Union Home Minister Shri Rajnath Singh inaugurates National Traders’ Conclave

The Union Home Minister, Shri Rajnath Singh addressing at the inaugural session of Confederation of All India Traders’ National Conclave, in New Delhi on July 23, 2018.
The Union Home Minister, Shri Rajnath Singh addressing at the inaugural session of Confederation of All India Traders’ National Conclave, in New Delhi on July 23, 2018.

Reforms undertaken under the leadership of Prime Minister Shri Narendra Modi to push India among the world’s top economies: Shri Rajnath Singh



The Union Home Minister Shri Rajnath Singh has said economic reforms undertaken by the Government under leadership of the Prime Minister Shri Narendra Modi during the last four years will push India among the world’s top economies. Inaugurating the National Traders’ Conclave organised by the Confederation of All-India Traders here today, he said in the year 2014, according to a survey by a reputed consultancy, India was ranked 9th among the world’s Top Ten economies and today we have raced ahead of France to emerge as the top 6th.

“I am confident, as economists predict, in the next two-three years India’s economy will be among the top five. With this pace of GDP growth, by 2030 we will break into the world’s Top Three economies,” said Shri Rajnath Singh.

“India is the most attractive destination for foreign investors and received more than $150 billion FDI in last four years. In ‘Ease of Doing Business’, the country’s ranking has improved from 142 to 100. Besides, Manufacturing sector has got a fillip with the ‘Make in India’ programme. In 2014, while there were only two mobile phone factories in India, today we have 120 handset manufacturing units,” he added.

Shri Rajnath Singh said the Prime Minister Shri Narendra Modi has initiated key structural and procedural reforms in the economy. “You don’t need an economist to steer the country; you only need a realist visionary to realise the potential of our economy,” he said.

Citing the Direct Benefit Transfer (DBT), Goods & Services Tax (GST), amendment to the Insolvency & Bankruptcy Code and the historic Demonetization, Shri Rajnath Singh said India’s GDP growth rate in the last four years has outpaced the inflation rate every year since 2014. “Government has recently substantially hiked Minimum Support Price (MSP) for foodgrains. This will benefit the farmers and boost rural spending, thereby giving a fillip to retail trading. Under the DBT, the role of middlemen has been eliminated; subsidies worth Rs.3,65,000 crores under 431 schemes have been directly passed on to beneficiaries. Traders overcame hiccups during demonetization to support the momentous decision in the long term benefit of the country,” he said.

Stating that the GST rates have recently been slashed on several items and that many items have been brought under Zero percent and 5% slabs, the Union Home Minister said the Government is open to further review of the slabs. “Out of 6.5 crore traders and shopkeepers, around 1.25 crores have registered under the GST. As per the Economic Survey, during the one year, November, 2016-2017, more than 1.15 crore returns have been filed. GST is a major taxation reform in the country where only 6.10 crore people are under the taxation regime out of a population of more than 130 crores,” said Shri Rajnath Singh.

Underlining that the traders are a strong pillar in the country’s economy, Shri Rajnath Singh sought the cooperation of the trading community to realise the Prime Minister Shri Narendra Modi’s dream of doubling India’s economy by 2022. “There are 6.5 crore retail traders in the country; government wants to strengthen the trading system,” said Shri Rajnath Singh.

 

  आज गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने तीन दिवसीय व्यापारी महासम्मेलन के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया:  

  • भारत के कोने-कोने से कारोबारी और व्यापारी Confederation of All India Traders के तीन दिवसीय महाधिवेशन/National Conference में भाग लेने के लिए नई दिल्ली में आज यहां पधारे है। मैं आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करता हूं।


 
  • किसी भी देश के Economic System में कारोबारियों और व्यापारियों का वही महत्व है जो किसी इंसान के शरीर में नसों या धमनियों का होता है। कारोबार ठप्प हो जाए तो पूरा Economic System ठहर सकता है। इसलिए कारोबार और व्यापार हमेशा चलते रहना चाहिए।


 
  • भारत में करीब साढ़े छह करोड़ खुदरा व्यापारी हैं। किसान और व्यापारी को यदि जोड़ लिया जाए तो यह गठजोड़ पूरे देश के Economic System में सबसे भारी हिस्सा है।


 
  • कोई भी राजनीतिक शक्ति, व्यापारी और किसान की अनदेखी नहीं कर सकती। अगर आपने गौर किया होगा तो आपको इस बात की जानकारी होगी कि हमारी सरकार ने सर्वाधिक फैसले ऐसे लिए है जो सीधे किसानी और कारोबारी से जुड़े हुए है।


