रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में 172वीं रक्षा पेंशन अदालत का उद्घाटन किया

  • पूर्व सैनिकों को पेंशन की समयबद्ध स्वीकृति का आश्वासन दिया

श्री राजनाथ सिंह ने आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 172वीं रक्षा पेंशन अदालत का उद्घाटन किया। वह इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले पहले रक्षा मंत्री हैं। दो दिन चलने वाली इस रक्षा पेंशन अदालत का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में रहने वाले सैन्य बलों के पूर्व कर्मियों और उनके आश्रितों की पेंशन से संबंधित शिकायतों को दूर करना है। रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (पेंशन), प्रयागराज ने मध्य कमान मुख्यालय के समन्वय से इसका आयोजन किया है।

इस समारोह को संबोधित करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीडीजीए) के अच्छे काम की सराहना की। उन्होंने कहा, रक्षा पेंशन का भुगतान एक जटिल प्रक्रिया होती है, इसमें कई एजेंसियों शामिल होती हैं। रक्षा लेखा विभाग समयबद्ध ढंग से पेंशन उपलब्ध कराने के लिए अथक कार्य कर रहा है।  पेंशन की समयबद्ध स्वीकृति के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि रक्षा लेखा विभाग रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा।  

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार ने लंबे समय से चली आ रही ‘एक रैंक, एक पेंशन’ की मांग को पूरा किया, इसका लाभ देश भर में लाखों रक्षा पेंशनरों को मिला है।  उन्होंने राष्ट्र निर्माण में पूर्व सैनिकों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने लखनऊ के कैप्टन मनोज पांडेय और कंपनी क्वार्टरमास्टर हवलदार अब्दुल हमीद जैसे शहीदों का जन्मस्थान होने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्र उनके सर्वोच्च बलिदान का हमेशा कर्जदार रहेगा। उन्होंने कहा कि रक्षा पेंशन अदालत इसे चुकाने की दिशा में एक छोटा सा कदम है।

अपने स्वागत भाषण में मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (जीओसी-इन-सी) लेफ्टिनेंट जनरल आईएस घुम्मन ने कहा कि देश भर में 31 लाख पूर्व सैन्यकर्मी हैं, इनमें से चार लाख उत्तर प्रदेश में हैं। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ में सात साल बाद इस रक्षा पेंशन अदालत का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि पेंशन के साथ-साथ पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस), नौकरियों और पुनर्वास को भी इस दो दिन के कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।

रक्षा लेखा महानियंत्रक श्री संजीव मित्तल ने पेंशन भुगतान प्रणाली में हुए विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षा लेखा विभाग डिजिटल हो रहा है और पेंशन से संबंधित सभी शिकायतों का एक मंच पर निपटान करने के लिए एक व्यापक पेंशन पोर्टल जल्द ही शुरू किया जाएगा।

उद्घाटन कार्यक्रम के बाद श्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सैन्यकर्मियों मुलाकात और उनकी सहायता के लिए लगाए गए विभिन्न स्टॉलों के पदाधिकारियों, वीर नारियों एवं आश्रितों से बातचीत की। इस अवसर पर विभिन्न सेना एवं रक्षा लेखा अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पूर्व सैन्यकर्मी उपस्थित थे।

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