहबात मैं सिर्फ NCC के अपने साथियों से नहीं कह रहा हूँ, बल्कि देशभर के युवाओं से भी कहना चाहता हूँ, हम सभी को अपने संविधानको जानना और समझना चाहिए। संवैधानिक व्यवस्था द्वारा, जोकर्तव्य और अधिकार हमें मिले हैं, उनका पालन करना चाहिए। इसपूरी मुहिम में NCC के हमारे cadets, एक flag bearer की भूमिकानिभा सकते हैं।

अभी कुछ ही दिनों पहले Viksit Bharat Young Leader Dialogue में, participate कर रहे, आपके जैसे ही कुछ ऊर्जावानबच्चों से मेरी बात हुई थी। उन बच्चों ने women led development, Making Bharat Aatmnirbhar, तथा विकास भीऔर विरासत भी जैसे,  कई मुद्दों पर अपने विचार रखें। जो सपनामैंने उन बच्चों की आंखों में देखा था, और जो सपना मैं आपकीआंखों में देख रहा हूं, यह तमाम चीज़ें मुझे विश्वास दिला रही हैं, किदेश का भविष्य उज्ज्वल हाथों में है। हमारे प्रधानमंत्री समेत पूरे देशने, विकसित भारत का जो सपना है, वह आप सभी के दम पर पूराहोकर रहेगा, इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है।

बच्चों, एक important life lesson की ओर मैं आपका ध्यानदिलाना चाहूँगा। आपने देखा होगा, Armed Forces में जब भीकोई बड़ा कार्यक्रम होता है, चाहे वह परेड हो, exercise हो या कोईfunction हो, तो वहाँ सिर्फ एक ही योजना नहीं बनती। वहाँ हमेशाPlan A होता है, उसके साथ Plan B, और ज़रूरत पड़े, तो Plan C भी तैयार रहता है। आपने सोचा है, कि ऐसा क्यों होता है? जैसेजैसेआप जीवन के अनुभव हासिल करते जाएंगे, आपको पता चलेगा किवास्तव में सब कुछ हमारे कंट्रोल में नहीं होता। जैसे कल का हीउदाहरण देख लीजियेगा। हम सबने इंद्रदेव की कृपा देखी, बारिशहुई। एक पल को तो हमें भी लगा होगा, आज शायद खुले मैदान मेंपरेड देखने को मिले। लेकिन बच्चों, हमारे मंत्रालय के अधिकारी, हमारी Armed forces, Paramilitary forces और NCC के लिएयह कोई समस्या नहीं थी। क्योंकि उन्होंने अपने पास विकल्प तैयाररखे थे। कि अगर बारिश हो जाए तो क्या करना है, अगर मैदानगीला हो जाए तो कहाँ जाना है, सब पहले से planned था। औरहुआ भी यही। वह rehersal आज plan की गई।

अब इसे ज़िंदगी से जोड़कर समझिये। जब आपके पास सिर्फ एकही रास्ता होता है और वह रास्ता बंद हो जाता है, तो इंसान घबराजाता है। उसे लगता है, सब खत्म हो गया। लेकिन जब आपके पासविकल्प होते हैं, तो आप हताश नहीं होते, आप टूटते नहीं हैं, आपडरते नहीं हैं। क्योंकि आपको पता होता है, अगर यह नहीं हुआ, तोमैं दूसरा रास्ता चुन सकता हूँ।


इसलिए बच्चों, जीवन में सफलता पानी है, तो My way औरHigh way से आगे एक Military way अपने दिमाग में रखिए।यानी विकल्प रखिए, plan B रखिए। जिंदगी टेस्ट क्रिकेट जैसी है।पिच पर डटे रहना है एक बॉल गई तो दूसरी बॉल आएगी। उस परअच्छा शॉट लगेगा। अगर आज बारिश गई, तो कल धूप भीनिकलेगी। इसलिए हमें अपने जीवन में, हमेशा हर विकल्प के साथतैयार रहना है।

मैं आप सभी बच्चों को खूब सारा आशीर्वाद देता हूँ। इस मंच से, मैंआप सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। आप जहाँ भीजाएं, अपनी प्रतिभा, अपने चरित्र और अपने कर्म से, देश का नामरोशन करें।

आप सभी को भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएँ देते हुए, मैंअपनी बात समाप्त करता हूँ। बहुतबहुत धन्यवाद।