 
  • किसानों के लिए जो हमारी सरकार ने निर्णय लिए हैं मैं उनकी यहां तो चर्चा नहीं करूंगा मगर इतना जरूर बताना चाहूंगा कि किसानी का भी जो कारोबारी पक्ष है उसको मजबूत करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।


 
  • मैं व्यापारियों के बीच किसानों की चर्चा से अपनी बात इसलिए शुरू कर रहा हूं क्योंकि आपके आर्थिक हित भी सीधे किसानों के आर्थिक हितों से जुड़े हुए हैं।


 
  • हमारी सरकार और हमारी प्रधानमंत्री ने किसानों की आमदनी 2022 तक दुगुना करने का संकल्प ले रखा है। हम उस दिशा में Mission Mode में बढ़ रहे है। इसके लिए जहां हम किसानों को लागत मूल्य का डेढ़ गुना MSP देने का फैसला कर चुके है वहीं उन्हें बेहतर कारोबारी बनने की दिशा में प्रेरित भी कर रहे हैं।


 
  • आज भारत की अर्थव्यवस्था ने केवल दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्था है बल्कि आज भारत की अर्थव्यवस्था फ्रांस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुकी है।


 
  • इतना ही नहीं आर्थिक विशेषज्ञ यह भी बता रहे हैं कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए कहा जा सकता है कि इसी 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था विश्व पांच बड़ी में शामिल हो जाएगी।


 
  • भारत के Economic Potential को पहली बार अटलजी ने पहचाना था और अब मोदीजी उस Potential को पूरी तरह realize करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।


 
  • चाहे अटलजी रहे हो या आज के हमारे प्रधानमंत्री मोदीजी हो ये अर्थशास्त्री नहीं है मगर इनके यथार्थ शास्त्री होने के कारण देश की अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा में काफी सुधार हुआ है।


 
  • निवेशकों के लिए आज भारत Attractive Investment Destination है.


 
  • विश्व की बड़ी बड़ी कम्पनियां आज भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत अपनी Manufacturing Unit लगा रही है।


 
  • चार साल पहले इस देश में केवल मोबाईल बनाने की केवल दो Manufacturing Unit थी आज 120 से अधिक मोबाईल कारखाने चल रहे है।


 
  • देश और दुनिया के निवेशकों का भारत की अर्थव्यवस्था में विश्वास इसलिए बढ़ा क्योंकि हमने कई Structural और producer reform किए है।


 
  • भारत में कारोबार की सहूलियतें बढ़ाई गई और महज चार सालों में भारत ने Ease of Doing Business के मामले में 42 पायदान ऊपर जाने की छलांग लगाने में कामयाबी हासिल की।


 
  • मैं यह बात पूरी जिम्मेदारी और विश्वास के साथ कहना चाहता हूं कि पचास महीनों के शासनकाल में हमने न केवल भ्रष्टाचार पर रोकथाम लगाने की कोशिश की है बल्कि इस सरकार के एक भी मंत्री पर भ्रष्टाचार का दाग भी नही लगा है।


 
  • विश्वास का जो संकट पिछली सरकार के दौरान पैदा हुआ था उसको दूर करने में हमारी सरकार पूरी तरह कामयाब रही है।


 
  • हमारी सबसे बड़ी आर्थिक दृष्टि से कामयाबी इस बात में रही है कि हमने इस देश के आम नागरिक को देश की आर्थिक प्रगति का भागीदार/साझीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए है।


 
  • पिछले चार वर्षों में ‘जनधन योजना’ के अन्तर्गत देश भर में 52 करोड़ नए बैंक खाते खोले गए। इससे देश में Financial Inclusion को बढ़ावा मिला है।


 
  • ‘वल्र्ड बैंक फिनडेक्स रिपोर्ट’ के अनुसार चार वर्षों में पूरी दुनिया में जितने नए Bank Account खोले गए उसका 55% अकेले भारत में खोले गए।


 
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना के अन्तर्गत जब तीस करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए तो सिर्फ उनका बैंक में खाता ही नही खुला बल्कि उनको देश के उस म्बवदवउपब ैलेजमउ से जोेड़ा गया जिससे वे अब तक महरूम थे।


 
  • जन-धन योजना के साथ मुद्रा योजना लाकर हमारी सरकार ने पुनः इस देश के आम नागरिकों में विश्वास व्यक्त करते हुए दस लाख रूपए तक का कर्ज बिना किसी ब्वससंजमतंस के देने की व्यवस्था बनाई।


 
  • मुद्रा योजना के अन्तर्गत देश के 13 करोड़ लोगों को करीब 6 लाख करोड़ रूपए से अधिक का कर्ज एक पैसे का भी ब्वससंजमतंस लिए बिना दिए गए।


 
  • इन 12 करोड़ लोगों में से 25 करोड़ लाभार्थी थ्पतेज ज्पउम म्दजतमचतमदमनते है।


 
  • चार वर्षों में कुल 431 योजनाएं के अन्तर्गत 3,65,996 करोड़ यानि लगभग 3 लाख 66 हजार करोड़ रूपए की सब्सिडी सीधे लोगों के खातों में जमा की गई है।


   
  • यह सब इसलिए संभव हुआ क्योंकि हमारी सरकार ने Technology का सहारा लेते हुए देश में Digital Transaction को बढ़ावा दिया है।


 
  • मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि इस देश के व्यापारियों और कारोबारियों ने भी Digital Transaction को खुल कर स्वीकार करना प्रारंभ कर दिया है।


 
  • जो भारत के परम्परागत कारोबारी है उन्हें वक्त की बदलती चाल के साथ बदलने की जरूरत है। भारत के व्यापारियों ने अभी E-Commerce के Potential को Explore नहीं किया है। अन्य देशों के कारोबारियों ने E-Commerce का सहारा लेकर अपना व्यवसाय अन्य देशों तक पहुंचाया है।


 
  • अगर विदेशी कम्पनियां भारत में व्यवसाय कर रही है तो भारतीय कम्पनियां और उनके उत्पाद भी विदेशी बाजारों में अपनी पहचान बना कर मुनाफा कमा रही है।


 
  • इसी महीने GST लागू होने की पहली वर्षगांठ मनाई गई है। कभी आपने इस बारे में विचार किया कि आखिर क्यूं मोदीजी ने GST लागू कर दिया और सबको एक नए System को अपनाना पड़ा।


 
  • मोदीजी और हमारी सरकार इस बात को अच्छी तरह समझते थे कि GST लागू होने पर कुछ कठिनाइयां जरूर सामने आएंगी। दुनिया के सवा सौ से भी अधिक देशों में GST लागू हुआ है। हर जगह लोगों को शुरूआत में परेशानी हुई है।
 
  • हमारी सरकार ने हर छोटी-बड़ी परेशानी को सुलझाने की दिशा में पहल की है और धीरे-धीरे GST की स्वीकार्यता इस देश में बढ़ रही है।


 
  • इसके बावजूद कुछ पार्टियां जानबूझ कर कुतर्क के आधार पर GST का विरोध कर रही है।


 
  • Economic Survey 2018 के अनुसार नवम्बर 2016 और नवम्बर 17 के बीच पहली बार रिर्टन फाईल करने वालों की संख्या एक करोड़ (1) पार गई।


 
  • जबकि पिछले 6 वर्षों में औसतन 62 लाख लोग पहली बार रिर्टन फाईल कर रहे थे।


   
  • यद्यपि 130 करोड़ की आबादी में 1 करोड़ लोग ही टैक्स के लिए त्महपेजमतमक है। इनमें से 18 लाख पंजीकरण ळैज् और नोटबंदी के चलते हुए है।


 
  • GST नोटबंदी और Insolvency Code आधुनिक भारत के ऐसे Massive Economic reforms है जिसका benefit long term में देश को होगा।
 
  • पहली बार इस देश में आर्थिक अपराधों के खिलाफ Legal framework बनाने का काम अगर कोई सरकार ईमानदारी से कर रही है तो वह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व की सरकार कर रही है।


 
  • हमारा व्यापारी वर्ग ईमानदारी के साथ व्यापार करना चाहता है, हमारी सरकार ने पारदर्शिता और और सशक्तिकरण के लिए पूरी कोशिश की है.


 
  • भारत की अर्थव्यवस्था को नई बुलंदी पर पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। आज हमारी सरकार हर स्तर पर सुधार कर रही है। समय लग रहा है मगर यह काम जब पूरा होगा तो हमारा यह भारत पूरे विश्व में एक नई आर्थिक महाशक्ति के रूप में उदय होगा।
  • आपके महाधिवेशन में जो जो विचार और सुझाव सामने आयेंगे, हमारी सरकार उसपर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी.


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